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दिल्ली विधानसभा में हंगामा; भाजपा विधायकों को मार्शलों ने विधानसभा से बाहर किया

विधानसभा में दूसरे दिन परिवहन सचिव से दुर्व्यवहार के मामले पर आरोप-प्रत्यारोप

Dainik Bhaskar

Aug 08, 2018, 05:31 AM IST
भाजपा विधायकों ने सदन का बहिष् भाजपा विधायकों ने सदन का बहिष्

  • भाजपा विधायक गुप्ता बोले- अफसर से दुर्व्यवहार पर मंत्री माफी मांगे
  • स्पीकर ने कहा- पहले दुष्कर्म पर केंद्रीय मंत्री मांगे माफी

नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा के पांच दिवसीय मानसून सत्र का दूसरा दिन भी हंगामेदार रहा। विधानसभा में मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने विशेष उल्लेख के मामले में सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि 1000 बसें किराए पर लेने के प्रस्ताव में सरकार 700 करोड़ रुपए की बसों के लिए 2 हजार करोड़ किराया देगी। परिवहन आयुक्त वर्षा जोशी ने विरोध किया और परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत को प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इस पर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। सरकार इस प्रस्ताव को रद्द करें और मंत्री आयुक्त से माफी मांगें। इस पर सत्तापक्ष के विधायकों ने हंगामा कर दिया। विस अध्यक्ष राम निवास गोयल ने गुप्ता से कहा कि मुजफ्फरपुर में बच्चियों से दुष्कर्म हुआ। पहले आप केंद्रीय मंत्री से माफी मंगवाएं। आप ने अधिकारियों को सिर चढ़ा कर दिल्ली को बर्बाद कर दिया है। आप के इशारे पर अधिकारी कोर्ट जाते हैं। इस पर नेता प्रतिपक्ष और विपक्ष के सदस्य सदन में तख्तियां लेकर हंगामा करने लगे तो विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शलों से उन्हें बाहर निकलवा दिया। भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा ने विरोध जताते हुए विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि रोजाना मार्शलों द्वारा नेता विपक्ष को सदन से बाहर करवाना ठीक नहीं है। इसके बाद शर्मा और जगदीश प्रधान ने सदन का बहिष्कार कर दिया। विस अध्यक्ष ने नेता विपक्ष के बयान के अंश को कार्यवाही से बाहर निकालने को कह दिया।

सीएम कार्यालय के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन: मंगलवार सुबह विधानसभा में प्रश्नकाल की शुरुआत में ही नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता बांग्लादेशी घुसपैठियों के राशन कार्ड और वोटर कार्ड रद्द करने की मांग को लेकर एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लेकर आए। उन्होंने कहा कि इनकी वजह से दिल्ली में अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है। इसलिए इनको देश से बाहर किया जाए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने उनका ध्यानाकर्षण प्रस्ताव स्वीकार करने से मना कर दिया। इसके विरोध में तीनों भाजपा विधायकों ने सदन का बहिष्कार किया और हाथों में तख्तियां लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

विवादित बयान पर शर्मा आज पेश होंगे विशेषाधिकार समिति के सामने: नई दिल्ली| दिल्ली विस के 5 दिवसीय मानसून सत्र के पहले दिन आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में विश्वास नगर से विधायक ओपी शर्मा बुधवार को विशेषाधिकार समिति के सामने पेश होंगे। विशेषाधिकार समिति ने उनको पेश होने के लिए नोटिस भेजा है। सोमवार को विधानसभा सत्र के दौरान विशेष उल्लेख के विषय शर्मा सदन में अपनी बात रख रहे थे। तभी आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने उनको टोक दिया। दोनों के बीच तू-तू मैं-मैं शुरू हो गई। इस बीच शर्मा ने खान को आतंकवादी कह दिया। जिस पर सदन में हंगामा हो गया। सदस्यों ने मामले को विशेषाधिकार समिति को भेजने का प्रस्ताव रखा, जिसे अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया।

सत्ता पक्ष ने केन्द्र सरकार और उपराज्यपाल पर साधा निशाना तो विपक्ष ने दी तालमेल से विकास की सलाह: विधानसभा में मंगलवार को चुनी हुई सरकार की शक्तियों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के संबंध में चर्चा करते हुए आप विधायकों ने केन्द्र और एलजी पर निशाना साधा। कहा कि दिल्ली सरकार के काम में बाधा पहुंचाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। आप विधायक आदर्श शास्त्री ने कहा कि भाजपा ने कई बार पूर्ण राज्य का दर्जा देने का वादा किया। अब यू टर्न ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि कानून व्यवस्था, भूमि व पुलिस के अलावा सभी विषय चुनी सरकार के अधीन हैं। मदनलाल ने कहा कि 4 अगस्त 2016 के बाद भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला। वहीं, भाजपा विधायक जगदीश प्रधान ने कहा कि पिछले सरकारों में ऐसा विवाद नहीं देखा जबकि पहले पांच साल भाजपा व 15 साल कांग्रेस की सरकार रही। उन्होंने कहा कि अब रोजाना केन्द्र, एलजी, प्रधानमंत्री और अधिकारियों को गालियां देने का काम हो रहा है, जबकि दिल्ली के विकास की बात होनी चाहिए। हमें अधिकारियों के साथ तालमेल से काम करने की दिशा में कदम बढ़ाने चाहिए।

21 से ज्यादा प्रश्नों का उत्तर सही नहीं: विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नों के उत्तर नहीं मिलने पर विधायकों ने अधिकारियों पर निशाना साधा। विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने विधायकों को समझाया कि तीन साल से ज्यादा हो गए हैं। प्रश्नों को प्रक्रिया के तहत पूछा जाए तो वहीं 21 से ज्यादा प्रश्नों के उत्तर सही नहीं आए हैं। कई के तो उत्तर भी नहीं हैं। आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने ग्रेटर कैलाश विधानसभा में शेख सराय के साप्ताहिक बाजार में दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण के संबंध में प्रश्न पूछा था। भारद्वाज ने कहा कि उनके प्रश्न का आधा-अधूरा जवाब दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। वहीं, शहरी विकास मंत्री ने भी स्वीकार किया कि 42 प्रश्नों के जवाब समय पर नहीं आए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने व्यवस्था दी कि मंत्री के कार्यालय में दो दिन में और विधानसभा में एक दिन पूर्व उत्तर न आए तो आप स्वीकार न करें। इसके बाद हम देखेंगे। मंत्री ने कहा कि नगर निगम अधिकारी ब्रीफिंग के लिए भी नहीं आ रहें हैं। जान-बूझकर ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सवालों को हल्के में लिया जा रहा है। इस मामले पर तिलक नगर से विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि यदि हर मामले में न्यायालय ही जाना पड़ेगा तो सदन किसलिए है। विधायकों ने प्रश्नों के जवाब न आने के मामले पर कार्रवाई की मांग की। इस मामले पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि तारांकित व अतारांकित 21 से अधिक प्रश्नों के जवाब सही नहीं आए हैं। इस पर मैं विचार कर रहा हूं।

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