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इच्छामृत्यु का हक देने पर संविधान पीठ का फैसला आज

अंतिम सुनवाई में केंद्र ने इच्छा मृत्यु का हक देने का विरोध करते हुए इसका दुरुपयोग होने की आशंका जताई थी।

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 06:56 AM IST

नई दिल्ली. कोमा में जा चुके या मृत्यु शैय्या पर पहुंच चुके लोगों को इच्छा मृत्यु का हक देने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ शुक्रवार को फैसला सुनाएगी। कोर्ट ने इस मामले में 12 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रखा था। अंतिम सुनवाई में केंद्र ने इच्छा मृत्यु का हक देने का विरोध करते हुए इसका दुरुपयोग होने की आशंका जताई थी।

उल्लेखनीय है कि एक एनजीओ ने लिविंग विल का अधिकार देने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। उसने सम्मान से मृत्यु को भी व्यक्ति का अधिकार बताया था। लिविंग विल में व्यक्ति जीवित रहते वसीयत कर सकता है कि लाइलाज बीमारी से ग्रस्त होकर मृत्यु शैय्या पर पहुंचने पर शरीर को जीवन रक्षक उपकरणों पर न रखा जाए।

बहस के दौरान केंद्र ने कहा था कि अरुणा शानबाग केस में कोर्ट मेडिकल बोर्ड को ऐसे दुर्लभ मामलों में जीवन रक्षक उपकरण हटाने का अधिकार दे चुका है। वैसे भी हर केस में अंतिम फैसला मेडिकल बोर्ड की राय पर ही होगा। अगर कोई लिविंग विल करता भी है तो भी मेडिकल बोर्ड की राय के आधार पर ही जीवन रक्षक उपकरण हटाए जाएंगे।