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ऑडियो क्लिप में भरत की आवाज नहीं, पर इंडिपेंडेंट एजेंसी से जांच हो: सांसद

एमसी ने कंपनी का सिर्फ 5500 रुपए का चालान काटा।

Dainik Bhaskar

Nov 30, 2017, 04:13 AM IST
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चंडीगढ़. विपक्ष के नेता सुखपाल खैहरा की याचिका को रद्द करवाने के लिए बैंस बंधुओं द्वारा 35 लाख रुपए की रिश्वत देने की ऑडियो क्लिप पेश करने के खिलाफ संसदीय मामलों के मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा द्वारा अचानक निंदा प्रस्ताव लाने से उनके साथ बैठे मंत्री भी हक्के बक्के रह गए। दरअसल इस प्रस्ताव के बारे में स्पीकर राणा केपी सिंह के साथ-साथ किसी भी मंत्री को पता नहीं था। जब विपक्ष के नेता सुखपाल खैहरा ने इसे रिश्वत देने वाले दलालों की मदद करने प्रस्ताव बताया।


ब्रह्म के साथ बैठे नवजोत सिंह सिद्धू, मनप्रीत बादल और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के खुसर-फुसर शुरू हो गई। सुखपाल खैहरा भी यहीं नहीं रुके, बाहर मीडिया लाउंज में उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ जमकर बोला। वह इतने गुस्से में आ गए कि उन्होंने एक पाकिस्तानी पत्रकार को अपनी सरकारी कोठी में ठहराए जाने पर भी सवाल उठा दिया। यह देश की सुरक्षा को खतरा है।
ब्रह्म मोहिंदरा ने प्रस्ताव में ऑडियो क्लिप को जजों की शान के खिलाफ माना और चीफ जस्टिस से इसके पीछे की साजिश की जांच करवाने के लिए कहा। खैहरा के आरोपों पर ब्रह्म मोहिंदरा ने कहा, हम भी आपके खिलाफ कुछ नहीं बोल रहे बल्कि हमने भी चीफ जस्टिस से कहा है कि इसकी जांच करवा लें।

स्पीकर को भी नहीं थी प्रस्ताव की जानकारी

स्पीकर और मंत्रियों ने माना कि उन्हें प्रस्ताव की जानकारी नहीं थी। एक सीनियर मंत्री ने तो यहां तक माना कि इस प्रस्ताव को लाने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा, किसी मंत्री का खैहरा के आरोपों को लेकर काउंटर न करना भी सरकार की गलती है। स्पीकर राणा केपी सिंह ने माना कि उन्हें प्रस्ताव की जानकारी नहीं थी लेकिन हाउस में सरकार कभी भी कोई प्रस्ताव ला सकती है।

संधू ने बहस से किया इनकार

स्पीकर द्वारा प्रस्ताव पर बहस के लिए बुलाने पर कंवर संधू से प्रस्ताव को गंदी राजनीति से प्रेरित बताते हुए मना कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले दिन हमने बहस मांगी थी तो आपने अनुमति नहीं दी और आज इसके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया। इतना कहकर आप के विधायक वाकआउट कर गए।

बैंस बोले-हमने ड्यूटी अदा की

सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि ऑडियो रिलीज कर करप्शन के खिलाफ उन्होंने अपनी ड्यूटी अदा की है। उन्होंने कहा कि आज साबित हो गया कि सरकार दलाल बनी हुई है। स्पीकर तक को पता नहीं कि क्या प्रस्ताव आना है। हमारे खिलाफ प्रस्ताव लाए हैं और हमें ही बोलने की स्पीकर ने इजाजत नहीं दी। क्या इससे ज्यादा धक्के शाही हो सकती है।

मेरी जान को खतरा : खैहरा
सुखपाल खैहरा ने मीडिया से बात करते हुए सीएम के खिलाफ अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए अपनी जान को खतरा बताया और सुरक्षा की मांग की। उन्होंने कहा, सिमरजीत सिंह बैंस ने एक लफ्ज भी जज साहिब के खिलाफ नहीं कहा। उन्होंने चीफ जस्टिस से मांग की कि इन लोगों को विधानसभा का मिसयूज करने के लिए सजा मिलनी चाहिए। 2007 में जब कैप्टन को विधानसभा से एक्सपेल किया गया था तो मैं इसके साथ दिल्ली तक गया। मैं नहीं जानता था कि यह इतना नीचे गिर सकते हैँ। खैहरा ने आरोप लगाया कि सिटी सेंटर केस में बैंस द्वारा पिटिशन फाइल करने के कारण उन्हें फंसा रहे हैँ।

मुख्यमंत्री कैप्टन ने कहा कि खैहरा ने खुद बनाई सीडी
प्रस्ताव लाने के मुद्दे पर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि आप ध्यान से सुनो उस आडियो क्लिप को। लगता है कि अपने आप को हीरो बनाने के लिए यह खुद ही बनाई गई है। हमने तो कोर्ट से इसकी जांच करवाने को कहा है। बाकी खैहरा जो मेरे खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया है उससे साफ है कि अपनी निराशा को छिपाना चाहते हैं। उन्हें संसदीय नैतिक मूल्यों की कोई जानकारी नहीं है।

बीपीएल पर अपना सर्वे करवाने पर विचार कर रही है सरकार

रूरल डेवलपमेंट मिनिस्टर तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कांग्रेसी विधायक डॉ धर्मवीर अग्निहोत्री को आश्वासन दिया कि सरकार अपना बीपीएल सर्वे करवाने पर भी विचार कर रही है।उन्होंने माना कि केंद्रीय नियमों के अनुसार सर्वे में पंजाब के ज्यादा लोग इसमें शामिल नहीं हो पाते।

भुलत्थ, ढिलवां और बेगोवाल सीवरेज के काम की जांच होगी

सिद्धू ने भुलत्थ, ढिलवां और बेगोवाल में पिछली सरकार के दौरान हुए सीवरेज की काम की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। यह सवाल सुखपाल खैहरा ने उनसे पूछते हुए जांच की मांग की थी। उन्होंने कहा कि 2008 से ढिलवां में काम चल रहा है और अभी तक उसके लिए 85 फीसदी काम ही हुआ है।

शेड्यूल रोड पर कैसे लगा दिया टोल टैक्स

चंडीगढ़-कुराली-सिसवां रोड पर लगाए गए टोल टैक्स का मुद्दा कंवर संधू ने उठाया। उन्होंने कहा कि यह शेड्यूल रोड है और टोल टैक्स केवल नेशनल और स्टेट हाईवे पर लगाए जा सकते हैँ। उन्होंने कहा कि यहां से रोड सुखविलास को जाती है क्या सिर्फ उसके लिए बनाई गई है। उनके इतना कहते ही कांग्रेस के कई विधायकों ने जोरदार बहस शुरू कर दी। संसदीय कार्य मंत्री जो लोक निर्माण मंत्री रजिया की गैर हाजिरी में जवाब दे रहे थे ने कहा कि इसको एक्जामिन करवा लेंगे।

सिद्धू ने फायर टेंडर मामले में अकालियों को घेरा, 550 फायर टेंडर होंगे सूूबे में

लोकल बॉडीज मिनिस्टर नवजोत सिंह सिद्धू ने फायर टेंडर्स को लेकर बुधवार को शिरोमणि अकाली दल के विधायकों की जमकर क्लास लगाई। प्रश्न काल में एनके शर्मा ने किन किन नगर पालिकाओं को फायर टेंडर दिए गए इसके बारे में सवाल पूछा तो सिद्धू के जवाब से असंतुष्टि जताते हुए कहा कि कर्मचारियों के न होने के कारण ये गाडिय़ां वैसे ही खड़ी हैं। इस पर सिद्धू ने कहा कि दस साल तक अकालियों ने शासन किया है तब क्यों सोए रहे थे। उन्होंने कहा कि 2007 से लेकर 13 तक 32 करोड़ रुपए सेंटर सरकार ने दिए लेकिन इन्होंने एक पैसा खर्च नहीं किया। 2013 में फिर 92 करोड़ रुपए मिले पर सिर्फ 17 करोड़ ही खर्च किए जबकि हमने सात महीनों में ही 43 करोड़ रुपए खर्च कर दिए हैं। अब सभी के लिए फायर सूट पर 7 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा 46 कर्मचारी भर्ती किए जा रहे हैं। इसी बीच बिक्रम मजीठिया और नवजोत सिद्धू के बीच हल्की नोक झोंक भी हुई।

काम अच्छा करवाते तो अब मरम्मत की जरूरत नहीं पड़ती
इरिगेशन मिनिस्टर राणा गुरजीत सिंह ने अकाली विधायक अजीत सिंह कोहाड़ से उनके सवाल के जवाब में कहा कि अगर सतलुज नदी के धुस्सी बांध पर आपके समय में हुए काम में ईमानदारी बरती जाती तो ये न टूटता। उन्होंने कहा कि धुस्सी बांध पर से रेत के बड़े ट्राले निकलने के कारण ये टूटते हैं। इसके लिए कोई पॉलिसी बनाई जाएगी।

झलकियां-

1 आबकारी एवं कराधान के संशोधित बिल के दौरान वित्तमंत्री मनप्रीत बादल से जब एक एमएलए ने कहा कि उनके नाम का दुरुपयोग कर शराब के ठेकेदारों को बचाया जा रहा है तो मनप्रीत बादल ने कहा कि उनका नाम किसी शराब के ठेकेदार के साथ न जोड़ा जाए। कानून तोड़ने वाला चाहे उनका चाचा हो या ताया हो या कजिन हो। उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
2 महकमे सीएम के बिल पेश किए कई अन्य मंत्रियों ने । आज कुल13 बिल पेश हुए जिसमें से 9 कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास वाले महकमों के थे लेकिन उन्होंने केवल एग्रीकल्चर से संबंधित बिल ही पेश किए । बाकी के बिल मनप्रीत बादल, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने पेश किए।
3 अंग्रेजी में बिल पेश करने का विरोध करते हुए सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि मुझे कोई साफ्टवेयर उपलब्ध करवाया जाए ताकि अंग्रेजी बोलने वालों की बात में पंजाबी में समझ सकूं।
4 पानी पी आउं स्पीकर साहिब... हाउस में यह इजाजत विपक्ष के नेता सुखपाल खैहरा ने की। दरअसल इससे पहले जब वह वाश रूम गए थे तो उनके ध्यानाकर्षण प्रस्ताव निकल गए। स्पीकर ने उनका नाम तीन बार पुकारा पर सदन में न होने के कारण वह इसे नहीं उठा सके।

5 भूख तो नहीं लगी आपको.. सुखपाल खैहरा ने यह बात स्पीकर से उस समय की जब वह दनादन बिलों को पास करवा रहे थे जबकि विधायक बिलों पर बोलना चाहते थेे।

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