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NH73 पर बंदरघाटी के पास पहाड़ियां काटी, नहीं चढ़नी पड़ेगी 20 फुट चढ़ाई

एनएच-73 पर अब वाहन चालकों को अगले कुछ अब 20 से 25 फुट की ऊंचाई पर नहीं चढ़ना पड़ेगा।

Danik Bhaskar | Nov 22, 2017, 07:12 AM IST

पंचकूला. पंचकूला से यमुनानगर जाने के लिए एनएच-73 पर अब वाहन चालकों को अगले कुछ अब 20 से 25 फुट की ऊंचाई पर नहीं चढ़ना पड़ेगा। जाम से भी राहत मिलेगी और ट्रैफिक भी स्मूथ चलेगा। इस हाईवे पर पंचकूला के आईटी पार्क से लेकर नाडा साहिब गुरुद्वारे के बीच और मोरनी टी-प्वॉइंट से लेकर सेक्टर-25बी की रोड तक 20 से 25 फुट की ऊंचाई को काटा जा रहा है। हाईवे को 11 से 40 मीटर तक चौड़ा किया जा रहा है। हाईवे की फोरलेनिंग का काम चल रहा है। माजरी चौक से लेकर बरवाला और फिर मौली गांव तक हाईवे की चौड़ाई का 70% काम किया जा चुका है। अब नदियों को पुल बनाने का काम, अंडरपास बनाने और बाईपास पर नदियों के पुलों की स्लैब रखने का काम किया जा रहा है।

1. नाडासाहिब गुरुद्वारे के पास और सेक्टर 25 बी से रामगढ़ एरिया तक सर्विस लेन बनेगी। काम शुरू किया जा चुका है। ये लेन सेक्टर-25, 26 तक एक ओर बन चुकी है। आईटीबीपी के पास अंडरपास का काम पेंडिंग है। इसके बाद ही काम को आगे बढ़ाया जाएगा।


2. रामगढ़में अंडरपास या फ्लाईओवर का काम चल रहा है। पिलरों को खड़ा कर दिया है। टेम्परेरी रोड बनने के बाद आगे काम किया जाएगा।

मोरनी टी प्वॉइंट से लेकर सेक्टर-25बी की रोड तक 20 से 25 फुट की ऊंचाई होती थी। पहाड़ी के बीच में मानो एक पहाड़ जैसा ही था, गाड़ियों की स्पीड भी कम हो जाती थी। ज्यादातर हैवी व्हीकल्स को ज्यादा परेशानी होती थी। अब यहां इस पहाड़ को भी काट दिया गया है। इसे करीब 40 मीटर की चौड़ाई तक दोनों ओर से काटा गया है। इसे 20 से 25 फुट तक नीचे किया गया है। एक लेन बन चुकी है, जबकि दूसरी के लिए मिट्टी को लेवल किया जा रहा है।

यहां पंचकूला के आईटी पार्क से लेकर नाडा साहिब गुरुद्वारे के बीच और मोरनी टी-प्वॉइंट से लेकर सेक्टर 25बी की रोड तक पहाड़ों की ऊंचाई को कम किए बिना ही सड़क को बनाया गया था। इस दौरान यहां वाहनों की स्पीड तो कम होती ही थी। इसके साथ साथ सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण जाम थी और ये एरिया नो ओवर टेकिंग जोन जैसा ही था। अब आईटी पार्क से लेकर नाडा साहिब गुरुद्वारे के बीच पहाड़ी को काटा गया है। ऊंचाई को खत्म कर दिया गया है। एक लेन का ये काम हो चुका है। इसे चलाने के बाद दूसरी लेन को भी इसी लेवल पर किया जाएगा। इसके अलावा यहां दो लेन को बनाने के लिए पहाड़ को काटा गया है।