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सात साल से राजीव गांधी खेल स्टेडियम में संसाधनों का अभाव

जिले में सात साल पूर्व निर्माण कराए गए राजीव गांधी खेल स्टेडियम सरकारी संसाधनों के अभाव से जूझ रहा है। बिजली, पानी,...

Danik Bhaskar | Jun 13, 2018, 02:05 AM IST
जिले में सात साल पूर्व निर्माण कराए गए राजीव गांधी खेल स्टेडियम सरकारी संसाधनों के अभाव से जूझ रहा है। बिजली, पानी, कोच जैसी प्रमुख सुविधा न होने से खिलाड़ियों की नई पौध तैयार करने का सपना साकार होना संभव नहीं हो पा रहा है। लंबे इंतजार के बाद हुड्डा सरकार ने वर्ष 2011 में मेवात में खेलों को बढ़ावा देने के नाम पर 6 राजीव गांधी खेल स्टेडियमों का निर्माण कराया था। सरकार की ओर से मेवात के खिलाड़ियों को भरोसा दिया गया था कि हर स्टेडियम में खेल कोच, सामान, बिजली,पानी व सरकारी सुविधा मुहैया कराई जाएंगी। खेल स्टेडियमों को बने 7 साल का समय गुजर चुका है। वर्तमान सरकार भी मेवात में खेलों व खिलाड़ियों को लेकर खास गंभीर नहीं है। खेल स्टेडियमों में खिलाड़ियों के लिए अन्य सुविधाएं देना तो दूर की बात है खिलाड़ियों को मैदान तक कि व्यवस्था नहीं है।

विभाग के रख-रखाव के अभाव में सातों स्टेडियम जर्जरता में बदल चुके हैं। सरकार द्वारा जिले में खिलाड़ियों की नई पौध को तैयार करने के नाम एक दर्जन खेल नर्सरी ढाई साल से कागजों में अटकी हुई है। यही कारण है कि मेवात में खेलों में रुचि रखने वाले नन्हे खिलाड़ियों के पास खेल समान, कोच आदि का भारी टोटा है। इस संबंध में जिला खेल अधिकारी मेरी का कहना है कि अब सभी स्टेडियमों का नवीनीकरण का काम किया जा रहा है। खेल के समान नहीं आए हैं। खेल नर्सरी शीघ्र शुरू की जाएंगी।