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कैबिनेट मीटिंग- नशा तस्कर को पकड़ते ही प्रॉपर्टी अटैच, सजा पर जब्त

जब्ती के सैकड़ों मामलों की मंजूरी दिल्ली से नहीं मिल पाई है।

BhaskarNews | Last Modified - Nov 18, 2017, 04:05 AM IST

  • कैबिनेट मीटिंग- नशा तस्कर को पकड़ते ही प्रॉपर्टी अटैच, सजा पर जब्त

    चंडीगढ़. पंजाब कैबिनेट ने नशा तस्करों की प्रॉपर्टी अटैच करने के लिए नया कानून बनाने को हरी झंडी दे दी है। यह कार्रवाई पंजाब फोरफेचर ऑफ इलीगली एक्वायर्ड प्रापर्टी एक्ट-2017 के तहत होगी। अब सरकार किसी भी तस्कर की प्रॉपर्टी को आसानी से अटैच करने के साथ जब्त भी कर सकेगी। इसके लिए केंद्र की परमीशन की जरूरत नहीं होगी। यह फैसला शुक्रवार को पंजाब कैबिनेट की मीटिंग में लिया गया। विधानसभा सत्र में इस कानून पर अंतिम मुहर लगेगी। गौरतलब है जब्ती के सैकड़ों मामलों की मंजूरी दिल्ली से नहीं मिल पाई है।

    अब एनडीपीएस एक्ट में आरोपी अपने नाम की संपत्ति बेच सकेगा और ही किसी रिश्तेदार को ट्रांसफर कर सकेगा। यह भी स्पष्ट किया गया है कि केस दर्ज होने के समय 6 साल से अधिक पुरानी संपत्ति ही अटैच होगी और ही जब्त की जा सकेगी।

    ऐसे समझें
    रेप पीड़ित को तीन लाख, रेप के साथ कत्ल पर परिवार को चार लाख, नाबालिग के शरीरिक शोषण के लिए दो लाख, मानवीय तस्करी की पीड़ित को एक लाख, मौत होने पर दो लाख, अपंग होने पर दो लाख और आंशिक रूप से अपंग होने पर एक लाख रुपए दिए जाएंगे।

    1. आतंकीगतिविधियों से निपटने के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) बनेगा

    आतंकी चुनौतियों से निपटने के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) बनाया जाएगा। फिदायीन हमलों, अगवा करने की स्थितियों, हथियारबंद व्यक्तियों की घुसपैठ जैसी चुनौतियों से यह एसओजी निपटेगा। यह ग्रुप जिला पुलिस, सिविल अथॉरिटी, सेना, एनएसजी, आईबी, इंटेलिजेंस विंग आदि जैसी एजेंसियों से लगातार तालमेल बनाकर काम करेगा। इसे केवल एक अिधकारी ही हैंडल करेगा।

    2. एसिड विक्टिमको तीन लाख रुपए मुआवजा
    कैबिनेट ने एसिड विक्टिम को कम से कम 3 लाख रु. मुआवजा देने का फैसला किया है। इससे पहले राज्य सरकार ने पीड़ितों को 8000 रुपए पेंशन देने का भी फैसला किया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार राज्य सरकार तेजाब हमले की शिकार हर पीड़त को कम से कम 3 लाख रुपए का मुआवजा देगी। मौत होने पर परिवार को पांच लाख रुपए दिए जाएंगे।

    3. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन; जमीन की निशानदेही अब आसान हाेगी

    जमीन के रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन करने को मंजूरी दी गई है। क्लाउड विधि पर आधारित नेशनल जेनरिक डाॅक्यूमेंट्स रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एनजीडीआरएस) की शुरुआत मोगा और आदमपुर से की गई। मोहाली समेत पांच जिलों में इलेक्ट्रॉनिक टोटल स्टेशन प्रोग्राम (ईटीएस) पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा।

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