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चालू करा लें वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, वर्ना सील हो सकता है मकान, पूर्वी निगम ने 800 को भेजा नोटिस

105 वर्गमीटर की प्रॉपर्टी में अनिवार्य है वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना

Dainik Bhaskar

Aug 12, 2018, 04:39 AM IST
बारिश के पानी को छत से हार्वेस बारिश के पानी को छत से हार्वेस

नई दिल्ली. ऐसे प्रॉपर्टी मालिक जिनके यहां वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चालू नहीं हैं, वे उसे चालू करा लें। ऐसा न हो कि इसके चलते आपकी प्रॉपर्टी सील हो जाए और उसे खुलवाने में आपको भारी जुर्माना चुकाना पड़े। प्रॉपर्टी में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चालू कराने के लिए दिल्ली की सिविक एजेंसियों ने कमर कस ली है।

तीनों एमसीडी और एनडीएमसी ने अपने-अपने इलाकों में ऐसी प्रॉपर्टियों को नोटिस भेजकर वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चालू करने का फरमान जारी करने का फैसला किया है। ईस्ट एमसीडी ने तो इसकी शुरुआत भी कर दी है और एक महीने के अंदर वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चालू करने का आदेश दिया है। वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चालू न करने की स्थिति में बिल्डिंग प्लान रद्द होने के साथ ही प्रॉपर्टी सील भी हो सकती है।

एमसीडी के दोनों जोन अभी और प्रॉपर्टी का सर्वे कर नोटिस भेजने की तैयारी में : ईस्ट एमसीडी ने अपने इलाके में 800 प्रॉपर्टी के मालिकों को 30 दिन के अंदर वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चालू करने का नोटिस भेजा है। एमसीडी के दोनों जोन अभी और प्रॉपर्टी का सर्वे कर उन्हें नोटिस भेजने की प्लानिंग कर रहे हैं। अभी सिर्फ 2012 के बाद सेंक्शन हुए बिल्डिंग प्लानों का सर्वे हो रहा है।

ये है नियम... ईस्ट एमसीडी की तरह ही साउथ और नॉर्थ एमसीडी ने नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद् भी अपने इलाके में ऐसी प्रॉपर्टी ढूंढ रही है, जहां वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं हैं। गौरतलब है कि 105 वर्गमीटर और उससे ऊपर के सेंक्शन बिल्डिंग प्लान में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना जरूरी है। बिना इस प्रावधान के बिल्डिंग प्लान पास नहीं हो सकता। इस बात का जिक्र बिल्डिंग बॉयलॉज में स्पष्ट तौर पर कही गई है। बॉयलॉज में सिस्टम लगाना इसलिए जरूरी किया गया क्योंकि ग्राउंड वॉटर लेवल लगातार गिर रहा है।

ईस्ट एमसीडी की 150 प्रॉपर्टी में चालू हुआ सिस्टम : ईस्ट एमसीडी अपने इलाके की प्रॉपर्टी के मालिकों को वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के नोटिस भेज ही रही है। इसके साथ ही वह अपनी प्रॉपर्टी में भी यह सिस्टम दुरुस्त कर रही है। जानकारी के मुताबिक ईस्ट एमसीडी की तमाम स्कूल बिल्डिंग, कार्यालय मिलाकर करीब 220 प्रॉपर्टी हैं। इनमें से 150 में वाॅटर हार्वेस्टिंग सिस्टम शुरू हो गया है।

ग्राउंड वॉटर लेवल ठीक रखने के लिए है हार्वेस्टिंग सिस्टम : वाॅटर हार्वेस्टिंग सिस्टम घटते ग्राउंड वॉटर लेवल को बनाए रखने में काफी हद तक काम करता है। वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जरिए बारिश के पानी को एक जगह एकत्र किया जाता है। इससे बारिश का पानी जमीन में चला जाता है। इससे ग्राउंड वॉटर लेवल को बनाए रहने में काफी हद तक मदद मिलती है।

एमसीडी 2012 से पहले के सेंक्शन बिल्डिंग प्लानों को भी नोटिस भेजेगी: सूत्रों के मुताबिक 2012 के बाद ईस्ट एमसीडी ने लगभग 2500 बिल्डिंग प्लान सेंक्शन किए थे। यहां एमसीडी 2012 से पहले के सेंक्शन बिल्डिंग प्लानों को भी नोटिस भेजेगी। नोटिस भेजने के साथ ही डीडीए से इस बारे में सलाह ली जा रही है कि यदि नोटिस भेजने के बाद भी वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चालू नहीं किए जाते तो उन पर क्या कार्रवाई की जाए। सूत्रों का कहना है कि एमसीडी सीलिंग की कार्रवाई भी कर सकती है।

दक्षिण और पश्चिम दिल्ली में 20-30 मीटर तक नीचे गया ग्राउंड वॉटर लेवल: केंद्रीय भू-जल बोर्ड द्वारा सुप्रीम कोर्ट में मई 2000 से मई 2017 की दायर रिपोर्ट में भी बताया है कि दिल्ली का जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। ये दिल्ली की जनता के लिए अच्छी रिपोर्ट नहीं है। आने वाले समय इसके घातक परीणाम देखने को मिल सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिणी दिल्ली, पश्चिमी, दक्षिण-पूर्व, नई दिल्ली, उत्तर पूर्वी, उत्तर-पश्चिमी, शाहदरा और पूर्वी दिल्ली में हालात खतरनाक हो चुके हैं। राष्ट्रीय राजधानी के नवीनतम सर्वेक्षण जो 19 मार्च 2018 को जारी किया गया था के अनुसार दक्षिण और पश्चिम दिल्ली में कुछ स्थानों पर जल स्तर, जमीन स्तर से 20 से 30 मीटर नीचे चला गया है। दिल्ली के पांच जिलों में गिरते भू-जल स्तर के कारण हालात खतरनाक स्थिति में पहुंच गए हैं। यह हर साल एक से दो मीटर नीचे गिर रहा है।

ग्राउंड वाॅटर लेवल रिचार्ज करने में मिलती है मदद: रेन वाॅटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जरिए ग्राउंड वॉटर लेवल रिचार्ज करने में मदद मिलती है। सिस्टम के जरिए रेन वॉटर जमीन में नीचे चला जाता है। यह सिस्टम तालाब और बावड़ियों की तरह काम करता है।

ऐसे भी करें रेन वाॅटर हार्वेस्टिंग: कुओं में पानी उतारना| बारिश के पानी को छतों से पाइप के जरिए घर के या पास के किसी कुआं में उतारा जाता है, इससे पानी में एकत्र हो जाता है। ग्राउंड लेवल बढ़ जाता है।

ट्यूबवेल में पानी उतारना: छत पर बरसाती पानी को इकट्ठा कर पाइप से ट्यूबवेल में उतारा जाता है। इसमें पाइप के बीच फिल्टर लगाया जाता है, इससे ट्यूबवेल का जल हमेशा एक समान बना रहता है।

रेन वाॅटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चालू करने को एक महीने का समय: हमारी कोशिश है कि वे सभी लोग अपने यहां वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चालू कर लें जिनके लिए यह जरूरी है। इसलिए लोगों को एक महीने का समय दिया जा रहा है। सिस्टम नहीं लगाने वालों पर क्या कार्रवाई की जाए इसका जिक्र डीएमसी एक्ट में नहीं है, इसलिए हमने डीडीए से यह बात पूछी है कि यदि लोग सिस्टम चालू नहीं करते तो क्या-क्या कार्रवाई की जा सकती है। -डॉ. रणबीर सिंह, कमिश्नर, ईस्ट एमसीडी

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