--Advertisement--

हर कमजोर बैंक के लिए अलग एजेंडा होगा: गोयल

कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल गुरुवार को 11 सरकारी बैंकों के प्रमुखों से मिले। इन सभी बैंकों की माली हालत खराब...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 03:10 AM IST
हर कमजोर बैंक के लिए अलग एजेंडा होगा: गोयल
कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल गुरुवार को 11 सरकारी बैंकों के प्रमुखों से मिले। इन सभी बैंकों की माली हालत खराब है। रिजर्व बैंक ने इन्हें त्वरित कार्रवाई (प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन पीसीए) वाली श्रेणी में डाल रखा है। बैठक के बाद गोयल ने कहा, ‘अगले कुछ दिनों में हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इन बैंकों को मजबूत बनाने और पीसीए श्रेणी से बाहर लाने के लिए सरकार से हरसंभव मिले। हर बैंक का अलग एजेंडा तैयार किया जाएगा। अरुण जेटली के बीमार होने के कारण पीयूष गोयल को इसी हफ्ते वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। गोयल ने बताया कि जेटली की हालत तेजी से सुधर रही है।

रिजर्व बैंक जिन बैंकों को पीसीए श्रेणी में रखता है, उनके जोखिम वाले कर्ज और डिविडेंड देने पर रोक लग सकती है। प्रमोटर को अतिरिक्त पूंजी लगाने को कहा जा सकता है। नई ब्रांच खोलने पर रोक लग सकती है। मैनेजमेंट का सैलरी पैकेज कम हो सकता है।

ये 11 बैंक हैं त्वरित कार्रवाई की श्रेणी में

देना बैंक, इलाहाबाद बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, कॉरपोरेशन बैंक, आईडीबीआई बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और बैंक ऑफ महाराष्ट्र।

सरकारी मदद का 59% इन्हीं बैंकों को मिला

2017-18 में केंद्र ने सरकारी बैंकों को करीब 88,139 करोड़ रुपए की पूंजी दी गई। इसमें से 59% यानी 52,311 करोड़ पीसीए श्रेणी के बैंकों को दिए गए।

5 बैंकों को पिछले साल 18,000 करोड़ का घाटा

पीसीए में शामिल 5 बैंकों ने अभी तक मार्च तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। सभी नुकसान में हैं। इन्हें 2017-18 में कुल मिलाकर 18,050 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है।

X
हर कमजोर बैंक के लिए अलग एजेंडा होगा: गोयल
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..