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टोल फ्री 1076 सेवा / दिल्ली: सरजी! नॉट रीचेबल; पहले ही दिन हांफी ‘डोर स्टेप डिलीवरी’ सर्विस

1076 पर अनलिमिटेड कॉल प्लान वाले नंबर से फोन करने पर नहीं हो रहा कनेक्ट

योजना का शुभारंभ करते सीएम केजरीवाल। योजना का शुभारंभ करते सीएम केजरीवाल।
  • पहले दिन 21000 लोगों ने किया कॉल, 369 को मिली अपाॅइंटमेंट यानी केवल 1.75 फीसदी 
  • आज से 40 की जगह 80 ऑपरेटर काम करेंगे
  • टेलीफोन लाइंस की संख्या भी 50 से बढ़ाकर 120 की जाएगी, सीएम खुद देख रहे हर घंटे के आंकड़े
Danik Bhaskar | Sep 11, 2018, 06:28 AM IST

नई दिल्ली.  मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को ‘डोर स्टेप डिलीवरी’ का शुभारंभ किया। पहले ही दिन यह हांफती नजर आई। आम लोगों को ऐसे तकनीकी पहलू भी देखने को मिले जो पहले से नहीं बताए गए थे। शुभारंभ के बाद शाम 6 बजे तक करीब 21 हजार लोगों ने कॉल सेंटर पर फोन किया लेकिन बहुत से लोगों को यह नंबर नॉट रीचेबल मिला।

 

साथ ही अनलिमिटेड कॉलिंग के प्लान वाले मोबाइल नंबरों और जियो के नंबरों से कॉल करने पर 1076 नंबर पर कॉल ही नहीं गई। ऐसे में लोगों को अपने सर्विस ऑपरेटर से अलग से रिचार्ज करवाना पड़ेगा। रोहिणी के अमित कुमार ने बताया कि उनके मोबाइल में अनलिमिटेड कॉलिंग का प्लान है।

 

उन्होंने कॉल की तो बैलेंस नहीं होने की जानकारी मिली। बैलेंस डाल कर कॉल की तो पहले तो नहीं लगी फिर संदेश मिला कि डायल नंबर गलत है। जानकारों की माने तो 1076 पर कॉल करने में 3 रुपए प्रति मिनट चार्ज लगेगा। इस मामले में जब अधिकारियों को कॉल और मैसेज किया तो उनका कोई जवाब नहीं आया।

 

योजना पर 12 करोड़ रुपए का खर्च आएगा : मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि योजना से सरकारी तंत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। यह सिर्फ दिल्ली और देश ही नहीं विश्व के लिए भी ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद जनता के द्वार जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना पर 12 करोड़ रुपए का खर्च ही आएगा।

 

जानिए क्या है डोर स्टेप डिलेवरी 

- दिल्ली की जनता को सरकार से कोई भी काम करना है तो कॉल सेंटर के नंबर 1076 पर फोन करें।
- सरकार की तरफ से एक मोबाइल सहायक घर आएगा। 
- पहले ही बता दिया जाएगा कि सर्टिफिकेट या लाइसेंस बनवाने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी। साथ ही आपसे पूछा जाएगा कि आप कितने बजे घर पर मिल सकते है।
- सुबह 8 से रात 10 बजे तक का समय दे सकते है। 
- घर आने पर मोबाइल सहायक डॉक्युमेंट्स की फोटो खींचेगा। उन्हें फॉर्म भरने के बाद अटैच करके अपलोड कर देगा।
- फॉर्म सीधे संबंधित विभाग/एजेंसी को चला जाएगा। इसके साथ यदि बायोमेट्रिक साइन की जरूरत पड़ी तो वह मशीन भी वह साथ लाएगा।

- उसके बाद संबंधित सर्टिफिकेट या लाइसेंस बनाने की एक तय समय सीमा है। उसके भीतर ही सर्टिफिकेट  या लाइसेंस आपके घर पोस्ट कर दिया जाएगा या मोबाइल सहायक घर पहुंचा देगा। इस पूरी सर्विसेस के लिए 50 रुपए देने होंगे।

 

योजना में आगे क्या

-योजना में अलग-अलग चरण में 100 सर्विसेज को इससे जोड़ने का प्लान है। सरकार का प्रयास सरकारी सेवाओं को जनता के घर तक पहुंचाना है।
- सेवा का उपयोग करने वालों से बाद में फीडबैक लिया जाएगा। इसमें मोबाइल सहायक ने कितना पैसा लिया, समय पर आया या नहीं, और सर्टिफिकेट समय सीमा में मिला या नहीं। इसका रिकॉर्ड रखा जाएगा। 
- मोबाइल सहायक का पुलिस वेरिफिकेशन होगा और कार्य के दौरान उनकी लोकेशन पर जीपीआरएस से नजर रखी जाएगी।
 

सीएम के तकनीकी सलाहकार का आइडिया : डोर स्टेप सेवा का आइडिया सीएम अरविंद केजरीवाल के तकनीकी सलाहकार गोपाल मोहन ने दिया है। राशन की डोर स्टेप डिलीवरी का आइडिया भी इन्हीं का है। गोपाल मोहन आईआईटी से पढ़े हैं। वह मुख्यमंत्री के तकनीकी काम के साथ एंटी करप्शन से जुड़े मामलों पर भी सलाह देते हैं।

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