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10वीं तक ही पढ़ा था यूपी के सबसे बड़ा भूमाफिया, 2500 करोड़ की गड़बड़ी करने का था आरोप

बाइक से आए दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोली चलाकर मोती गोयल को मौत के घाट उतार दिया।

​सुनील मौर्य | Last Modified - Apr 17, 2018, 05:38 AM IST

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    इसी विवादित प्लॉट पर निर्माण कार्य के दौरान की गई मोती गोयल की हत्या।

    नोएडा. भूमाफिया मोती गोयल साल 2000 के पहले से ही सरकारी जमीनों पर कब्जा करने में लगा था। हालांकि, किसी बड़े घोटाले में उसका नाम पहली बार 2002 में आया था। तब उसने गाजियाबाद के अर्थला गांव के रकबे की करीब 52 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया था। इस जमीन की कीमत 520 करोड़ रुपए बताई गई थी। इस मामले में राजस्व अधिकारी की शिकायत पर गाजियाबाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इसके अलावा, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कुल 2500 करोड़ रुपए के घोटाले की बात सामने आई।

    13 साल पहले मोती की गिरफ्तारी को लेकर मुलायम ने पुलिस काे लगाई थी फटकार

    मार्च 2005 में तत्कालीन सीएम मुलायम सिंह यादव ने नोएडा-गाजियाबाद पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा था कि इटावा व अन्य जिलों की पुलिस बड़े-बड़े बदमाशों को मार रही है। ये लोग एक भूमाफिया को पकड़ नहीं पा रहे हैं। इसके बाद करीब 15 दिन घेराबंदी करने के बाद ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर से अप्रैल 2005 में मोती गोयल को गिरफ्तार किया गया था।

    2005 में दर्ज किए गए थे एक दर्जन से ज्यादा मामले
    - इसके बाद मोती गोयल के खिलाफ नोएडा-गाजियाबाद में एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज किए गए थे। 2006 में हाईकोर्ट के आदेश पर मामला सीबीआई के हवाले कर दिया गया था।

    - अभी गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट में ट्रायल चल रहा था। इसमें तीन दिन पहले भी मोती गोयल ने बयान दर्ज कराया था। 16 अप्रैल सोमवार को भी दोपहर 3 बजे उसने कोर्ट में हाजिरी लगाई थी। हालांकि, कोर्ट में सुनवाई टालकर मंगलवार को कर दी गई थी।

    - इसके बाद वह गाजियाबाद के नवयुग मार्केट स्थित अपने घर चला गया था। घर से सोमवार शाम 4 बजे अपने ड्राइवर के साथ नोएडा पहुंचा और उसके कुछ देर बाद ही गोली मारकर हत्या कर दी गई।

    ड्राइवर गोयल को छोड़ते ही 10 मिनट के लिए गया था
    जांच में पता चला है कि मोती गोयल ड्राइवर के साथ नोएडा के प्लॉट पर पहुंचा था। वहां ड्राइवर कैलाश करीब 10 मिनट के लिए कहीं चला गया था। तभी बाइक से दो बदमाश आए और 20 कदम पैदल चलकर मोती गोयल के पास पहुंचे। दोनों ने महज 30 सेकंड बात की और फिर ताबड़तोड़ गोली चलाकर मौत के घाट उतार दिया। बता दें कि ड्राइवर डेढ़ साल से मोती गोयल के यहां काम कर रहा है। इस मामले में ड्राइवर भी शक के दायरे में है।

    नोएडा में गोयल के प्लॉट पर कर लिया था कुछ लोगों ने कब्जा

    - हजारों बीघे की जमीन पर कब्जा करने वाले मोती गोयल की नोएडा के बरौला इलाके के मेन रोड पर ही 5 एकड़ के प्लॉट पर कुछ लोगों ने कब्जा जमा लिया था। दरअसल, यहां के कुछ लोगों को पता चला कि यह खाली जमीन भूमाफिया की है, इसलिए उसी पर जानबूझकर कब्जा किया था।

    - इस संबंध में मोती गोयल पिछले 7-8 महीने से पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर खाली करा रहा था। इस संबंध में कुछ लोगों से मारपीट होने पर जनवरी 2018 में ही उसने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर भी कराई थी। - उसके बाद पुलिस के हस्तक्षेप करने के बाद अभी एक महीने पहले ही प्लॉट खाली हुआ तब मोती गोयल वहां गोयल मार्बल मार्केट का बोर्ड लगाकर कमर्शियल बिल्डिंग बनवा रहा था। इसी के लिए कुछ दिनों से नींव की खुदाई करवा रहा था।

    सरकारी रिकॉर्ड ही बदलवा देता था
    2004 में तत्कालीन एसडीएम ने बताया था कि गाजियाबाद के जिला बनने के बाद यहां की 500 खतौनी गायब हो चुकी हैं। मोती गोयल और अशोक छाबड़ा ने 1952 के बाद बने सरकारी रिकॉर्ड में ही हेराफेरी करा दी थी। सरकारी जमीन को किसी के नाम पर अलॉट कराने के बाद वहां से किसी बड़े प्रोजेक्ट की प्लानिंग कराकर करोड़ों का मुआवजा लेते थे।

    2001 में एनकाउंटर में आया था नाम
    मोती गोयल की वेस्टर्न यूपी के गैंगस्टर सतवीर से करीबी दोस्ती थी। इस गैंगस्टर के विरोधी राजेंद्र उर्फ पप्पन को 2001 में ही गाजियाबाद पुलिस ने एनकाउंटर में मार दिया था। इसके पीछे मोती गोयल की शह बताई गई थी। ऐसे में बदमाशों से पुरानी रंजिश के एंगल से भी जांच हो रही है।

    10वीं तक ही पढ़ा और प्लाईवुड का बिजनेस शुरू किया

    - 1964 से 1970 तक मोती गोयल के साथ पढ़ाई करने वाले गाजियाबाद के एडवोकेट व बीजेपी नेता विजय मोहन ने बताया कि उसका परिवार पहले से ही आर्थिक रूप से मजबूत था। वह नवयुग मार्केट में रहता था और पिता भी बिजनेस करते थे।

    - मोती गोयल ने गाजियाबाद के शंभू इंटर कॉलेज में 6वीं कक्षा से लेकर 10वीं तक पढ़ाई की थी। वह पढ़ने में औसत था। 1970 में 10वीं की पढ़ाई के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी।

    - उसके काफी समय बाद पता चला कि घर के पास ही जयमाता के नाम से प्लाईवुड फैक्ट्री शुरू की थी। उसके बाद ही धीरे-धीरे वह जमीन खरीदने व बेचने का भी बिजनेस करने लगा। वह अधिकारियों से मिलीभगत करके अरबों की भूमि की हेराफेरी करने लगा। कुछ साल में 1000 बीघे से ज्यादा जमीन का मालिक बन गया था।

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    गाजियाबाद के रहने वाले मोती गोयल के खिलाफ सीबीआई की अदालत में 3 मामले चल रहे हैं। -फाइल
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    100 करोड़ के प्लाट पर गोयल बना रहा था मार्बल मार्केट।
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Web Title: Uttar Paradesh Biggest Land Mafia Moti Goyal Killing Inside Story
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