लाश के छह टुकड़े करके सीवर टैंक में डाले, 50 लाख मांगी थी फिरौती लेकिन बात 4 लाख में हुई थी तय

4 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. द्वारका डिस्ट्रिक के बाबा हरिदास नगर इलाके से युवक सचिन को अगवा करने के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसके शरीर के छह टुकड़े कर दिए गए। टुकड़ों को घर में टॉयलेट के सीवर टैंक में डाल दिया गया। इस केस में परिवार से 50 लाख की फिरौती मांगी गई थी लेकिन सौदा चार लाख रुपये में तय हुआ। हालांकि, उनकी मंशा पूरी होने से पहले ही पुलिस कातिलों तक पहुंच गई। दोनों आरोपियों को बिहार से दबोचा गया। इनसे हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने बंद घर से मंगलवार रात टुकड़ों में लाश बरामद की।

 

आरोपियों की पहचान भूषण कुमार सिंह उर्फ वरुण व विक्की कुमार के तौर पर हुई है। दोनों रिश्ते में जीजा-साले हैं। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ में लगी है। पता लगाया जा रहा है कि वारदात के पीछे कोई तीसरा तो शामिल नहीं है। बता दें कि करीब दो महीने पहले ही सचिन के बेटा हुआ था।

 

से खुली गुत्थी... आरोपियों ने कहा- लाश ठिकाने लगाने को टुकड़े किए
 

दोनों को दिल्ली लाकर पुलिस ने गहन पूछताछ की, जहां उन्होंने सचिन का कत्ल करने बात स्वीकार ली। मंगलवार शाम पुलिस टीम दोनों आरोपियों को लेकर ओल्ड ख्याला रोड प्रेम नगर स्थित उस घर पर पहुंची, जहां सचिन की बेरहमी से हत्या की गई थी। हत्या के बाद इन्होंने पहले शव को कमरे में टांड पर छिपा दिया था। आखिरकार, बॉडी को ठिकाने लगाने के लिए उन्होंने लाश के टुकड़े कर दिए। इसके बाद लैटरीन के सीवर टैंक में टुकड़ाें को फेंक दिया। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने कई घंटे की मशक्कत के बाद सीवर से शव के हिस्सों को बरामद कर लिया। हत्या करने के बाद आरोपी घर के बाहर से ताला लगा चंपत हो गए थे।

 

ऐसे हुआ शक...12 मई की सुबह 7.30 बजे घर से निकला, 9.30 बजे ही मोबाइल बंद हो गया
 

रामनाथ यादव (48) अग्रसेन पार्क नांगलोई रोड स्थित घर में रहते हैं। वह एक सीए के पास नौकरी करते हैं। परिवार में दो बेटियां और बेटा सचिन यादव (21) था। सचिन कृष्णा मंदिर नजफगढ़ के पास बालाजी कारपेट की शॉप पर काम करता था। 12 मई की सुबह 7.30 बजे किसी का सचिन के पास कॉल आया। फोन पर बातचीत के कुछ देर बाद वह किसी के साथ बाइक पर बैठकर चला गया। दो घंटे बाद 9.30 बजे ही सचिन का मोबाइल बंद हो गया। परिवार ने बेटे की काफी खोजबीन की, पर वह नहीं मिला। 13 मई को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट बाबा हरिदास नगर थाने में दर्ज करवाई गई।

 

ऐसे जगी आस... 15 मई को दो बार मोबाइल पर बात हुई, किसी और ने उठाया, फिर फिरौती मांगी
 

15 मई को रामनाथ और उनकी बेटी की सचिन के मोबाइल नंबर से दो बार बात हुई। कॉल किसी दूसरे शख्स ने उठाया। रामनाथ ने उनसे बेटे के बारे में पूछा तो वह उल्टी सीधी बातें करने लगा। उन्हें धमकी दी और फोन बंद कर दिया। बातचीत के बाद रामनाथ ने बेटे के अपहरण का शक जाहिर किया। इसके बाद पुलिस ने किडनैपिंग का केस दर्ज कर लिया। रामनाथ ने बताया कि उसी दिन उनके पास कॉल आया। फोन करने वाले ने बेटे को छोड़ने के एवज में 50 लाख फिरौती की डिमांड की। वह प्राइवेट नौकरी करते हैं, यह बात उन्होंने कॉलर को बताई। उन्होंने बेटे की जान बचाने के लिए उनसे काफी मिन्नतें कीं और कहा कि बेटे से एक बार बात करा दो।

 

ऐसे कसा शिकंजा...मोबाइल की लोकेशन के जरिए मजनूं का टीला से पानीपत तक पहुंच गई पुलिस
 

फिरौती की डिमांड होने के बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। जांच उस फोन नंबर पर केंद्रित हुई, जिससे रकम की डिमांड की गई थी। इस परिवार से फिरौती की रकम आजादपुर मंडी लेकर आने के लिए कहा गया था। पुलिस की भनक लगने की वजह से बदमाश वहां नहीं आए। टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस को फिरौती के लिए इस्तेमाल फोन की लोकेशन मजनूं का टीला से लेकर पानीपत तक पहुंच गई। वहां भी पुलिस पहुंची लेकिन किडनैपर्स नहीं मिले। आखिरकार, पकड़े जाने के डर से वे बिहार भाग गए। पुलिस ने रविवार रात बिहार में दबिश डाल सबसे पहले भूषण को दबोचा। इसके पूछताछ के दो घंटे बाद विक्की को भी पकड़ लिया।

 

ऐसे रची साजिश... 2-3 दिन पहले कमरा किराए पर लिया था, यहीं छिपाकर रखा
 

पिछले साल दिसंबर से सचिन ने कारपेट शॉप पर काम करना शुरू किया था। यहां आरोपी भूषण और उसका भाई पहले से ठेके पर काम करते थे। सचिन की नौकरी लग जाने के बाद से मालिक ने दोनों को हटा दिया था। करीब दो महीने पहले ही सचिन के बेटा हुआ था। छठी पर खुशी के इस कार्यक्रम में बाकायदा सचिन ने भूषण और उसके भाई को भी बुलाया था। पूरी वारदात एक साजिश के तहत की गई। जिस घर में हत्या की गई, उसे किडनैपिंग से दो तीन दिन पहले ही किराये पर लिया गया था। हत्या अपहरण वाले दिन ही कर दी गई थी, इसके बाद वे परिवार से फिरौती वसूलने के चक्कर में लगे थे। पीड़ित परिवार मुजफ्फरपुर बिहार का रहने वाला है।