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ऑफिस से छुट्टी लेने का दूसरा सबसे बड़ा कारण होता है पेट दर्द, सबसे ज्यादा लोग फैमिली प्रॉब्लम का कारण देकर छुट्‌टी लेते हैं

देश के 11 बड़े शहरों में 3000 मरीजों और 300 डॉक्टरों पर हेल्थ एनजीओ की ओर से कराए गए सर्वे का नतीजा

Bhaskar News | Last Modified - Jun 15, 2018, 07:21 AM IST

ऑफिस से छुट्टी लेने का दूसरा सबसे बड़ा कारण होता है पेट दर्द, सबसे ज्यादा लोग फैमिली प्रॉब्लम का कारण देकर छुट्‌टी लेते हैं
  • 46% लोगों ने माना कि आईबीएस से उनकी लाइफस्टाइल बदली है।
  • 53.8% लोग ही आईबीएस के लक्षण होने पर कोई दवा लेते हैं। बाकी नहीं लेते।

नई दिल्ली.देश के बड़े शहरों में लोगों के दफ्तर से छुट्‌टी लेने का दूसरा सबसे बड़ा कारण है पेट दर्द। 89% लोग पेटदर्द का नाम लेकर ऑफिस से छुट्‌टी लेते हैं। ये बात हेल्थ एनजीओ एचसीएफआई की ओर से कराए गए सर्वे में सामने आई है। ये सर्वे दिल्ली समेत देश के 11 बड़े शहरों में किया गया। इसमें 3000 मरीजों और 300 डॉक्टरों ने भाग लिया। सर्वे में परिवार से जुड़ी समस्याओं को लोगों ने छुट्‌टी लेने का सबसे बड़ा कारण माना। 90% से ज्यादा लोगों ने स्वीकार किया कि- फैमिली प्रॉब्लम होने पर वो ऑफिस से जरूर छुट्‌टी लेते हैं। आंतों की समस्या की वजह से होने वाली बीमारी है...

एचसीएफआई ने बताया कि चूंकि ये सर्वे सिर्फ हेल्थ से जुड़ा है, इसलिए हमने सिर्फ ये जानने की कोशिश की कि कौन सी हेल्थ प्रॉब्लम की वजह से लोग ज्यादा छुट्‌टी लेते हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पेट दर्द की वजह से छुट्‌टी लेने का कारण है- इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस)। यह आंतों की समस्या की वजह से होने वाली बीमारी है, जिसकी वजह से पेट दर्द और यूरीन में परेशानी होती है। इस पर भी बिना डॉक्टरी सलाह के उपचार करना लोगों की मुश्किलें बढ़ाता है।

फाइबर युक्त खाना लेना चाहिए


सर्वे में 58.3% लोगों ने कबूला कि वो बिना किसी डॉक्टरी सलाह के ही दवाएं खरीद लेते हैं। वहीं 8.3% लोग तो पेट दर्द होने पर कोई उपचार ही नहीं करते। सर्वे में 11 शहरों के बड़े निजी अस्पताल और डॉक्टरों को शामिल किया गया। सर्वे में यह बात भी सामने आई कि इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) की वजह से लोगों की पूरी लाइफस्टाइल जैसे- खाने की आदतों वगैरह पर असर पड़ रहा है। सर्वे में शामिल 46% लोगों ने माना कि इरिटेबल बाउल सिंड्रोम की वजह से उनकी लाइफस्टाइल में तमाम बदलाव हुए हैं। इस बारे में दिल्ली के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. जीएस लांबा ने बताया- "इरिटेबल बाउल सिंड्रोम होने पर ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए और फाइबर युक्त खाना लेना चाहिए। आमतौर पर चोकर, रोटी, अनाज, सेम, फल और सब्जियों से फाइबर मिलता है।'

50% लोग एंटीबायोटिक लेकर ही काम चलाते रहते हैं

- 46% लोगों ने माना कि आईबीएस से उनकी लाइफस्टाइल बदली है।
- 53.8% लोग ही आईबीएस के लक्षण होने पर कोई दवा लेते हैं। बाकी नहीं लेते।
- 84.6% लोग इलाज के दौरान केवल एक ही दवा लेना पसंद करते हैं।
- 50% लोग ऐसे मामलो में एंटीबायोटिक लेकर काम चलाते रहते हैं।

11 शहरों में हुआ सर्वे


दिल्ली, बेंगलुरू, चेन्नई, पटना, पुणे, चंडीगढ़, जयपुर, मुंबई, लखनऊ, कानपुर, भोपाल। एचसीएफआई ने इन शहरों से आंकड़े जुटाए।

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Web Title: aufis se chhutti lene ka dusraa sabse bdeaa karn hotaa hai pet dard, sabse jyada loga family problm ka karn dekar chhut‌ti lete hain
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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