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जेईई मेन परीक्षा का रिजल्ट सोमवार को घोषित किया गया

जेईई मेन परीक्षा का रिजल्ट सोमवार को घाेषित हो गया। दिल्ली के सिमरप्रीत सिंह ने ऑल इंडिया 9वीं रैंक हासिल की। वह...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:05 AM IST

जेईई मेन परीक्षा का रिजल्ट सोमवार को घोषित किया गया
जेईई मेन परीक्षा का रिजल्ट सोमवार को घाेषित हो गया। दिल्ली के सिमरप्रीत सिंह ने ऑल इंडिया 9वीं रैंक हासिल की। वह दिल्ली के टॉपर रहे। उन्होंने 9वीं कक्षा से ही आईआईटी में दाखिले के लिए पढ़ाई शुरू कर दी थी। सिमरप्रीत दिल्ली के तिलक नगर के आशा पार्क में रहते हैं। अब उनका सबसे बड़ा लक्ष्य 20 मई को होने वाली जेईई एडवांस्ड परीक्षा को क्रैक करना है। सिमरप्रीत की कामयाबी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने छठवीं कक्षा में ही सोच लिया था कि उन्हें इंजीनियर बनना है। सिमरप्रीत का कहना है कि वह कोचिंग जरूर लेते थे। लेकिन खुद पांच घंटे भी पढ़ाई करते थे। कभी पढ़ाई का ज्यादा बोझ लगता था तो रिफ्रेश होने के लिए पैदल चलते थे या रात के समय कॉमेडी सीरियल देख लेते थे। सिमरप्रीत का एक ही प्लान है कि जेईई एडवांस्ड में अच्छी रैंक हासिल कर आईआईटी मुंबई में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में दाखिला लिया जाए। सिमरप्रीत के पिता महेंद्रजीत सिंह बैंक में असिस्टेंट मैनेजर हैं और मां देवेंद्र कौर सलूजा विदेश मंत्रालय में हैं। सिमरप्रीत को फुटबॉल बेहद पसंद हैं। उनके फेवरेट प्लेयर रोनाल्डो हैं।

फिटजी के पंजाबी बाग सेंटर में ली कोचिंग : सिमरप्रीत ने फिटजी के पंजाबी बाग सेंटर में कोचिंग ली थी। उनके 360 में 345 अंक आए हैं। फिटजी में वे कक्षा छह से ही कोचिंग ले रहे थे।

सिमरप्रीत के पिता बैंक में असिस्टेंट मैनेजर और मां विदेश मंत्रालय में हैं

सिमरप्रीत पढ़ाई के बाद रिफ्रेश होने के लिए पैदल चलते हैं या कॉमेडी सीरियल देखते हैं, 360 में से 345 अंक हासिल किए, आईआईटी मुंबई में दाखिले का सपना

जेईई मेन में 9वीं रैंक पाने वाले दिल्ली के सिमरप्रीत रोज 5 घंटे पढ़ते हैं, छठवीं कक्षा से ही शुरू कर दी थी तैयारी, रोनाल्डो है फेवरेट प्लेयर

दिव्यांगों का कट ऑफ माइनस 35 तक गिरा; 1 से 6 तक सभी छात्रों को 350 अंक मिले

नतीजों में आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा के सूरज कृष्णा देशभर में अव्वल रहे। आंध्र के ही केवीआर हेमंत दूसरे स्थान पर हैं। कोटा के पार्थ लथूरिया तीसरे, हरियाणा के प्रणव गोयल चौथे और तेलंगाना के गट्‌टू मायत्रया पांचवें स्थान पर रहे। टॉप-10 छात्रों में तीन कोटा से हैं। इस बार खास बात यह रही कि एक से छह रैंक तक सभी छात्रों को 350-350 नंबर मिले हैं। संभवत: किसी प्रतियोगी परीक्षा में पहली बार ऐसा हुआ है। दिव्यांगों का कट ऑफ माइनस 35 तक गिर गया।

कट-ऑफ दो साल में 100 से गिरकर 74 पहुंचा

कट-ऑफ स्कोर लगातार चौथे साल गिरा है। सामान्य वर्ग में कट-ऑफ पिछले साल 81 अंक था, 2016 में यह 100 अंक था। इस साल यह 74 पर आ गया। इस साल ओबीसी का कट-ऑफ स्कोर 45, एससी का 29 और एसटी का 24 अंक रहा है। एससी का कट-ऑफ दो साल में आधा हो गया है।

जेईई मेन का 3 साल का कट-ऑफ स्कोर

कैटेगरी 2016 2017 2018

सामान्य 100 81 74

ओबीसी 70 49 45

एससी 53 32 29

एसटी 48 27 24

जेईई मेन में 10.74 लाख छात्र हुए शामिल

जेईई मेन 2018 में करीब 11 लाख 35 हजार 84 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। इनमें 8.15 लाख से ज्यादा लड़के और 3.20 लाख से ज्यादा लड़कियां हैं। इनमें से 10 लाख 74 हजार 319 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 2 लाख 31 हजार 24 छात्र एडवांस्ड में पहुंचे हैं।

रिकॉर्ड 6.50 लाख से ज्यादा छात्र एडवांस्ड में पहुंचे

जेईई मेन क्वालिफाई करने वाले छात्रों की संख्या पिछले 3 साल से लगातार बढ़ रही है। 2016 से अब तक 3 साल में 6.5 लाख से ज्यादा छात्र जेईई एडवांस्ड में पहुंचे हैं।

2.31

आकड़े लाख में

2.21

2

2016

2018

2017

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