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लोकसभा ने 18 साल बाद मानसून सत्र में सबसे ज्यादा काम किया

शुक्रवार को संसद के मानसून सत्र का समापन हो गया। यह सत्र 18 जुलाई को शुरू हुआ था। 24 दिन का यह सत्र लोकसभा में कामकाज के...

Dainik Bhaskar

Aug 11, 2018, 02:15 AM IST
शुक्रवार को संसद के मानसून सत्र का समापन हो गया। यह सत्र 18 जुलाई को शुरू हुआ था। 24 दिन का यह सत्र लोकसभा में कामकाज के लिहाज से साल 2000 के बाद सबसे ज्यादा प्रोडक्टिविटी वाला मानसून सत्र रहा है। इस दौरान संसद में 21 बिल पेश हुए। जिनमें से 12 दोनों सदनों में पास हो गए। मानसून सत्र में लोकसभा की प्रोडक्टिविटी 110% और राज्यसभा की 66% रही। लोकसभा में 50% और राज्यसभा में 48% समय विधायी संबंधी कामकाज में खत्म हुआ। 16वीं लोकसभा में दोनों सदनों का यह कामकाज 2004 के बाद दूसरे नंबर पर है। इस बार सिर्फ 26% बिल संसदीय कमेटियों के पास भेजे गए हैं। 15वीं लोकसभा में 71% और 14वीं लोकसभा में 60% बिल कमेटियों के पास भेजे गए थे। मानसून सत्र में सबसे अहम एससी-एसटी एक्ट और भगोड़ा (संशोधन) बिल पास हुए।

संसद में 21 बिल पेश किए गए, जिनमें 12 दोनों सदनों में पास हुए

मानसून सत्र-2018 में प्रश्नकाल की प्रोडक्टिविटी और समय

लोकसभा

प्रोडक्टिविटी

मानसून सत्र में लोकसभा में कामकाज का हिसाब

कार्यवाही

14.3 घंटे

50% विधायी काम


30% गैर विधायी

4% वित्तीय

4% अन्य

13% प्रश्न

राज्यसभा

प्रोडक्टिविटी



स्रोत: लेजिस्लेटिव रिसर्च पीआरएस

कार्यवाही

11.5 घंटे

पिछले 7 सत्रों में मानसून सत्र सबसे ज्यादा प्रोडक्टिव

बजट सत्र-2018 में लोकसभा की प्रोडक्टिविटी सिर्फ 21% और राज्यसभा की 31% रही थी। लोकसभा कुल 33.6 घंटे और राज्यसभा 53.2 घंटे चली थी। विंटर सत्र-2017 में लोकसभा की प्रोडक्टिविटी 78% और राज्यसभा की 54% थी। मानसून सत्र-2017 में लोकसभा की प्रोडक्टिविटी 67% और राज्यसभा की 72% थी। 2017 के बजट सत्र में लोकसभा की प्रोडक्टिविटी 108% और राज्यसभा में 86% थी। 2016 के विंटर सत्र की प्रोडक्टिविटी महज 16% और राज्यसभा की 18% थी। मानसून सत्र-2016 में लोकसभा प्रोडक्टिविटी 101% और राज्यसभा में 96% थी। 2016 में बजट सत्र की प्रोडक्टिविटी तीन साल में संसद के सत्रों में सबसे ज्यादा 121% और राज्यसभा की 91% थी।

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