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सर्विस प्रोवाइडर इंटरनेट पर किसी कंटेंट को ब्लॉक नहीं कर सकेंगे

दूरसंचार आयोग ने इंटरनेट के इस्तेमाल में भेदभाव न करने (नेट न्यूट्रैलिटी) संबंधी ट्राई की सिफारिशों को मंजूरी दे...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 12, 2018, 03:15 AM IST

दूरसंचार आयोग ने इंटरनेट के इस्तेमाल में भेदभाव न करने (नेट न्यूट्रैलिटी) संबंधी ट्राई की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। इसके तहत सर्विस प्रोवाइडर इंटरनेट पर किसी कंटेंट या सर्विस को ब्लॉक नहीं कर सकेंगे। किसी खास कंटेंट को ज्यादा स्पीड मुहैया करवाने पर भी पाबंदी रहेगी। हालांकि, रिमोट सर्जरी और ऑटोनॉमस कार जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को न्यूट्रैलिटी नियमों से बाहर रखा जाएगा।

दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन ने बुधवार को बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दूरसंचार विभाग ने नेट न्यूट्रैलिटी के नियमों पर अमल की मॉनिटरिंग के लिए एक बॉडी बनाने का फैसला किया है। इसमें सरकार, टेलीकॉम ऑपरेटर, सिविल सोसायटी, उपभोक्ता संगठन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स प्रोवाइडर के प्रतिनिधि होंगे। आयोग ने नई दूरसंचार नीति को भी मंजूरी दी है। इसमें 2022 तक 6.77 लाख करोड़ के निवेश से 40 लाख नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य है। अब इसे कैबिनेट को भेजा जाएगा।

नई दूरसंचार नीति के प्रमुख लक्ष्य

देश के हर नागरिक को प्रति सेकंड 50 एमबीपीएस का ब्रॉडबैंड कवरेज।

सभी ग्राम पंचायतों को 2020 तक 1 जीबीपीएस की कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना।

सभी ग्राम पंचायतों को 2022 तक 10 जीबीपीएस की कनेक्टिविटी देना।

ग्राम पंचायतों में 12.5 लाख वाई-फाई हॉट स्पॉट लगाए जाएंगे

दूरसंचार आयोग ने दिसंबर, 2018 तक सभी ग्राम पंचायतों में 12.5 लाख वाई-फाई हॉट स्पॉट लगाने को मंजूरी दी है। इसे व्यावहारिक बनाने के लिए 6,000 करोड़ रुपए की वायबिलिटी गैप फंडिंग की जाएगी।

इंडस्ट्री पर 8 लाख करोड़ का कर्ज

टेलीकॉम पॉलिसी में बदलाव ऐसे समय किया जा रहा है जब इंडस्ट्री दिक्कतों का सामना कर रही है। टेलीकॉम इंडस्ट्री पर कर्ज का बोझ 8 लाख करोड़ रुपए हो गया है। पुरानी कंपनियों का रेवेन्यू और प्रॉफिट दबाव में है। इससे सेक्टर में विलय-अधिग्रहण रफ्तार बढ़ी है।

डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर जरूरी : अमिताभ कांत: नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा, ‘अब डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर भौतिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से ज्यादा जरूरी है। जिलों के लिए हमें निश्चित रूप से डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित करना चाहिए। इसके लिए देश में कारोबार में आसानी और उपयुक्त नीतिगत माहौल बनाना जरूरी है।’

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