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दो सौ किलोमीटर प्रति घंटा के स्पीड से दौड़ने को तैयार तेजस

विदेश के तरह भारतीय रेल हाई स्पीड रेल की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। मधेपुरा रेल इंजन के द्वारा रूस, चीन, स्वीडन और...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 14, 2018, 03:05 AM IST

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    विदेश के तरह भारतीय रेल हाई स्पीड रेल की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। मधेपुरा रेल इंजन के द्वारा रूस, चीन, स्वीडन और जर्मनी जैसे उन देशों के तरह इसी साल 12000 हार्सपावर से अधिक शक्तिशाली रेल इंजन बनाने के बाद कपूरथला रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) ने 3.25 करोड़ की लागत से 12 कोचों की देश की पहली रेल कोच रैक तैयार कर दी है जाे 200 किलोमीटर के रफ्तार से मौजूदा ट्रैक पर फर्राटा भर सकती है। आरसीएफ के इंजीनियरों द्वारा 12 कोच तैयार तेजस श्रेणी के कोच रैक (ट्रेन ) सुरक्षा और लक्जरी सर्विस में बेजोड़ नमूना है। इस नई तेजस रैक को उत्तर रेलवे इसी माह दिल्ली चंडीगढ़ रूट पर शताब्दी के कोच में रिप्लेस करने की तैयारी है। उत्तर रेलवे के अधिकारी के अनुसार बाद में सभी शताब्दी के कोच को तेजस के इस नई कोच से रिप्लेस किया जाएगा। इस कोच को कपूरथला आरसीएफ से लाकर तुगलका बाद यार्ड में लाइन नबंर आर 41 पर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स की कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। इससे पहले मुबंई से गोवा के रूट पर तेजस एक्सप्रेस ट्रेन चल रही है जिसकी अधिकतम स्पीड प्रति घंटा 180 किलोमीटर है।

    3.25 करोड़ की लागत से पहली रेल कोच रैक तैयार

    नई तेजस को इसी माह दिल्ली चंडीगढ़ रूट पर शताब्दी के कोच में रिप्लेस करने की तैयारी

    वीनीशन विंडो- आकार में बड़ी, बेहतर दृश्य देखा जा सकता है धूप से बचाव के लिए लगे पर्दे पावर से चलेंगे।

    ट्रेन में बायो वैक्यूम टॉयलेट, इंगेजमेंट बोर्ड, हैंड ड्रायर की सुविधा

    पूरी ट्रेन साउंड प्रूफ है, ट्रेन के गेट ऑटोमैटिक हैं।

    वाई-फाई, सीट के पीछे टच स्क्रीन एलईडी, स्मोक डिटेक्टर, सीसीटीवी।

    एक्जक्यूटिव क्लास में अधिक आराम के लिए सीट के पीछे हेडरेस्ट, फूटरेस्ट, पैसेंजर सो कर जा सकते हैं।

    स्टेशनों व अन्य सूचना माइक के अतिरिक्त एलईडी पर भी मिलेगी।

    आरसीएफ द्वारा तैयार नई रेल कोच रैक में वीनीशन विंडो, इंटीरियर सहित कई लगजरी विश्वस्तरीय सुविधाएं दी गई है। - मंजीत सिंह, प्रवक्ता, आरसीएफ कोच फैक्टरी

    लेटने के लिए सुविधाजनक सीट तैयार किए गए

    सीट और छत के निर्माण में नारंगी व पीले रंग का प्रयोग

    कोच के नाम के अनुरूप तेजस यानी सूर्य के नारंगी और पीले रंग से ही इन डोर इंटीरियर विनाइल से की गई है। इसके सीट, छत का भी निर्माण नारंगी और पीले रंग की विदेशी स्पॅाज अौर फैब्रीक से की गई है जिससे बाहरी कोच के तरह अंदर के रंग भी दिखे। ट्रेन के कोच में 56 लोगों के बैठने की क्षमता के साथ एक एग्जीक्यूटिव एसी चेयर कार होगी और प्रत्येक बोगी में 78 सीट क्षमता के साथ 12 एसी चेयर कार होंगी

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