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मां ने की 8 महीने के मासूम की बेदर्दी से की हत्या, मन नहीं भरा तो पेट काटकर दिल-लिवर निकाला फिर आंख, नाक, कान भी काटे

दिल दहलाने वाली घटना, मां ने चाकू, पेचकस, कैंची से बेटे को मार डाला

Danik Bhaskar | Apr 21, 2018, 06:05 AM IST
चिराग की फाइल फोटो। चिराग की फाइल फोटो।

नई दिल्ली. अमन विहार इलाके में स्किजोफ्रेनिया बीमारी से पीड़ित मां ने 8 महीने के बेटे चिराग की बेदर्दी से हत्या कर दी। मां ने धारदार चाकू से बेटे का गला काटकर अलग कर दिया। इससे भी जब मन नहीं भरा तो उसने मासूम की आंख, नाक और कान भी काट डाले। ईंट से मार मारकर उसका चेहरा कुचल दिया। वहशीपन की हद तो तब हो गई, जब उसने अपने जिगर के टुकड़े का पेट काटकर उसका दिल, लिवर और अन्य अंग निकालकर अलग रख दिए। उसने अपने हाथों को भी चाकू से काटने और गर्दन रेतने की कोशिश की। इसके बाद वह बेहोश होकर वहीं गिर गई।

घटना गुरुवार देर रात 11 से 11.30 बजे के बीच की है। सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपी सारिका (29) को गिरफ्तार कर संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने मासूम के शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया है। हत्या में इस्तेमाल चाकू, पेचकस, कैंची और ईंट बरामद कर ली गई है।

क्या है स्किजोफ्रेनिया

लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर नितिन अग्रवाल ने बताया कि स्किजोफ्रेनिया एक मानसिक बीमारी है। इससे पीड़ित मरीज की सोचने और समझने की क्षमता प्रभावित होती है। वह अक्सर उदासीन रहता है। बाहरी दुनिया से उसका संबंध टूट जाता है। इस कारण पीड़ित जिम्मेदारियों को संभालने और देखभाल करने में असमर्थ हो जाता है।

बेटे का सिर जमीन पर पड़ा था और धड़ बेड पर

हरिशंकर ने बताया कि गुरुवार की सुबह रोजाना की तरह घर का माहौल सामान्य था। सुबह उसने पत्नी से कहा था कि वह दुकान का सामान लेने जा रहा है, इसलिए खाना बनाने के बाद कपड़े भी धो लेना। दोपहर करीब 12.30 बजे जब वह सामान लेकर घर आया तो सारिका ने आलू-टमाटर की सब्जी और रोटी बनाई थी। खाना खाकर वह कमरुद्दीन नगर में दुकान लगाने चला गया। वहां से वह देर रात करीब 1.30 बजे घर लौटा और दरवाजा खटखटाया। कई बार खटखटाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने लगा कि सारिका सो गई है।

काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने जोर से धक्का मारा, जिससे कुंडी टूट गई। इसके बाद जब वह अंदर गया तो वहां का नजारा देखकर सन्न रह गया। बेटे का सिर जमीन पर पड़ा था और धड़ बेड पर। वह तुरंत बाहर आया और जानकारी माता-पिता को दी। पुलिस को सूचना दी गई। वहीं, पड़ोसियों ने बताया कि सारिका का मुंह खून से सना हुआ था।

चार साल से चल रहा है आरोपी महिला का इलाज

सारिका के दिमाग का इलाज चार साल से लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। डेढ़ महीने पहले ही सारिका को डॉक्टर से दिखाया गया था। हरिशंकर ने बताया कि सारिका कभी-कभी बड़बड़ाती रहती है और गहरी सोच में डूबी रहती है। लेकिन अक्सर वह सामान्य रहती है।

सारिका के भाई की शादी की चल रही थी तैयारियां

हरिशंकर ने बताया कि सारिका के भाई की 30 अप्रैल को बिहार के सहरसा में शादी है। पूरे परिवार को उसमें शरीक होना था। सबका टिकट भी हो चुका था। शादी में जाने के लिए खरीदारी और अन्य तैयारियां चल रही थीं। उन्होंने बताया कि परिवार में सबकुछ सामान्य था। पत्नी से कोई झगड़ा भी नहीं हुआ।

चार साल पहले भी बेटे की हत्या की थी

हरिशंकर ने बताया कि चार साल उन्हें बेटा पैदा हुआ था। वह जब एक महीने का था, तभी पत्नी ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। उस वक्त घर पर उनकी मां थी। शाम को वह सब्जी लेने गईं थीं, तभी सारिका ने मासूम की हत्या कर दी थी। पूरे गले पर लाल निशान थे। हरिशंकर ने बताया कि चार साल पहले पैदा हुए बेटे को उसने कभी भी अपना दूध नहीं पिलाया था। चिराग को भी वह दूध नहीं पिलाती थी।

वारदात के वक्त घर में अकेली थी सरिका

सारिका प्रेम नगर पार्ट-2 के जानकी विहार में रहती है। परिवार में चिराग के अलावा पति हरिशंकर (30), दो बेटियां राधिका (4) और राधा (ढाई साल) हैं। वारदात के समय राधिका और राधा पड़ोस में रहने वाले दादा-दादी के घर गईं थीं। साप्ताहिक बाजारों में कपड़े की दुकान लगाने वाला हरिशंकर गुरुवार को नांगलोई के कमरुद्दीन में दुकान लगाने गया था।

चिराग की मां सरिका। चिराग की मां सरिका।