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ट्रेनों में एसी कोच अटेंडेंट को 13,936 रु. की सैलरी पर साइन करा दे रहे सिर्फ 7 हजार रु.

शेखर घोष | नई दिल्ली shekhar_g@dbcorp.in रेलवे के दिल्ली मंडल की ट्रेनों के एसी कोचों में काम करने वाले अटेंडेंट को तय वेतन से...

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2018, 03:05 AM IST
ट्रेनों में एसी कोच अटेंडेंट को 13,936 रु. की सैलरी पर साइन करा दे रहे सिर्फ 7 हजार रु.
शेखर घोष | नई दिल्ली shekhar_g@dbcorp.in

रेलवे के दिल्ली मंडल की ट्रेनों के एसी कोचों में काम करने वाले अटेंडेंट को तय वेतन से आधा दिया जा रहा है। विग्योर इन्फो प्राइवेट लिमिटेड जनवरी 2017 से दिल्ली मंडल को अटेंडेंट मुहैया करा रही है। यह कंपनी एक हजार एसी कोच में अटेंडेंट लगाती है। इन्हें केंद्र द्वारा तय न्यूनतम वेतन वेज के अनुसार 13,936 रुपए मिलने चाहिए लेकिन इनसे पूरे वेतन पर जबरन साइन करवाकर सात हजार से कम वेतन दिया जा रहा है। दिल्ली के पांच कोच डिपो में से चार सराय रोहिल्ला, नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और आनंद विहार में ये गोलमाल चल रहा है। कांट्रैक्टर के शोषण से परेशान होकर सराय रोहिल्ला डिपो में काम करने वाले 250 में से 150 अटेंडेंट हड़ताल पर चले गए हैं। इस कारण सराय रोहिल्ला से चलने वाली जम्मूतवी, गरीब रथ, दूरंतो, बीकानेर, उधमपुर, इंदौर इंटरसिटी, मगध, सीकर सहित 11 ट्रेनों के अप-डाउन मिलाकर कुल 22 ट्रेनों के एसी कोचों की सर्विस ठप हो गई है।

150 एसी कोच अटेंडेंट हड़ताल पर गए, दूरंतो, गरीब रथ जैसी 11 ट्रेनों में सेवा बाधित

कंपनी की सफाई... हम 9,724 रुपए वेतन दे रहे हैं

कर्मचारियों को 9724 रु. वेतन दे रहे हैं। जो ट्रेन अटेंडेंट टॉवल, चादर, कंबल की सही संख्या जमा नहीं करते उनके वेतन से पैसा काटा जाता है। पहले अधिकारी 9724 रु. वेतन पर साइन कर रहे थे। पर आलोक भट्ट ने पुराने वेतन पर साइन करने से मना किया तो कर्मचारियों से 13936 रु. पर हस्ताक्षर करवाकर जमा कर दिया।

-मुकेश शुक्ला, प्रोजेक्ट हेड (रेल ऑपरेशन), इन्फो प्रा. लिमिटेड

केंद्र सरकार : ईपीएफ फंड न जमा कराना चिंताजनक

जिन ठेकेदारों के पास प्रोविडेंट विभाग का सीरियल नंबर नहीं है, अगर कांट्रैक्टर कर्मचारियों को पीएफ व ईएसआई की सुविधा नहीं देता है तो हम कांट्रैक्टरों से राशि भी नहीं वसूल सकते, जाे कर्मचारियों से ली गई है।- डॉ. वीके मिश्रा, अनुभाग अधिकारी, रिकवरी, प्रोविजनल प्रोविडेंट विभाग, केंद्र

डीआरएम... कांट्रैक्टर 13,936 रुपए वेतन दिखाता है

रेलवे इस तरह के काम में सतर्कता बरत रही है। पर कांट्रैक्टर रेलवे को कर्मचारियों से वेतन की शीट पर तो 13936 रु. प्रति माह वेतन दिखाता है। उस शीट पर कर्मचारियों के हस्ताक्षर भी होते हैं। इससे रेलवे को कांट्रैक्टर को भुगतान करना होता है। पर मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ ठेकेदार कर्मचारियों के एटीएम अपने पास लेकर रकम निकाल लेते हैं।

- आरएन सिंह, डीआरएम, दिल्ली मंडल

फेडरेशन : रेल मंत्री से कर चुके हैं इसकी शिकायत

वेतन के भुगतान के मामले में कांट्रैक्टर के साथ-साथ अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी, जिन्होंने टेंडर दिया है। कर्मचारियों का शोषण रेलवे अधिकारियों के सहयोग से हो रहा है। रेल मंत्री से बात की थी। -शिव गोपाल मिश्रा, महामंत्री, ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन

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