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चेक पर साइन न मिलने पर ग्राहकों से वसूले 39 करोड़

Dainik Bhaskar

Jun 10, 2018, 03:05 AM IST

राजीव कुमार/मुकेश कौशिक|नई दिल्ली

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने पिछले 40 माह में 38 करोड़ 80 लाख रुपए सिर्फ चेक पर हस्ताक्षर का मिलान न होने के एवज में ग्राहकों के खाते से काट लिए हैं। इस तरह एसबीआई सालाना औसतन 12 करोड़ रुपए कमाई कर रहा है। वित्त वर्ष 2017-18 में सिर्फ हस्ताक्षर नहीं मिलने की वजह से खाताधारकों के खाते से 11.9 करोड़ रुपए काटे गए हैं। िसर्फ स्टेट बैंक में ही हर दिन दो हजार से ज्यादा चेक रिटर्न हो रहे हैं। इन सभी खाताधारकों के खाते में काटे गए चेक के एवज में पर्याप्त राशि थी। एक आरटीआई के जवाब में बैंक ने माना कि कोई भी चेक रिटर्न हो तो बैंक 150 रुपए चार्ज करता है और इस पर जीएसटी भी लगाता है। यानी हर रिटर्न चेक का खमियाजा खातेदार को 157 रुपए में भुगतना पड़ता है, भले ही उसके खाते में चेक को ऑनर करने की रकम मौजूद हो।

बैंकिंग मामलों पर रिसर्च करने वाले आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर आशीष दास ने बताया कि रिजर्व बैंक के नियमों को ताक पर रखते हुए कई बैंक ग्राहकों से कई गैरवाजिब शुल्क वसूल रहे हैं। हस्ताक्षर नहीं मिलने के नाम पर शुल्क वसूला जाना उनमें से एक है।

40 महीने में लौटाए गए 24 लाख 71 हजार चेक

भारतीय स्टेट बैंक ने पिछले 40 महीने में 24 लाख 71 हजार 544 लाख चेक हस्ताक्षर मेल नहीं होने के कारण लौटाए हैं।


2015-16 600169

2016-17 992474

2017-18 795769

2018-19 83132 (सिर्फ अप्रैल)

शेष | पेज 8 पर

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