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ऑफिस के बाबुओं का डबल गेम- प्रॉपर्टी डीलर्स से मिलकर ज्यादा एरिया को डॉक्युमेंट्स में दिखा देते थे कम

सीएम फ्लाइंग स्क्वायड ने वीरवार को हुडा के सेक्टर-6 स्थित ऑफिस में रेड की थी।

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 06:41 AM IST

पंचकूला. सीएम फ्लाइंग स्क्वायड ने वीरवार को हुडा के सेक्टर-6 स्थित ऑफिस में रेड की थी। यहां से प्रॉपर्टी डीलर राकेश कुमार ढांडा, हुडा ऑफिस के असिस्टेंट विजय सांगा, आईटी विंग के कर्मचारी हरनीत सिंह को गिरफ्तार किया था। प्रॉपर्टी डीलर विकास सैनी मौके से भाग गया था। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ सेक्टर-5 के थाने में धारा 468, 471, 120बी, 7, 8, 10, 12, करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया।

शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया गया। कोर्ट में बताया गया कि सीएम फ्लाइंग स्क्वायड की जांच में खुलासा हुआ है कि हुडा में कमीशनखोरी का खेल चलता है। किसी प्रॉपर्टी की फाइल नहीं मिल रही है तो बाबुओं और प्रॉपर्टी डीलर्स का एक गिरोह सब कुछ मुहैया करवा देता है। कमीशनखोरी के चक्कर में एक बड़े एरिया के नक्शे की फीस भरने की बजाय कम फीस के हिसाब से उसे फाइलों में छोटा दिखा दिया जाता है। जो प्रॉपर्टी लिटिगेशन में है उसके केस को सॉल्व करवाने से लेकर बिकवाने का काम यहीं इस्टेट ऑफिस में बैठकर किया जाता है। इसमें नामी प्रॉपर्टी डीलर्स समेत हुडा की आईटी विंग, अलॉटमेंट ब्रांच, अकाउंट्स ब्रांच, स्टोर व लीगल ब्रांच के बाबू गेम खेलते हैं।

होम सेक्रेटरी की परमिशन से रिकॉर्डिंग, ऐसे आए पकड़ में

- सीएम फ्लाइंग स्क्वायड को रिपोर्ट मिली थी कि हुडा में प्लॉट अलॉटमेंट से लेकर नक्शे बनवाने और हर काम में कमीशन का खेल चलता है। इसमें दो प्रॉपर्टी डीलर्स राकेश कुमार और विकास सैनी का नाम आया था। सितंबर में दो मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाकर कॉल रिकॉर्ड की गई। इसके बाद सच्चाई सामने आई।

- इन दोनों प्रॉपर्टी डीलर्स ने हुडा के बाबुओं से लेकर कई नामी प्रॉपर्टी डीलर्स से प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट्स के बारे में बात की। इसमें कहा गया है कि ये प्राॅपर्टी लिटिगेशन में है, इन कमियों को पूरा किया जा सकता है। इसके बारे में मालिक को तो पता नहीं होगा, बल्कि हम मिलकर इसे पूरा करवा करोड़ों कमा सकते हैं।

कॉल रिकॉर्डिंग में फंसे हुडा के बाबू और नामी प्रॉपर्टी डीलर
- एक रिकॉर्डिंग में किसी प्रॉपर्टी का नक्शा पास करने की बात होती है तो असिस्टेंट कहता है कि जेई ने रिपोर्ट पहले ही नहीं करनी। 10 हजार रुपए भिजवाने की बात होती है।
- एक कॉल में कहा जाता है कि तुमने इस फाइल में एक डॉक्यूमेंट नहीं लगाया। अगर साहब को पता चल गया तो नौकरी चली जाएगी। इस पर दूसरा व्यक्ति कहता है नहीं-नहीं इस फाइल को वहां जाने से पहले ठीक कर देंगे। अभी अपने पास रोक कर रखना। पहले सही कर लें, बाद में साहब के पास भेजेंगे।
- एक रिकॉर्डिंग में सेक्टर-10 के एक बूथ की बेसमेंट को पास करवाने की बात हो रही है। इसमें जरूरी दस्तावेज नहीं होते, लेकिन जिक्र में चार हजार रुपए और कुछ दस्तावेज आते हैं। इसके बाद इस काम को करवाने की हामी भर दी जाती है।
- एक रिकॉर्डिंग में पंचकूला के अलावा शहर की किसी अन्य प्रॉपर्टी का जिक्र होता है। इसके बारे में कहा जाता है कि उसके मालिक को कुछ नहीं पता। यह काम तो हम करवा लेंगे। करोड़ों का सौदा है। फाइल निकलवाओ, चेक करो।