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पुलिस के सामने गुंडों ने किया लाइनमेन का कत्ल, कनेक्शन काटने गए थे 5-6 लोग

एसडीओ को चौकी इंचार्ज रोहताश, उसके थानेदार और बीट स्टाफ के सामने ही कई थप्पड़ जड़ दिए।

BhaskarNews | Last Modified - Nov 18, 2017, 04:03 AM IST

  • पुलिस के सामने गुंडों ने किया लाइनमेन का कत्ल, कनेक्शन काटने गए थे 5-6 लोग

    चंडीगढ़.सेक्टर-25 कॉलोनी में आर्गेनाइज्ड क्राइम में शामिल गुंडों के आगे यूटी पुलिस की बेबसी से बिजली विभाग के 52 साल के सब-स्टेशन अटेंडेंट हरविंदर सिंह की जान चली गई। शुक्रवार शाम कॉलोनी के गुंडों ने विकास और अतुल के साथ मिलकर हरविंदर सिंह और एसडीओ को चौकी इंचार्ज रोहताश, उसके थानेदार और बीट स्टाफ के सामने ही कई थप्पड़ जड़ दिए। हरविंदर, एसडीओ अरविंद यादव, जेई मक्खन सिंह व हाकम सिंह को कॉलोनी के गुंडों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इससे हरविंदर को सदमा लगा और वह बेहोश हो गए।

    हॉस्पिटल के रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिसवालों के इस नकारेपन की खबर अफसरों तक पहुंची तो पुलिस के पीआरओ के जरिये मैसेज फ्लैश कराया गया कि हरविंदर की मौत मारपीट से नहीं, हार्ट अटैक से हुई है।

    सब पुलिस के सामने हुआ और पुलिस कहती है- हमें इन्फॉर्म नहीं किया

    पुलिस का प्रेस नोट-

    यूटी पुलिस ने मामले की जांच करने, केस दर्ज कर आरोपियों को दबोचने के लिए कुछ करने से पहले रात 7.50 बजे प्रेस नोट जारी कर दिया। इसमें कहा गया है- हरविदंर के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं हैं, जिससे लगता है कि मौत हार्ट अटैक से हुई है। बिजली विभाग के 8-10 लोग कनेक्शन काटने गए थे। उन्होंने पुलिस को इन्फॉर्म नहीं किया था।

    चश्मदीद एसडीओ ने खोली पोल...

    गुंडे उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटते रहे, पुलिस देखती रही

    बिजली विभाग के एसडीओ अरविंद यादव ने कहा कि उन्होंने दो बार पुलिस को लेटर लिख सिक्योरिटी मांगी थी। हर बार फोर्स की शॉर्टेज बताकर मना कर दिया गया। शुक्रवार को वह 5 कर्मियों के साथ मकान नंबर 2392 में रहने वाली सतीश के घर गए थे, जिसका 55 हजार का बिल बकाया था। बिजली का कनेक्शन काटने लगे, तो सतीश के बेटे विकास और अतुल आ गए। दोनों ने धमकी दी कि मीटर को हाथ नहीं लगाना। एसडीओ ने 4.35 बजे 100 नंबर पर काॅल कर पुलिस से मदद मांगी। तब तक सिर्फ बहसबाजी हो रही थी। थोड़ी देर में बीट स्टाफ आया, फिर एक थानेदार और फिर चौकी इंचार्ज एसआई रोहताश सिंह। पुलिसवालों के आते ही कॉलोनी के कुछ प्रधान, विकास और अतुल के साथ कुछ गुंडे, एक महंत और कई लोग आ गए। इन्होंने पुलिस के सामने ही स्टाफ को थप्पड़ जड़े। एक आरोपी एसडीओ को थप्पड़ मारने लगा, तो हरविंदर आगे आ गया। फिर गुंडों ने हरविंदर को पीटना। हरविंदर भागे तो गुंडे पीछे दौड़े। हरविंदर सड़क किनारे लगे तारोें से टकराया। यहां भी गुंडों ने पीटा। वहां मौजूद पुलिसवाले तमाशा देखते रहे। हरविंदर का जूता और जुराब तारों में उलझ गया, वह दोबारा भागे और पंजाब केसरी बिल्डिंग के आगे खड़े हो गए। दो मिनट बाद यहीं गिर गए। हॉस्पिटल ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई।

    केस दर्ज...

    पुलिस ने एसडीओ यादव की शिकायत पर विकास समेत अन्य पर कत्ल का केस दर्ज किया है। रात को महंत को भी उठाकर ले गई। सूत्रों की मानें तो मारपीट करने वालों में 8-10 वही लोग हैं जो अक्सर एरिया में पुलिसवालों के साथ ही घूमते नजर आते हैं। वो पकड़ से बाहर हैं।

    ऑर्गेनाइज्ड क्राइम को शह देने वाले एसएचओज़ पर कैसे कसें नकेल

    चंडीगढ़. सेक्टर-25 कॉलोनी ऑर्गेनाइज्ड क्राइम का गढ़ है। सब कुछ पुलिस की शह पर हो रहा है। कॉलाेनी में अकसर आलीशान गाड़ियों को ड्रग्स के लिए चक्कर काटते देख सकते हैं। अवैध शराब व सट्‌टे का धंधा तो खुलेआम चलता है। शहर की एसएसपी जगादले निलांबरी भी ऑर्गेनाइज्ड क्राइम को शह देने वाले एसएचओज पर नकेल नहीं कस पा रही हैं। उन्हें साजिशन क्राइम ब्रांच का चार्ज ही नहीं दिया गया है। एसएचओज पर नकेल कसने के लिए वह कैसे किसी दूसरे विंग से निगरानी रखवाएं, जब उनके पास कोई विंग ही नहीं है।

    पूरी कॉलोनी का कुल 50 लाख रुपए का बिल है पेंडिंग

    सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर एमपी सिंह का कहना है कि पूरी कॉलोनी में कुल 50 लाख रुपए के बिजली डिफॉल्टर्स हैं। उनसे बकाया हासिल करने के लिए स्पेशल ड्राइव चलाएंगे। पुलिसवालों को आरोपियों को दबोचना चाहिए, सफाई नहीं देनी चाहिए। मैंने अपनी विभाग की टीम से बात की। शर्म आती है कि कैसे चौकी इंचार्ज और पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में सरकारी कर्मियों पर लोग हाथ उठा देते हैं।

    पावरमैन यूनियन ने दी हड़ताल की धमकी

    यूटी पावरमैन एसोसिएशन के प्रधान सतपाल और गोपाल जोशी ने धमकी दी है कि आरोपी जल्द पकड़े नहीं गए तो वो हड़ताल पर जाएंगे। मूकदर्शक बने पुलिसवालों पर कार्रवाई हो, मृतक के बच्चे को नौकरी दी जाए। हड़ताल पर फैसला शनिवार को लिया जाएगा।

    एसडीओ बोले- पुलिस के सामने ही हमें थप्पड़ मारे गए

    कौन कहता है हमने पुलिस को इन्फॉर्म नहीं किया। पुलिस को दो लेटर लिखे, उन्होंने फोर्स देने से मना कर दिया। खुद चौकी इंचार्ज रोहताश मौजूद था मौके पर, उसके सामने ही हमें थप्पड़ मारे गए। पुलिस कुछ करती तो हमारा साथी बच जाता। -अरविंद यादव, एसडीओ

    पुलिस वालों ने नहीं की मदद

    मुझे भी पीटा गया, हरविंदर को भी पीटा। मैंने पुलिसवालों से भी मदद मांगी, उन्होंने कुछ नहीं किया। -मक्खन सिंह, जेई

    केस दर्ज कर लिया है

    हमने केस दर्ज कर लिया है। सारे आरोपी पकड़े जाएंगे। -जगादले विजय निलांबरी, एसएसपी यूटी

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