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दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना का पहला वेलनेस सेंटर आज खुलेगा

पीएम मोदी छत्तीसगढ़ के बीजापुर में आज आयुष्मान भारत का शुभारंभ करेंगे

Dainik Bhaskar

Apr 14, 2018, 04:27 AM IST
मोदी ने कहा कि देश के लाखों-करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं को, उम्मीदोें को जगाने में बाबा साहेब का बहुत बड़ा योगदान है। मोदी ने कहा कि देश के लाखों-करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं को, उम्मीदोें को जगाने में बाबा साहेब का बहुत बड़ा योगदान है।

- मोदी आज आयुष्मान भारत का शुभारंभ किया, सालभर में 18,840 हेल्थ सब सेंटर को वेलनेस सेंटर में बदलेंगे।

रायपुर. नरेंद्र मोदी ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के बीजापुर में केंद्र की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत’ योजना के तहत पहले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का उद्धाटन किया। मोदी ने संविधान निर्माता बाबा साहब भीम राव अंबेडकर को जन्म जयंती पर याद किया। मोदी ने कहा, "आज बाबा साहेब की वजह से ही एक गरीब मां का बेटा देश का प्रधानमंत्री बन पाया। मेरे जैसे लाखों-करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं को, उम्मीदों को जगाने में बाबा साहेब का बहुत बड़ा योगदान है।" उन्होंने कहा कि ये हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर गरीबों के फैमिली डॉक्टर की तरह काम करेगा। आयुष्मान भारत की सोच केवल सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि जन भागीदारी का आह्वान है।

हमारी कोशिश बीमारी होने से रोकना
- मोदी के मुताबिक, "जब हम हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की बात करते हैं तो हमारा प्रयास केवल बीमारी का इलाज करना नहीं है, बल्कि हमारी कोशिश बीमारी को होने से रोकना भी है।"
- "देश मेें मधुमेह, हृदय रोग, सांस की बीमारियां, कैंसर के चलते 60% मौतें होती हैं। ये बीमारियां वक्त रहते पता चल जाएं तो इन्हें बढ़ने से रोका जा सकता है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सभी जांचें मुफ्त में करने का प्रयास किया जाएगा। सही समय पर होने वाली जांच फायदेमंद होती है। मान लीजिए 35 साल का कोई युवा जांच कराए और ब्लडप्रेशर की समस्या का पता चल जाए तो भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों से वो बच सकता है।"

नक्सली हमलों में शहीद हुए जवानों को दी श्रद्धांजलि

सुरक्षाबलों के अनेक जवानों ने अपनी जान तक की परवाह नहीं की। ये जवान सड़क बनाने, मोबाइल टावर बनाने, स्कूल-अस्पताल बनाने में अपना अहम योगदान दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े ऐसे अनेक सुरक्षाकर्मियों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी। नक्सली हमलों में शहीद उन जवानों के लिए स्मारक का निर्माण किया गया है। साथियों 14 अप्रैल का आज का दिन देश के सवा सौ करोड़ लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। आज भारत रत्न भीम राव अम्बेडकर की जयंती है।

बाबा साहेब के नाम की गूंज धन्य कर रही
बस्तर और बीजापुर के आसमान में बाबा साहेब के नाम की गूंज आपको धन्य कर रही है। साथियों हमारी सरकार ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी अर्बन मिशन की शुरुआत छत्तीसगढ़ से की। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का शुभारंभ भी इसी छत्तीसगढ़ से किया था। ये योजनाएं राष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रगति को गति देने का काम कर रही है। आज मैं फिर एक बार छत्तीसगढ़ आया हूं। आयुष्मान योजना के पहले चरण और ग्राम स्वराज की शुरुआत कर रहा हूं।

पूरे देश में चलाया जाएगा ग्राम स्वराज अभियान

ग्राम स्वराज अभियान पूरे देश में आज से 5 मई तक चलाया जाएगा। ये अभियान गरीबोें, दलितों, पिछड़ों और शोषितों के लिए चलाई गई योजनाएं उन लोगों तक पहुंचे, इस बात को सुनिश्चित करेगा।

बाबा साहेब ने दलितों को अधिकार दिलाया
बाबा साहेब ने विदेेश में पढ़ाई की और वापस अपने देश आए। अपना जीवन पिछड़ों, वंचितों, दलितों-आदिवासियों के लिए समर्पित कर दिया। वे दलितों को उनका अधिकार दिलाना चाहते थे। जो सदियों से वंचित थे उन्हें सम्मानित नागरिकों का जीवन देने की जिद ठान ली। विकास की दौड़ में जिन्हें पीछे छोड़ दिया गया था, ऐसे समुदायों में आज चेतना जगी है, अधिकार की आकांक्षा पैदा हुई है और ये चेतना-आकांक्षा बाबा साहेब की ही देन है।

जिसके मन में सपना होता है, वही मेहनत करता है

- मोदी ने कहा, "आज यहां मेरे सामने बहुत से किसान हैं, नौकरीपेशा लोग हैं, कुछ लोग स्वरोजगार करने वाले हैं, कुछ विद्यार्थी हैं.. आप लोग मेरे एक सवाल का जवाब दीजिए। अगर किसी के जीवन में कुछ बेहतर होने की उम्मीद होती है, कुछ करने और कुछ बनने का मकसद होता है तो वो दोगुनी मेहनत करता है।"
- "जिसे कुछ करना नहीं तो वो सोया पड़ा रहता है। जिसके मन में सपना होता है, वही मेहनत करता है। किसान को भरोसा हो कि इस बार अच्छी बारिश होगी और बारिश की शुरुआत अच्छी हो जाए तो किसान और ताकत से मेहनत करता है ना।"
- "उन बादलों के साथ उसके सपने भी जुड़ जाते हैं। आज बाबा साहेब की प्रेरणा से मैें बीजापुर के लोगों में, यहां के प्रशासन में यही नया भरोसा जगाने आया हूं। मैं ये कहने आया हूं कि केंद्र की सरकार आपकी आशाओं, आकांक्षाओं और उम्मीदों के साथ खड़ी है।"

भरोसे से सफलता मिलती है
- मोदी ने बताया, "मैं स्कूल में था तो बहुत सामान्य विद्यार्थी था, कुछ बच्चे मुझ से भी कमजोर थे। स्कूल पूरा होने के बाद मेरे मास्टर जी इन बच्चों को रोक लेते थे। एक - एक बच्चे पर ध्यान देते थे, उन्हें भरोसा दिलाते थे कि तुम पढ़ाई में कमजोर नहीं हो। इसी भरोसे से बच्चे दूसरे बच्चों के बराबर आ जाते थे और कुछ दिनों में वे उनसे भी आगे निकल जाते थे।"

पिछड़े जिलों में अब नई सोच के साथ काम हो रहा
- मोदी के कहा कि 100 से ज्यादा जिलों में स्वतंत्रता के बाद अब तक पिछड़ापन है, इन जिलों की कोई गलती नहीं थी। बाबा साहेब के संविधान में सबके लिए समान अवसर थे, फिर ये जिले क्यों पीछे छूट गए। बीजापुर जैसे जिले पर पिछड़ा होने का लेबल लगाया गया। क्या यहां की मांओं, बहनों, बच्चों, विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की उम्मीद नहीं थी। स्कूल, सड़क, अस्पताल यहां नहीं होने चाहिए थे। ये जो आपके बीजापुर जिले में क्या नहीं है, सबकुछ है।
- उन्होंने कहा, "जो पिछड़े जिले हैं, उनमें प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में हैं। अब इस जिले में नई सोच, नई आशाओं के साथ बड़े पैमाने पर काम होने जा रहा है। मैंने जनवरी में इन सौ सवा सौ जिलों के प्रशासन से मिला था कि जो ज्यादा तेजी से तरक्की करेगा, उनसे 14 अप्रैल को मिलूंगा।

बीजापुर के अधिकारियों को सलाम
- "बीजापुर के अधिकारियों ने ये करके दिखाया है, पिछड़ेपन को छोड़कर वे नंबर वन बन गए। मैं इन अधिकारियों को सलाम करने आया हूं। इससे ये पता चलेगा कि बीजापुर 100 दिनों में प्रगति कर सकता है तो 115 जिले भी आगे बढ़ सकते हैं। मैं इन जिलों को महत्वाकांक्षी कहना चाहता हूं। ये जिले पिछड़े नहीं रहेंगे, ये परिवर्तन के नए मॉडल बनकर उभरेंगे।'

पुराने रास्तों से नई मंजिलें नहीं मिलतीं

- प्रधानमंत्री ने कहा, "पुराने रास्तों पर चलते हुए आप कभी भी नई मंजिलों तक नहीं पहुंच सकते हैं। पुराने रास्तों से नई चीजें नहीं हासिल होती हैं। बीजापुर समेत देश के बाकी 115 जिलों के लिए ह्मारी सरकार नई अप्रोच के साथ काम कर रही है।"
- "हमारे किसान भाई धान की खेती करते हैं, मक्का उगाते हैं, दाल पैदा करते हैं, मैं जरा किसानों से पूछना चाहता हूं कि क्या आप सभी फसलों में एक जैसा पानी देते हैं, नहीं ना। इसी तरह जब अलग-अलग आवश्यकताएं हैं, तो उनकी दिक्कतें और कमजोरियां-चुनौतियां भी अलग होंगी। इसी को ध्यान में रखते हुए हर जिले को अपने हिसाब से रणनीति बनानी होगी और विकास का अपना प्लान बनाना होगा। ये स्थानीय संसाधनों के हिसाब से करना होगा। आपका प्रशासन आपसे बात करके योजना बनाएगा।"

छोटे-छोटे कदम विकास की दौड़ में ले जाएंगे
- मोदी ने कहा, "छोटे-छोटे कदम आपको विकास की दौड़ में अव्वल नंबर पर ले जाएंगे। साथियों आज यहां इस मंच से देश में समाजिक न्याय निश्चित करने वाली, सामाजिक असंतुलन खत्म करने वाली बहुत बड़ी योजना आयुष्मान भारत का शुभारंभ बीजापुर की धरती से किया जा रहा है। इसके तहत देश की हर बड़ी पंचायत में यानी करीब डेढ़ लाख गांवों में सब-सेंटर और प्राइमरी हेल्थ सेंटर को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के तौर पर विकसित किया जाएगा।"

युवा सुझाव दें, हम विचार करेंगे
- उन्होंने कहा, "युवा मुझे सुझाव दें और मैं इन पर विचार करूंगा। आज हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर कहा जा रहा है, आगे गांव का आदमी भी बोल सके, समझ सके... ऐसा नाम देना चाहता हूं। ये आपके सुझाव से होगा।"

ग्रामीण आंगनबाड़ी महिला से मिले मोदी

- जांगला में मोदी ने ग्रामीण आंगनबाड़ी महिलाकर्मियों से मुलाकात की। मोदी ने ग्रामीण बीपीओ सेंटर का दौरा भी किया।

- प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुदुम और भानुप्रतापपुर के बीच नई रेल लाइन को हरी झंडी दिखाएंगे।

- बस्तर नेट प्रोजेक्ट के पहले चरण की शुरुआत करेंगे। इसके तहत दूर-दराज के गांवों में इंटरनेट सुविधा दी जाएगी।

सुरक्षा कारणों से गुलदस्ते की जगह फूल से स्वागत

- प्रधानमंत्री के पिछले दौरों के मुकाबले इस बार उनका स्वागत गुलदस्ते की बजाय गुलाब का फूल देकर किया गया। इसके लिए पीएमओ से ही निर्देष जारी किए गए थे। बताया जा रहा है कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया।

दूसरे वेलनेस सेंटर की भी चल रही तैयारी

- दूसरे वेलनेस सेंटर की शुरुआत कब होगी, इस संबंध में जब नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत से दैनिक भास्कर ने सवाल पूछे तो उन्होंने कहा कि तैयारी चल रही है। इतना आसान नहीं होता सबकुछ तैयार करना।

- 2017-18 के बजट में डेढ़ लाख हेल्थ सब सेंटर को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में बदलने की घोषणा हुई थी, पर बजट का प्रावधान नहीं किया गया था। 2018-19 के बजट में इस योजना के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। इससे इन्हें शुरू करने में आसानी होगी।

- बता दें कि इस वित्तीय साल में 18 हजार 840 हेल्थ सब सेंटर को वेलनेस सेंटर में बदला जाना है। इसके लिए केन्द्र सरकार ने अलग से 1200 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है।

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर आयुष्मान भारत का दूसरा पिलर है

योजना के लिए बीजापुर को क्यों चुना?

- बीजापुर आदिवासी बहुल इलाका है। नक्सलवाद से प्रभावित है। यह जिला नीति आयोग द्वारा चुने गए देश के सबसे 101 पिछड़े जिलों में आता है। पीएम मोदी ने जिलाधिकारियों के सम्मेलन में कहा था कि जो पिछड़ा जिला बेहतर प्रदर्शन करेगा, वे अंबेडकर जयंती पर उन जिलों का दौरा करेंगे। सियासी वजह- इस साल 5 राज्यों में चुनाव हैं। अगले साल आम चुनाव भी हैं। ऐसे में केंद्र इस प्रोजेक्ट को सबसे बड़ी सफलता दिखाना चाहती है। आयुष्मान भारत से देश की 40% गरीब जनता को इस योजना का लाभ मिलेगा।

क्या है हेल्थ वेलनेस सेंटर?

- बजट में आयुष्मान भारत की घोषणा की गई है। इसके दो कंपोनेट हैं। पहला 10.74 लाख परिवारों को मुफ्त 5 लाख रु का स्वास्थ्य बीमा। दूसरा, हेल्थ वेलनेस सेंटर। इसमें देशभर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अपडेट होंगे। इन सेंटर में इलाज होगा और मुफ्त दवाइयां मिलेंगी।

कितनी बीमारियों का इलाज होगा?

- हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर 12 तरह की स्वास्थ्य सुविधा होगी। यहां इलाज के साथ-साथ जांच की भी सुविधा भी होगी। यही नहीं जिला अस्पताल में मरीज को जो दवा लिखी जाएगी। वह दवा मरीज को अपने घर के पास के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में उपलब्ध हो, इस पर भी काम चल रहा है।

कौन सी बीमारियां कवर होंगी?

- मैटरनल हेल्थ और डिलीवरी की सुविधा, नवजात और बच्चों के स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य सुविधा, कॉन्ट्रासेप्टिव सुविधा और संक्रामक, गैर संक्रामक रोगों के प्रबंधन की सुविधा, आंख, नाक, कान व गले से संबंधित बीमारी के इलाज के लिए अलग से यूनिट होगी। इसके अलावा बुजुर्गों के इलाज की सुविधा भी होगी।

अगर गंभीर बीमारियों के लक्षण मिलते हैं तो

- जांच में जिन लोगों में इन बीमारियों के लक्षण पाए जाएंगे, उन्हें तत्काल ही जिला अस्पताल या बड़े अस्पताल रेफर किया जाएगा। वेलनेस सेंटर में ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और 3 तरह के कैंसर की जांच होगी। इनमें ओरल, ब्रेस्ट, सर्विक्स कैंसर शामिल हैं। शुरुआती स्टेज में पकड़ा जाएगा।

राज्यों में कितने वेलनेस सेंटर बनेंगे

- बिहार: 643

- छत्तीसगढ़: 1000
- गुजरात: 1185
- हरियाणा: 255
- राजस्थान: 505
- झारखंड: 646
- मध्य प्रदेश: 700
- महाराष्ट्र: 1450
- पंजाब: 800

मोदी बीजापुर जाने वाले दूसरे प्रधानमंत्री

- पीएम मोदी नक्सल प्रभावित बीजापुर जाने वाले दूसरे प्रधानमंत्री हैं। इसके पूर्व तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी 1975 में यहां पहुंची थीं। तब इंदिरा ने सभा में आए ग्रामीणों से मुलाकात कर उन्हें चॉकलेट बांटी थीं।
- केंद्र में एनडीए सरकार बनने के बाद मोदी का छत्तीसगढ़ में चौथा दौरा है। मोदी इससे पहले 9 मई 2015 को बस्तर आए थे। करीब 30 साल पहले वे आरएसएस के प्रचारक रहते हुए बस्तर पहुंचे थे। उन्होंने तब के भाजपा अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे के साथ यहां गोयल धर्मशाला में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी।

नरेंद मोदी का जगदलपुर एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह और उनके मंत्रिमंडल ने स्वागत किया। नरेंद मोदी का जगदलपुर एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह और उनके मंत्रिमंडल ने स्वागत किया।
​मोदी जांगला में उत्तर बस्तर की जनता को बालोद जिले के गुदुम गांव से भानुप्रतापपुर तक रेल लाइन और यात्री ट्रेन की सौगात देंगे। ​मोदी जांगला में उत्तर बस्तर की जनता को बालोद जिले के गुदुम गांव से भानुप्रतापपुर तक रेल लाइन और यात्री ट्रेन की सौगात देंगे।
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मोदी ने कहा कि देश के लाखों-करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं को, उम्मीदोें को जगाने में बाबा साहेब का बहुत बड़ा योगदान है।मोदी ने कहा कि देश के लाखों-करोड़ों लोगों की आकांक्षाओं को, उम्मीदोें को जगाने में बाबा साहेब का बहुत बड़ा योगदान है।
नरेंद मोदी का जगदलपुर एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह और उनके मंत्रिमंडल ने स्वागत किया।नरेंद मोदी का जगदलपुर एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह और उनके मंत्रिमंडल ने स्वागत किया।
​मोदी जांगला में उत्तर बस्तर की जनता को बालोद जिले के गुदुम गांव से भानुप्रतापपुर तक रेल लाइन और यात्री ट्रेन की सौगात देंगे।​मोदी जांगला में उत्तर बस्तर की जनता को बालोद जिले के गुदुम गांव से भानुप्रतापपुर तक रेल लाइन और यात्री ट्रेन की सौगात देंगे।
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