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नैपकिन, हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम होंगे सस्ते, इन पर जीएसटी घटाने का प्रस्ताव

21 जुलाई को जीएसटी काउंसिल की बैठक में उन वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स रेट घटाने पर विचार हो सकता है जिनसे सरकार के...

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 03:15 AM IST
21 जुलाई को जीएसटी काउंसिल की बैठक में उन वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स रेट घटाने पर विचार हो सकता है जिनसे सरकार के रेवेन्यू पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक ऐसी वस्तुओं में सैनिटरी नैपकिन, हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम शामिल हैं। सर्विसेज इंडस्ट्री स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी सेवाओं पर टैक्स कम करने की मांग कर रही है। जीएसटी रेट पर फैसला जीएसटी काउंसिल ही करती है।

अभी सैनिटरी नैपकिन और ज्यादातर हैंडीक्राफ्ट पर 12% जीएसटी लगता है। नैपकिन पर टैक्स खत्म करने की मांग है। हैंडीक्राफ्ट के बिजनेस में छोटे कारोबारी ज्यादा हैं। इसलिए इन पर भी टैक्स घटाने या खत्म करने की मांग की जा रही है। इस बारे में कोई भी फैसला रेवेन्यू को ध्यान में रखकर किया जाएगा। 2017-18 में जीएसटी से 7.41 लाख करोड़ रुपए आए थे। औसत मासिक कलेक्शन 89,885 करोड़ था। इस वर्ष अप्रैल में कलेक्शन रिकॉर्ड 1.03 लाख करोड़ पहुंच गया था। लेकिन मई में घटकर 94,016 करोड़ और जून में 95,610 करोड़ रुपए आए हैं।

जीएसटी रेट में पहले भी हो चुके हैं 2 बड़े बदलाव

जनवरी 2018

54 सेवाओं और 29 वस्तुओं पर जीएसटी काउंसिल ने टैक्स रेट कम किया।

नवंबर 2017

178 वस्तुओं को 28% स्लैब से हटा कर कम टैक्स स्लैब में लाया गया था। 5-स्टार होटल के रेस्तरां को छोड़ बाकी होटलों पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% किया गया।

मंत्रिसमूह चीनी पर सेस लगाने के खिलाफ

जीएसटी के तहत मंत्रियों की समिति गन्ना किसानों का बकाया चुकाने के लिए चीनी पर सेस लगाने के खिलाफ है। असम के वित्त मंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा की अध्यक्षता वाली समिति ने बुधवार की बैठक में इस पर विचार लिया। शर्मा ने कहा कि चीनी की न्यूनतम कीमत 29 रुपए तय करने के बाद गन्ना किसानों का बकाया 5,000 करोड़ घटकर 18,000 करोड़ रुपए रह गया है। इसलिए अभी चीनी पर सेस लगाने की जरूरत नहीं लग रही। सिफारिशें भेजने से पहले यह एटॉर्नी जनरल की राय का इंतजार करेगी। अगर एटॉर्नी जनरल सेस लगाने की राय देते हैं तो समिति लक्जरी वस्तुओं पर 1% सेस लगाने की सिफारिश कर सकती है। समिति की सिफारिशें 21 जुलाई को काउंसिल की बैठक में रखी जाएंगी। अगर काउंसिल सेस लगाने का फैसला करती है तो इसके लिए बिल लाना पड़ेगा।

खाद्य मंत्रालय चीनी पर 3 रुपए किलो सेस चाहता है

चीनी पर अभी 5% जीएसटी लगता है। खाद्य मंत्रालय ने प्रति किलो 3 रुपए तक सेस लगाने का प्रस्ताव रखा है। इससे साल में करीब 6,700 करोड़ रुपए जमा होंगे। इसका इस्तेमाल शुगर सेक्टर की मदद के लिए किया जाएगा।

एथनॉल पर जीएसटी घटकर 12% हो सकता है

समिति एथनॉल पर जीएसटी 18% से घटाकर 12% करने की सिफारिश कर सकती है। खाद्य मंत्रालय इसे 5% करने की मांग कर रहा है। कैबिनेट ने पिछले महीने शुगर इंडस्ट्री की मदद के लिए 8000 करोड़ का पैकेज मंजूर किया था।