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सरकारी नौकरी का सपना दिखा ठगने वाले गैंग के 2 अरेस्ट, विभिन्न मंत्रालयों के 12 पास, पहचान पत्र, 17 फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2018, 03:15 AM IST

News - बेरोजगारों को रेलवे, मिनिस्ट्री ऑफ कम्यूनिकेशन और केंद्रीय विद्यालय संगठन में ग्रुप सी और डी की नौकरी का सपना...

सरकारी नौकरी का सपना दिखा ठगने वाले गैंग के 2 अरेस्ट, विभिन्न मंत्रालयों के 12 पास, पहचान पत्र, 17 फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद
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बेरोजगारों को रेलवे, मिनिस्ट्री ऑफ कम्यूनिकेशन और केंद्रीय विद्यालय संगठन में ग्रुप सी और डी की नौकरी का सपना दिखाकर ठगने वाले गैंग को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी पहचान तिलक नगर निवासी उत्तम सिंह (41) और शकरपुर निवासी सचित राणा (34) के रूप में हुई है। आरोपी एक उम्मीदवार से पांच से सात लाख रुपए ऐंठ लेते थे। उम्मीदवारों को विश्वास में लेने के लिए वे उनकी फर्जी परीक्षा लेने के साथ उनका मेडिकल और ट्रेनिंग तक करा देते थे। आरोपियों के पास से विभिन्न मंत्रालयों के 12 पास और पहचान पत्र के साथ 17 फर्जी नियुक्ति पत्र, आठ रबड़ स्टांप, ब्लैक फॉर्म और एक कार बरामद हुई है। उत्तम सिंह गैंग का सरगना है। स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाह ने बताया कि दोनों आरोपियों को 30 जून को लक्ष्मीनगर इलाके से पकड़ा गया था। मिली जानकारी के अनुसार, आठवीं तक पढ़े उत्तम सिंह ने वर्ष 2003 में सरकारी महकमे में कॉन्ट्रेक्ट पर काम करना शुरू किया। चार साल तक वह आकाशवाणी भवन और मिनिस्ट्री ऑफ ट्रांसपोर्ट के अलावा विभिन्न विभागों से जुड़ा रहा। वह ऑफिस असिस्टेंट से लेकर प्रॉपर्टी डीलिंग का भी काम कर चुका है। पिछले साल वह कुछ ऐसे लोगों के संपर्क में आया, जो नौकरी दिलाने के बहाने ठगी करते थे। इसके बाद से उत्तम सिंह भी ठगी का धंधा करने लगा।

हर उम्मीदवार से ऐंठते थे पांच से सात लाख रुपए

सचित ने खुद फर्जी डिग्री के आधार पर की नौकरी

12वीं तक पढ़ा सचित राणा मूलरूप से झारखंड का रहने वाला है। वर्ष 2005 में वह दिल्ली आया और कंप्यूटर डिजाइनिंग का कोर्स किया। इसके बाद एक जगह उसे नौकरी का अवसर मिला, लेकिन वहां स्नातक की डिग्री की जरूरत थी। इसके बाद उसने स्नातक की फर्जी मार्कशीट और डिग्री तैयार की, जिसके आधार पर वर्ष 2007 में फाइनेंस कंपनी ज्वाइन कर ली। इसके बाद उसने कई जगहों पर काम किया। इसी दौरान वह इस गैंग के संपर्क में आया। सचित का काम मंत्रालयों के पास, फर्जी पहचान पत्र और फर्जी नियुक्ति पत्र बनाना था।

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