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बिल्डिंग से उठ रही थीं आग की लपटें, एक बेटी ने जान पर खेलकर ऐसे बचाई दो लोगों की जान

फायरकर्मी फोन पर पूछते रहे... आग बुझ गई या आना पड़ेगा, दम घुटने से दो मासूम सहित दंपती की मौत

Dainik Bhaskar

Apr 14, 2018, 07:16 AM IST
बिजली मीटर में शॉर्ट सर्किट से लगी आग। बिजली मीटर में शॉर्ट सर्किट से लगी आग।

नई दिल्ली. पीतमपुरा के कोहाट एंक्लेव में गुरुवार देर रात पांच मंजिला बिल्डिंग की पार्किंग में लगे बिजली के मीटर में शाॅर्ट सर्किट से आग लग गई। शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग ने पहले पार्किंग में खड़े वाहनों को और फिर कुछ ही देर में पूरी बिल्डिंग को अपनी जद में ले लिया। आग के कारण धुआं पूरी बिल्डिंग में फैल गया। इस हादसे में बिल्डिंग की रहने वाले पति-पत्नी और दो बच्चों की मौत हो गई। मृतकों के नाम राकेश नागपाल (40), पत्नी टीना नागपाल (37), बेटा हिमांशु (9) और बेटी श्रेया (3) हैं। बिल्डिंग में रहने वाले बाकी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पुलिस ने चारों शवों का पोस्टमार्टम कर शव परिजन को सौंप दिए हैं। वहीं हादसे में झुलसे लोगों को रोहिणी के आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नेताजी सुभाष प्लेस थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कोहाट एंक्लेव के 3 से 4 किलोमीटर के क्षेत्र में चार फायर स्टेशन हैं। ये फायर स्टेशन रोहिणी, वजीरपुर, केशवपुरम और मोतीनगर में हैं। यहां से घटना स्थल पर पहुंचने पर अधिक से अधिक पांच से दस मिनट लगते हैं। लेकिन दमकल विभाग की लापरवाही के चलते गाड़ियां घटना स्थल पर एक घंटा बाद पहुंचीं, जिसके कारण चार लोगों की मौत हो गई।

थर्ड फ्लोर... एश्वर्या की सूझबूझ ने बचाई परिवार की जान

26 वर्षीय एश्वर्या ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए अपने बुजुर्ग दादा 91 वर्षीय शरणजीत सिंह बाबा और मां 54 वर्षीय नीलू बाबा की भी जान बचा ली। ऐश्वर्या ने बताया कि गुरुवार की देर रात करीब 2.30 बजे अचानक बेल बजी। एश्वर्या ने उठकर सीढ़ियों का गेट खोला तो बहुत स्मेल आ रही थी। उसने तुरंत गेट बंद कर बालकनी से नीचे देखा तो बिल्डिंग में आग लगी हुई थी। उन्होंने मोबाइल से दमकल विभाग को फोन किया। घर में धुआं भर गया था। एश्वर्या अपने दादा और मां को बाथरूम में ले गईं। एश्वर्या ने बाथरूम की खिड़की खोल दी और जाल से हवा आने दी। इसके बाद भी उनके दादा को सांस लेने में परेशानी होने लगी तो उन्हें ऑक्सीजन मास्क लगा दिया। काफी देर तक वे प्रार्थना करते रहे कि कोई उन्हें नीचे उतारे। इसके बाद दमकल विभाग के कर्मचारियों ने बिल्डिंग के पीछे का जाल हटाकर अपनी सीढ़ियों से तीनों काे बचा लिया।

शुरू में एक ही गाड़ी आई, उसका भी प्रेशर कम


बिल्डिंग में प्रथम मंजिल पर रहने वाले अमन ने बताया कि दमकल विभाग को 2.40 बजे कॉल किया था, लेकिन एक घंटे से भी अधिक देरी से गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अमन ने बताया कि एक घंटे के बाद भी केवल एक गाड़ी आई, जिसमें पानी का प्रेशर भी बहुत कम था। केवल तीन से चार मीटर तक ही गाड़ी से पानी पहुंच रहा था। इसके बाद करीब आधा घंटा के बाद दमकल की सात गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इसके बाद करीब एक घंंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

इसी हफ्ते भी आग लगने से हुई थी पांच की मौत


इसी हफ्ते सुल्तानपुरी की एक जूता फैक्टरी में आग लगने से चार लोगों की और चांदनी चौक में दुकान में आग लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इससे कुछ दिन पहले भी आग के एक हादसे में दो लोगों की मौत हाे गई थी।

इस इमारत में लगी आग। इस इमारत में लगी आग।
आग के बाद पार्किंग में जली हुई गाड़ियां। आग के बाद पार्किंग में जली हुई गाड़ियां।
श्रेया और हिमांशु। श्रेया और हिमांशु।
राकेश और टीना नागपाल। राकेश और टीना नागपाल।
यहां लगे बिजली के मीटर में हुआ था शॉर्ट सर्किट, जो आग का कारण बना। यहां लगे बिजली के मीटर में हुआ था शॉर्ट सर्किट, जो आग का कारण बना।
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बिजली मीटर में शॉर्ट सर्किट से लगी आग।बिजली मीटर में शॉर्ट सर्किट से लगी आग।
इस इमारत में लगी आग।इस इमारत में लगी आग।
आग के बाद पार्किंग में जली हुई गाड़ियां।आग के बाद पार्किंग में जली हुई गाड़ियां।
श्रेया और हिमांशु।श्रेया और हिमांशु।
राकेश और टीना नागपाल।राकेश और टीना नागपाल।
यहां लगे बिजली के मीटर में हुआ था शॉर्ट सर्किट, जो आग का कारण बना।यहां लगे बिजली के मीटर में हुआ था शॉर्ट सर्किट, जो आग का कारण बना।
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