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गांव जुडौला रेलवे लाइन पर बने अंडरपास में भरा बरसाती पानी, अन्य गांवों से टूटा संपर्क

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2018, 02:00 AM IST

News - रविवार को आई तेज बारिश गांव जुडौला के ग्रामीणों के लिए आफत बन गई है। रेलवे विभाग की अनदेखी के कारण रेलवे लाइन के...

गांव जुडौला रेलवे लाइन पर बने अंडरपास में भरा बरसाती पानी, अन्य गांवों से टूटा संपर्क
रविवार को आई तेज बारिश गांव जुडौला के ग्रामीणों के लिए आफत बन गई है। रेलवे विभाग की अनदेखी के कारण रेलवे लाइन के नीचे बने पुल में बरसाती पानी भर जाने से ग्रामीणों का अन्य गांवों से संपर्क टूट गया है। बरसात के तीन दिन बाद भी विभाग द्वारा पानी की निकासी नहीं करने के कारण ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि अंडरपास के अलावा विकल्प के रूप में कोई और मार्ग तैयार नहीं किया गया तो वह रेल मार्ग जाम करने पर विवश हो सकते हैं। ग्रामीण रेल विभाग के अधिकारियों और रेल मंत्री तक से अपनी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।

सरपंच सुभाष चंद, चौधरी टेकचंद, नरेंद्र, ब्रह्मप्रकाश, सुरेंद्र, राजेश कुमार, रमेश कुमार, पूजा, पिंकी, अन्नु लता, सीमा, रणसिंह, नरेश कुमार, मुशदी लाल पूर्व सरपंच, करण सिंह नंबरदार आदि ने बताया कि वर्ष 2016 में जब रेलवे विभाग द्वारा गांव जुडौला में दिल्ली-रेवाड़ी रेल पर पातली स्टेशन जुडौला जोडी सांपका के बीच किलो मीटर संख्या 50/4-5 पर लेवल क्रासिंग न. 38 सी है जिसको बंद करके थोड़ी दूरी पर अंडरपास प्रस्तावित था। उस दौरान ग्राम पंचायत ने मंडल रेल प्रबंधक को प्रस्ताव भेज कर अंडरपास के डायवर्जन के लिए आग्रह किया था कि जो विभाग द्वारा ड्राइंग बनाई है वह हिस्सा झील में है। जिसके कारण जलभराव की हालत हमेशा भरी रहेगी। पर विभाग ने ग्रामीणों की किसी बात पर ध्यान नहीं दिया और मनमर्जी चलाते हुए अंडरपास का निर्माण कर रेलवे लाइन के ऊपर से बने फाटक के मार्ग को बंद कर दिया। जब भी बरसात आती है तो गांव जुडौला के ग्रामीणों को आसपास के तीन दर्जन से अधिक गांवों से संपर्क टूट जाता है। ग्रामीणों का संपर्क सिर्फ फर्रुखनगर शहर से ही रहता है। अगर ग्रामीणों को सीमावर्ती गांव में जाना हो तो उसके लिए या तो बाइक व स्कूटर आदि वाहन से रेलवे लाइन पार करनी पड़ती है या फिर 30 किलो मीटर लंबा सफर तय करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। पिछले तीन दिन से गांव के लोगों का दैनिक उपयोग के कार्य तो प्रभावित हो रहे हैं, साथ में आवागमन भी बंद है। उन्होंने बताया कि रेलवे विभाग के पीएमओ, डीआरएम और रेल मंत्री तक गुहार लगा कर अंडरपास के साथ ही विकल्प के रूप में रेलवे लाइन पर फाटक बनाने की गुहार लगा चुके हैं। ग्रामीणों को जान हथेली पर रखकर रेलवे लाइन पार करने के कारण कभी भी रेल मार्ग जाम करने पर विवश हो सकते हैं। रेलवे विभाग द्वारा अंडरपास के समीप बरसाती पानी की निकासी के लिए लगाए गए पंप भी फैल हो गए है। अंडरपास में सबसे अधिक पानी गांव बाबडा, ख्वासपुर का आता है जिसके कारण वह ओवरफ्लो हो जाता जिसके कारण रास्ता जाम हो जाता है। अंडरपास में करीब 10 से 12 फीट गहराई तक बरसात का पानी जमा हुआ है।

फर्रुखनगर. गांव जुडौला में रेलवे ट्रैक अंडरपास के अंदर भरा बरसात का पानी।

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