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कॉलेज शिक्षकों के लिए एपीआई सिस्टम खत्म: जावड़ेकर

नई दिल्ली। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि अब कॉलेज टीचर्स के लिए रिसर्च अनिवार्य नहीं है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 14, 2018, 03:05 AM IST

कॉलेज शिक्षकों के लिए एपीआई सिस्टम खत्म: जावड़ेकर
नई दिल्ली। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि अब कॉलेज टीचर्स के लिए रिसर्च अनिवार्य नहीं है। उन्हें छात्रों को बेहतर शिक्षा देने पर फोकस करना होगा। प्रमोशन के लिए अध्यापन के परिणामों पर विचार किया जाएगा। इसके लिए नया असेसमेंट सिस्टम तैयार किया जाएगा। अगर कोई शिक्षक रिसर्च करता है तो उसके अतिरिक्त अंक मिलेंगे। इस दौरान यह भी बताया कि 2021 से असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए पीएचडी जरूरी होगी।’ मौजूदा व्यवस्था में मास्टर्स डिग्री के साथ पीएचडी धारक या नेट क्वालीफाइड लोग असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, एक अधिकारी ने बताया कि कॉलेजों में नियुक्ति के लिए नेट या पीएचडी के साथ मास्टर्स डिग्री ही पात्रता का न्यूनतम पैमाना रहेगा।

एपीआई सिस्टम यूनिवर्सिटी स्तर पर जारी रहेगा। यूनिवर्सिटी के शिक्षकों को रिसर्च पर ध्यान केंद्रित करना होगा। श्रेष्ठ रैंकिंग वाले 500 विदेशी संस्थानों से पीएचडी करने वालों को असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में मान्यता दी जाएगी। इसके लिए खास प्रावधान होंगे। पहली बार कॉलेजोंं में भी प्रोफेसर होंगे। कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में नियुक्त होने वाले नए शिक्षकों को अनिवार्य रूप से एक महीने का इंडक्शन प्रोग्राम करना पड़ेगा। विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर के जितने पद होंगे उनका दसवां हिस्सा वरिष्ठ प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया जाएगा।

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