दिल्ली न्यूज़

  • Hindi News
  • Union Territory News
  • Delhi News
  • News
  • 4 दिन पहले जारी हो गया था अलर्ट... 2 दिन से उखड़ रही थीं सांसें, तब जागीं एजेंसियां, तीसरे दिन की बैठक
--Advertisement--

4 दिन पहले जारी हो गया था अलर्ट... 2 दिन से उखड़ रही थीं सांसें, तब जागीं एजेंसियां, तीसरे दिन की बैठक

मौसम विभाग 8 जून से लगातार अलर्ट जारी कर रहा था कि दिल्ली में 12 से 14 जून तक धूल भरी हवाएं चलेंगी। 11 जून की दोपहर से ही...

Dainik Bhaskar

Jun 15, 2018, 02:05 AM IST
4 दिन पहले जारी हो गया था अलर्ट... 2 दिन से उखड़ रही थीं सांसें, तब जागीं एजेंसियां, तीसरे दिन की बैठक
मौसम विभाग 8 जून से लगातार अलर्ट जारी कर रहा था कि दिल्ली में 12 से 14 जून तक धूल भरी हवाएं चलेंगी। 11 जून की दोपहर से ही धूल भरी हवाएं दिल्ली पहुंचने लगीं। करीब दो दिनांे तक इन हवाओं के कारण दिल्ली का दम फूलता रहा लेकिन प्रदूषण पर निगरानी रखने वाली एजेंसियां सोती रहीं। 14 जून को इन एजेंसियों की नींद टूटी। गुरुवार अपराह्न 3 बजे एलजी के साथ दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (डीपीसीसी) के अधिकारियों की बैठक हुई। करीब 55 मिनट चली इस मीटिंग में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जरूरी कदम उठाने का फैसला लिया गया। दिल्ली में पॉल्यूशन लेवल अब भी बेहद खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। बुधवार और गुरुवार को लगातार दो दिनों से एयर क्वालिटी इंडेक्स सीवियर कैटेगरी में दर्ज हो रहा है। बुधवार को एक्यूआई 445 और गुरुवार को एक्यूआई 431 दर्ज हुआ।

जानिए... बैठकों में लिए जाने वाले फैसलों की हकीकत

पॉल्यूशन बढ़ने के समय एनवायरनमेंट पॉल्यूशन प्रिवेंशन एंड कंट्रोल अथॉरिटी (ईपीसीए) की ओर से अक्टूबर से जून के बीच कई बैठकें की गईं और उनमें कई फैसले भी लिए गए लेकिन हुआ कुछ नहीं।

24 नवंबर

पार्किंग चार्ज बढ़ाने पर आगे कुछ हुआ ही नहीं

फैसला-1 | प्रदूषण 48 घंटे तक लगातार इमरजेंसी लेवल पर रहेगा तो पार्किंग चार्ज चार गुना तक बढ़ा दिया जाएंगे।

हकीकत | व्यवस्था जमीनी स्तर पर ठीक से लागू ही नहीं हो पाई। कमिश्नर को पत्र लिखने के बाद कुछ नहीं हुआ।

फैसला-2 | दिल्ली-एनसीआर में सबसे पहले ऑड-ईवन को लागू करने की बात हुई थी। मैनुअल नोट बनाना था।

हकीकत | अभी तक ऑड-ईवन की शर्तें बताने वाला मैनुअल नोट ही नहीं तैयार किया गया है। बात सिर्फ चर्चा तक।

2000

1150 MGCM

1500

1000

वजह : गाजीपुर लैंडफिल साइट में आग

500

15 अक्टूबर

22 दिसंबर

खुद-ब-खुद रेड अलर्ट मैसेज भेजने की तैयारी भी फुस्स

फैसला-1 | 48 घंटे तक लगातार पॉल्यूशन खतरनाक लेवल पर रहा तो पर्यावरण विभाग ने रेड अलर्ट मैसेज जारी होगा।

हकीकत | इस तरह का रेड अलर्ट मैसेज जारी करने को लेकर उस बैठक के बाद आगे एक भी कदम नहीं उठाया गया।

फैसला-2 | ट्रकों की एंट्री पर पाबंदी के लिए दिल्ली पुलिस से एनसीआर के डीजी के साथ काम करने की बात हुई थी।

हकीकत | ट्रकों को पहले ही डायवर्ट करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। न ही दिल्ली पुलिस ने कोई कदम उठाया।

ऐसे बढ़ा पीएम 10 का लेवल

1300 MGCM

वजह : पराली का धुआं

07 नवंबर

1700 MGCM

वजह :रेतीली गर्म हवा से बढ़ा पीएम 10 का स्तर

12 जून

02 फरवरी

अवैध इंडस्ट्रियल एिरया की रिपोर्ट तक नहीं दी

फैसला | अनऑथराइज इंडस्ट्रियल एरिया से फैलने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने और उन पर कार्रवाई के लिए चर्चा हुई। डीपीसीसी और तीनों निगमों से लिस्ट मांगी गई कि कितनी इंडस्ट्रीज रेजिडेंशियल एरिया में काम कर रही हैं। कहा गया कि वे दस दिनों के अंदर उन तमाम इलाकों की लिस्ट लेकर आएं कि कितने इंडस्ट्रियल एरिया दिल्ली में मौजूद हैं। साथ ही उन मालिकों के नाम की भी लिस्ट लेकर आएं जिनके नाम पर इंडस्ट्री रजिस्टर्ड हंै।

हकीकत | अभी तक एजेंसियों ने ईपीसीए को यह जानकारी नहीं दी है कि दिल्ली में कितनी अवैध फैक्ट्रियां चल रही हैं।

और जिम्मेदार कहते हैं कि... हालात में सुधार हुआ है

ईपीसीए : यदि ठीक से काम नहीं होता है तो रिपोर्ट देते हैं


पर्यावरण विभाग : सड़कों पर तुरंत छिड़काव कराएंगे


शुक्रवार 15 जून, 2018 | 2

सीपीसीबी : हम सबके साथ मिलकर बातचीत कर रहे हैं


फोटो | विजय कुमार

X
4 दिन पहले जारी हो गया था अलर्ट... 2 दिन से उखड़ रही थीं सांसें, तब जागीं एजेंसियां, तीसरे दिन की बैठक
Click to listen..