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समलैंगिकता अपराध है या नहीं सुप्रीम कोर्ट तय करे: केंद्र

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2018, 04:05 AM IST

News - धारा 377 की संवैधानिक वैधता का मसला नई दिल्ली| समलैंगिकता को अपराध के दायरे में लाने वाली आईपीसी की धारा 377 की...

समलैंगिकता अपराध है या नहीं सुप्रीम कोर्ट तय करे: केंद्र
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धारा 377 की संवैधानिक वैधता का मसला

नई दिल्ली| समलैंगिकता को अपराध के दायरे में लाने वाली आईपीसी की धारा 377 की संवैधानिक वैधता का मुद्दा केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट पर छोड़ दिया है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच में केंद्र ने बुधवार को हलफनामा दायर कर कहा कि वह इस मामले में अपना किसी भी प्रकार का मत नहीं देगी। धारा 377 संवैधानिक है या नहीं, इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट ही निर्णय दे। लेकिन कोर्ट को मामले में यह जरूर निर्दिष्ट करना चाहिए कि समलैंगिक द्वारा किसी साथी को चुनने का अधिकार उसके सगे संबंधियों तक नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। शेष| पेज 5 पर

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