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बिना मंजूरी 4 हजार करोड़ का टेंडर जारी

तरुण सिसोदिया | नई दिल्ली tarun.kumar6@dbcorp.in नॉर्थ एमसीडी में पावरफुल सदन को दरकिनार कर 4000 करोड़ रुपए के टेंडर का मामला सामने...

Dainik Bhaskar

Jun 10, 2018, 03:05 AM IST
तरुण सिसोदिया | नई दिल्ली tarun.kumar6@dbcorp.in

नॉर्थ एमसीडी में पावरफुल सदन को दरकिनार कर 4000 करोड़ रुपए के टेंडर का मामला सामने आया है। टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़े होने के बाद प्रक्रिया को सदन से अनुमति मिलने तक के लिए रोक दिया गया है। साथ ही मेयर ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की बात की है। जानकारी के मुताबिक नॉर्थ एमसीडी के चार जोन केशवपुरम, करोल बाग, नरेला और सदर पहाड़गंज जोन में घर-घर से कूड़ा उठाने का काम होना है। इसके लिए एमसीडी के पर्यावरण प्रबंधन सेवा विभाग ने 9 अप्रैल 2018 को टेंडर आमंत्रित करने के लिए नोटिस जारी किया। आदेश के अनुसार 10 मई 2018 तक इसमें कोई भी कंपनी नियमानुसार भाग ले सकती थी। तकनीकी बिड 12 जून को होनी थी और फाइनेंशियल बिड भी 12 जून को ही खुलनी थी। इसके बाद टेंडर अलॉट कर दिया जाता। हैरानी की बात यह है कि एमसीडी ने बिना स्थायी समिति और सदन व मेयर से मंजूरी लिए बिना ये टेंडर आमंत्रित कर लिए। इस टेंडर की राशि 2194 करोड़ बताई जा रही है। वहीं, 1400 करोड़ रुपये का एक मामला कूड़े से बिजली बनाने का भी है।

नियम ये कि... टेंडर जारी करने से पहले सदन की मंजूरी जरूरी

और जिम्मेदार ये बोले...

डेम्स निदेशक : सदन से पास होने के बाद ही कार्रवाई बढ़ेगी

देरी से बचने के लिए टेंडर प्रोसेस शुरू किया था। मगर अब उसे रोक दिया गया है। सदन से पास होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।’

देवेंद्र कुमार, निदेशक (डेम्स), नॉर्थ एमसीडी

स्टैंडिंग कमेटी : हमने प्रक्रिया न अपनाने की बात कही थी

मेरे पास यह मामला आया था। मैंने फाइल में प्रक्रिया अपनाने की बात कहकर मेयर के पास भेजा था।’

-तिलकराज कटारिया, तत्कालीन स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन

नॉर्थ एमसीडी : जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे

‘बिना अनुमति के टेंडर प्रोसेस करना गंभीर मामला है। यह अनुशासनहीनता है, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।’

-आदेश गुप्ता, मेयर, नॉर्थ एमसीडी

तरुण सिसोदिया | नई दिल्ली tarun.kumar6@dbcorp.in

नॉर्थ एमसीडी में पावरफुल सदन को दरकिनार कर 4000 करोड़ रुपए के टेंडर का मामला सामने आया है। टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़े होने के बाद प्रक्रिया को सदन से अनुमति मिलने तक के लिए रोक दिया गया है। साथ ही मेयर ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की बात की है। जानकारी के मुताबिक नॉर्थ एमसीडी के चार जोन केशवपुरम, करोल बाग, नरेला और सदर पहाड़गंज जोन में घर-घर से कूड़ा उठाने का काम होना है। इसके लिए एमसीडी के पर्यावरण प्रबंधन सेवा विभाग ने 9 अप्रैल 2018 को टेंडर आमंत्रित करने के लिए नोटिस जारी किया। आदेश के अनुसार 10 मई 2018 तक इसमें कोई भी कंपनी नियमानुसार भाग ले सकती थी। तकनीकी बिड 12 जून को होनी थी और फाइनेंशियल बिड भी 12 जून को ही खुलनी थी। इसके बाद टेंडर अलॉट कर दिया जाता। हैरानी की बात यह है कि एमसीडी ने बिना स्थायी समिति और सदन व मेयर से मंजूरी लिए बिना ये टेंडर आमंत्रित कर लिए। इस टेंडर की राशि 2194 करोड़ बताई जा रही है। वहीं, 1400 करोड़ रुपये का एक मामला कूड़े से बिजली बनाने का भी है।

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