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बाघ के बाड़े में गिरकर हुई थी युवक की मौत, साढ़े तीन साल बाद पुलिस रिपोर्ट में जू को क्लीनचिट

घटना वाले दिन चिड़ियाघर प्रशासन ने भी कहा था कि इसमें हमारी गलती नहीं है।

Dainik Bhaskar

May 15, 2018, 08:56 AM IST
23 सितंबर 2014 : बाघ का शिकार बना यु 23 सितंबर 2014 : बाघ का शिकार बना यु

नई दिल्ली. चिड़ियाघर में बाघ विजय के हमले से युवक की मौत के मामले में करीब साढ़े तीन साल बाद पुलिस ने कोर्ट में रिपोर्ट फाइल की। इसमें चिड़ियाघर प्रशासन को क्लीनचिट दे दी गई। कहा गया कि घटना के लिए युवक खुद जिम्मेदार था। घटना के वक्त वह शराब के नशे में था। अब कोर्ट तय करेगा कि इस रिपोर्ट को स्वीकार करे या नए सिरे से जांच के आदेश दे। बता दें कि घटना वाले दिन चिड़ियाघर प्रशासन ने भी कहा था कि इसमें हमारी गलती नहीं है।

23 सितंबर 2014 को ये हुआ था...

पुलिस के मुताबिक 23 सितंबर 2014 को मकसूद नाम का युवक चिड़ियाघर में बाड़े के अंदर गिर गया था, जहां उसे देखकर विजय नाम के टाइगर ने दबोच लिया। आंशका जताई गई कि वह टाइगर को देखने के लिए दीवार पर चढ़ गया, जहां असंतुलित होकर नीचे गिर गया था। लोगों ने बाड़े में इस युवक को देखकर उसे बचाने का प्रयास भी किया लेकिन वे सफल नहीं हो सके। टाइगर युवक की गर्दन पकड़कर अंदर ले गया। इस घटना में टाइगर के हमले की वजह से उसकी मौत हो गई। हजरत निजामुदीन थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया। बिसरा भी जांच के लिए सुरक्षित रखवा लिया। एफएसएल की आई रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई कि घटना के वक्त मकसूद शराब के नशे में था। पुलिस ने इस केस की छानबीन के बाद कोर्ट में अनट्रेस रिपोर्ट फाइल कर दी।

दुनियाभर में सुर्खियों में छा गया था सफेद बाघ विजय
सफेद बाघ विजय 24 सितंबर 2014 में उस वक्त दुनियाभर की सुर्खियों में आ गया, जब उसने अपने बाड़े में गिरे एक युवक को मार डाला था। विजय ने उसे गर्दन से पकड़कर काफी दूर तक घसीटा था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी। इस घटना का कई लोगों ने मोबाइल से वीडियो भी बनाया था, जो तेजी से वायरल हो गया था। इस घटना के बाद विजय को काफी दिनों तक लोगों की नजरों से दूर रखा गया था। हालांकि, इसके बाद बाघ विजय को देखने का क्रेज भी बढ़ गया था।

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