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एयर इंडिया में सरकार का पूरा 100% हिस्सा बेचने पर विचार

सरकार 24% इक्विटी रखने पर अड़ी नहीं है : सचिव

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 13, 2018, 03:05 AM IST

सरकार 24% इक्विटी रखने पर अड़ी नहीं है : सचिव

पिछले महीने एयरलाइन की 76% इक्विटी बेचने की कोशिश नाकाम रही थी

एजेंसी | नई दिल्ली

एयर इंडिया की 76% हिस्सेदारी बेचने में नाकाम रहने के बाद सरकार अब पूरी 100% इक्विटी बेचने पर विचार कर रही है। पिछले महीने खत्म हुई बिडिंग अवधि में किसी भी कंपनी ने इसमें रुचि नहीं दिखाई थी। माना जा रहा है कि सरकार द्वारा 24% इक्विटी अपने पास रखना इसकी बड़ी वजह थी। वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने बताया कि सरकार जिन विकल्पों पर विचार कर रही है, उनमें पूरी 100% इक्विटी बेचना भी शामिल है। गर्ग ने कहा, पहले एक स्ट्रैटजी के तहत प्रस्ताव ऑफर किया गया था, लेकिन वह खरीदारों को पसंद नहीं आया। इसलिए अब कुछ नया करना पड़ेगा। सरकार 24% इक्विटी अपने पास रखने पर अड़ी नहीं है। इसपर भी विचार हो सकता है। उड्‌डयन मंत्री सुरेश प्रभु भी कह चुके हैं कि एयर इंडिया के विनिवेश पर मंत्रिसमूह में फिर से विचार होगा।

इंडिगो ने एयर इंडिया को खरीदने में रुचि दिखाई थी। लेकिन जब उसे पता चला कि सरकार अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस नहीं बेच रही है, तो उसने हाथ खींच लिए। एयर इंडिया लगातार घाटे में है। दो साल में इसे और 13,000 करोड़ का घाटा होने की उम्मीद है। यह लगातार तीन महीने से 11,000 कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दे पा रही है।

सरकार24% हिस्सेदारी रखना चाहती थी ताकि निवेशकों का भरोसा बढ़े

एयरइंडिया पर कुल मिलाकर करीब 55,000 करोड़ रुपए का कर्ज है। सूत्रों के मुताबिक सरकार एयर इंडिया में इसलिए 24% हिस्सेदारी रखना चाहती थी ताकि निवेशकों का भरोसा बढ़े। लेकिन यही सबसे बड़ी अड़चन बन गया। सरकार चाहती थी कि एयरलाइन को खरीदने वाला 33,000 करोड़ का कर्ज भी खरीदे।

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