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बारिश से बचाने के लिए जिस मोहल्ला क्लीनिक को तिरपाल से ढंका था, उसी में मून काे लेकर पहुंचे सीएम

सीएम अरविंद केजरीवाल भी साथ में रहे, बोले केंद्र से बजट नहीं, बस हमें काम करने का मौका चाहिए

Danik Bhaskar | Sep 08, 2018, 06:26 AM IST
यूएन के पूर्व महासचिव बान की-म यूएन के पूर्व महासचिव बान की-म

नई दिल्ली. दिल्ली सरकार की मोहल्ला क्लीनिक और पॉली क्लीनिक का शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र संघ के पूर्व महासचिव बान की-मून और नार्वे की पूर्व प्रधानमंत्री ग्रो हार्लेम ब्रंडलैंड ने जायजा लिया। इस दौरान पीरागढ़ी पंजाबी रिलीफ कैंप मोहल्ला क्लीनिक और पश्चिम विहार ए-2 ब्लॉक स्थित पॉली क्लीनिक में सुविधाओं की जानकारी ली। पॉली क्लीनिक में वरिष्ठ नागरिकों को लाइन में लगने के लिए लगाए सोफे को देखकर बॉन की-मून ने कहा आई एम इम्प्रेस्ड।

हालांकि, जिस क्लीनिक का जायजा लेने के लिए दोनों विदेशी मेहमान आए थे उसकी छत बारिश में टपकती थी जिसे इनके आगमन से पहले प्लास्टिक तिरपाल से ढंक दिया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी मौजूद थे। यहां जायजा लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए बान-की-मून व नार्वे की पूर्व पीएम ने कहा कि दिल्ली सरकार गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री से महिला ने की शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई, सिर्फ मिला आश्वासन

डेलीगेशन की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद एक स्थानीय महिला मुख्यमंत्री से बात करनी चाह रही थी, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन से महिला ने कहा कि क्लीनिक के आसपास के नालों की सफाई नहीं कराई गई है। हालांकि, इस कार्यक्रम के चलतेेे नाले का स्लैब डाल दिया गया। यहां मच्छर और गंदगी में रहना मुश्किल हो गया है। इस पर मंत्री आश्वासन देकर चले गए।

क्लीनिक पर दवा की एक ही खिड़की होने से 1 घंटे तक का होता है इंतजार

पॉली क्लीनिक पर दवा लेने पहुंचे अजय कुमार ने बताया कि यहां दवा देने के लिए एक ही खिड़की है। ऐसे में दवा के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई बार तो 1 घंटे तक का समय लग जाता है। इस संबंध में कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई हल नहीं निकाला गया। वहीं, एक अन्य स्थानीय महिला मधु ने बताया कि यहां पर ईएनटी डॉक्टर ही नहीं आता है। ऐसे में मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा है।

क्लीनिक की छत पर दो दिन पहले ही डाली गई थी प्लास्टिक तिरपाल

जिस क्लीनिक की व्यवस्था को लेकर संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव ने तारीफ की थी उसकी छत पर प्लास्टिक की तिरपाल डाली गई थी। इस बारे में पता लगाया गया तो जानकारी मिली कि बारिश होते ही छत से पानी टपकने लगता था। इसलिए दो दिन पहले ही छत पर तिरपाल डाली गई थी। जिससे विदेशी मेहमानों के आने पर बारिश भी हो तो किसी तरह की कोई परेशानी न हो