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मैं पिता के दर्द को समझता हूं, हुड्‌डा के राज में गर्भ में मरती रहीं बेटियां, हमने तो बचाई हैं

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने सीएम द्वारा की टिप्पणी पर पलटवार किया है।

Dainik Bhaskar

Nov 25, 2017, 07:08 AM IST
Daughters living in the womb of Hooda

चंडीगढ़. प्रदेश में अब बेटियों को लेकर सियासत गर्म हो गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्‌डा पर पलटवार किया है। खट्‌टर ने कहा- एक पिता का दर्द जितना मैं समझता हूं, उतना शायद वे नहीं समझ सकते। बेटियों के प्रति मेरे मन में जो विचार हैं, उतना वो 10 जन्म में भी नहीं समझ सकेंगे। हमें महिलाओं और बेटियों की चिंता है। हरियाणा पर लगे भ्रूण हत्या के कलंक की हुड्डा ने कभी चिंता नहीं की।

व्यक्तिगत टिप्पणी औच्छी राजनीति का स्वरूप है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा बेटा, बेटी और पत्नी के नाते से भले ही परिवार नहीं है, लेकिन पूरा हरियाणा मेरा परिवार है और उस परिवार के नाते बेटियों महिलाओं की सुरक्षा और शिक्षा की व्यवस्था हमने की है।

हुड्‌डा कार्यकाल में गर्भ में हजारों बेटियां मरती रहीं, उनकी जानें वो नहीं बचा सके, हमने बचाई हैं। खट्‌टर ने कहा कि मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर 30 नवंबर को कुरुक्षेत्र में सम्मानित करेंगे। साक्षी मलिक को नौकरी देने के सवाल पर कहा कि पदक जीतने वाली बेटी के हरियाणा में प्रवेश के पहले घंटे में चैक दिया था। साक्षी ने रेलवे में ही कार्य करने की इच्छा व्यक्त की थी। उनकी राज्य में काम करने की इच्छा होगी तो नौकरी दी जाएगी। राज्य में खिलाड़ियों के लिए सिस्टम बनाकर 3 प्रतिशत कोटा दे नौकरियों में आगे बढाया जाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने सीएम द्वारा की टिप्पणी पर पलटवार किया है। हुड्‌डा ने कहा कि इस सरकार के पास बताने के लिए तो कुछ है नहीं है, इसलिए उलटे-सीधे बयान देकर सीएम लोगों का ध्यान बांटना चाहते हैं। मैंने बेटियों के मान-सम्मान की बात कही थी, जो सबको करना ही चाहिए। इससे भ्रष्ट और घोटालेबाज सरकार आज तक प्रदेश में नहीं बनी है। माइनिंग मामले में तो सीधे सीएम कार्यालय तक का नाम आया है।

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