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नई दिल्ली| खनन के लिए 141.76 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध होने

नई दिल्ली| खनन के लिए 141.76 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध होने के बावजूद 558.53 हेक्टेयर जमीन की नीलामी के नोटिस पर सोमवार को...

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:05 AM IST
नई दिल्ली| खनन के लिए 141.76 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध होने के बावजूद 558.53 हेक्टेयर जमीन की नीलामी के नोटिस पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि आप लोगों को बेवकूफ नहीं बना सकते। आप सत्ता में हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि हर बात का ठीकरा उन पर ही फोड़ दें।

जस्टिस मदन बी. लोकुर और दीपक गुप्ता की बेंच ने माना कि याचिकाकर्ता फर्म जमा की गई राशि वापस पाने की हकदार है। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि वह फर्म को 9 फीसदी ब्याज के साथ रकम वापस करे। कोर्ट ने विज्ञापन में बताई गई और मुहैया करवाई गई जमीन के क्षेत्र में भारी अंतर के मद्देनजर यह आदेश दिया। यह जमीन करनाल जिले में थी। लेकिन याचिकाकर्ता फर्म ने इस पर कब्जा लेने से इनकार कर दिया था। सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार के वकील ने कहा, “यह पता लगाना कंपनी की जिम्मेदारी थी कि जमीन वास्तव में 558.53 हेक्टेयर है या नहीं।’ इस पर नाराजगी जताते हुए बेंच ने कहा, “सिर्फ इसलिए कि आप सत्ता में हैं, हर चीज के लिए आप नागरिकों पर दोषारोपण नहीं कर सकते।

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