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गधी के दूध से बना स्पेशल साबुन; दावा- दो से तीन हफ्ते लगाने पर स्किन करेगा ग्लो, झुर्रियां भी हो जाएंगी खत्म, मिस्र की ये रानी भी नहाती थी गधी के दूध से

चंडीगढ़ न्यूज: सोच से भी ज्यादा है एक लीटर दूध की कीमत

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2019, 06:04 PM IST

चंडीगढ़।केमिकल फ्री ऑर्गेनिक फूड प्रोडक्ट्स जैसे सब्जियां, फ्रूट, ड्रायफ्रूट्स को पसंद करने वाले लोगों के लिए शनिवार से ऑर्गेनिक फेस्टिवल शुरू हो गया है। इसमें ऐसे प्रोडक्ट्स भी हैं, जो आपकी सेहत और स्वाद दोनों के लिए फिट हैं। फेस्टिवल का आयोजन केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से किया गया है।

'वुमन ऑफ इंडिया ऑर्गेनिक फेस्टिवल' लेयर वैली में सोमवार तक चलेगा। यह फेस्ट सुबह 10.30 बजे से रात 10 बजे तक चलेगा। इसमें देशभर से 100 महिलाएं हिस्सा ले रही हैं। यहां दो स्टार्टअप रिषभ यश तोमर और पूजा कौल गधी के दूध से बना साबुन लेकर आए हैं। रिषभ कहते हैं कि क्वीन क्लीयोपेट्रा भी गधी के दूध से नहाती थीं। उन्हें लगा कि क्यों न दूध से साबुन बनाकर लोगों तक इसका फायदा पहुंचाया जाए। इस काम की शुरुआत महाराष्ट्र के शोलापुर से की। सबसे बड़ी चुनौती दूध कलेक्ट करने की थी।

यहां 2 हजार रुपए लीटर मिलता यह दूध

आंध्रप्रदेश में यह दूध 2 हजार रुपए लीटर बेचा जाता है। इसके बाद शोलापुर की एक कम्युनिटी को इस दूध के महत्व के बारे में बताया और उन्हें दूध प्रोड्यूस करने को कहा। इसके पीछे उद्देश्य था कि शोलापुर के लोगों को इस काम के जरिए रोजगार मिले। साबुन को बनाने के लिए दिल्ली में एक प्रोडक्शन यूनिट शुरू किया। इस साबुन की कीमत 500 रुपए है। रिषभ का दावा है कि गधी के दूध से बने साबुन का इस्तेमाल करने से दो से तीन हफ्ते में स्किन में ग्लो आना शुरू हो जाता है। इसके इस्तेमाल से झुर्रियां भी खत्म होने लगती हैं। इससे स्किन लगभग आपके बचपन जैसी स्मूथ हो जाती है। यह साबुन ऑनलाइन ई-पोर्टल पर उपलब्ध है।


एक किन्नौरी चिलगोजा में एक कप दूध जितनी ताकत...

मां कामाख्या सेल्फ हेल्प ग्रुप के संचालक मनोज कौशिक बताते हैं कि किन्नौर का चिलगोजा पेड़ से उतरने के बाद सीधे मार्केट में लाया जाता है। मार्केट में बिकने वाले रोस्टेड चिलगोजा के प्राकृतिक तत्व नष्ट हो जाते हैं, लेकिन ऑर्गेनिक एक चिलगोजा में एक कप दूध जितनी ताकत होती है।

सोयाबीन बना जंक फूड व नॉनवेज फूड प्रोडक्ट का विकल्प...
अगर नॉनवेज खाने से परहेज करते हैं और उसका स्वाद लेना चाहते हैं तो इस फेस्टिवल में अापके लिए बहुत कुछ है। सोयाबीन से ऐसे प्रोडक्ट तैयार किए हैं, जिनसे नॉनवेज जैसा स्वाद आता है। कंपनी के रिसर्चर ऑन ब्रांड एंड मार्केटिंग बिहेवियर जेनुल अली बताते हैं कि सोयाबीन से जंक फूड और नॉनवेज बनाने का उद्देश्य यूथ को जंक फूड से होने वाले नुकसान से बचाकर उन्हें हेल्दी फूड मुहैया करवाना है। जंक फूड सोयाबीन से सोया नूडल्स, सोया वेजेट, साेया चीका, सोया इंदी चोप, सोयाचोप आदि तैयार किए हैं। नॉन वेज प्रोडक्ट में सोया सीक कबाब, सोया शमी कबाब, सोया लेग पीस, सोया चिक्का रोगन जोश, सोया चीका बिरयानी, सोया चीका रोगन जोश, सोया वेज मटन टिक्का समेत कई प्रोडक्ट तैयार किए हैं। जेनुल अली बताते हैं कि उनके प्लांट में करीब 500 महिलाओं को रोजगार मिला है।


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