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मंत्री जी ध्यान दें ! पटरी से उतर रही है रेलवे की टि्वटर सेवा

अब रेल मंत्रालय के बजाय रेल सेवा विंग टि्वटर पर दे रही पैसेंजरों को रिप्लाई, इससे विभाग की जवाबदेही कम हुई

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 04:22 AM IST
अब रेल मंत्रालय के बजाय रेल सेवा विंग टि्वटर पर दे रही पैसेंजरों को रिप्लाई, इससे विभाग की जवाबदेही कम हुई अब रेल मंत्रालय के बजाय रेल सेवा विंग टि्वटर पर दे रही पैसेंजरों को रिप्लाई, इससे विभाग की जवाबदेही कम हुई

नई दिल्ली. ट्रेन यात्रियों को आवश्यक सेवा से लेकर सुरक्षा पंहुचाने के लिए 1 अगस्त 2016 को पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा शुरू किया गया टि्वटर सेल बंद होने के कगार पर है। इसके पीछे प्रभु के उत्तराधिकारी रेल मंत्री पीयूष गोयल की कम दिलचस्पी को वजह बताया जा रहा है।


रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने पहचान न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि नए रेल मंत्री टि्वटर सेल को लेकर अपनी अनिच्छा जाहिर कर दी थी। इसके बाद से शिकायतों का रिप्लाई रेल मंत्रालय के ऑफिशियल टि्वटर हैंडल की बजाय रेल सेवा के टि्वटर हैंडल से दिया जाने लगा। इस कारण रेल विभाग की जवाबदेही भी कम हो गई है।

अधिकारी ने बताया कि इसका असर ये पड़ा है कि इमरजेंसी में ट्रेन में दूध, दवा जैसी सेवाएं उपलब्ध करवाना लगभग बंद हो गया है। केन्द्र कार्य निदेशक (जन शिकायत) देवेन्द्र कुमार ने मंत्री द्वारा ट्वीट सेवा बंद किए जाने और टि्वटर सेल के द्वारा पैसेंजरों को पंहुचाए जाने वाली सेवा की संख्या के बारे में पूछे जाने पर यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वे मीडिया से बात करने के लिए अधिकृत नहीं हैं। उन्होंने एडीजी पीआर से बात करने की सलाह दी। इस बारे में एडीजी शेफाली शरण ने भी कोई भी जानकारी होने से इंकार कर दिया।

अब रोज महज 300 पैसेंजरों को टि्वटर पर मदद

वर्तमान में रोजाना करीब 20 हजार रेल यात्री टि्वटर और फेसबुक पर रेल मंत्रालय से मदद की गुहार लगाते हैं। रेलवे के अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इनमें से प्रतिदिन 300 पैसेंजरों तक ही मदद पहुंच पा रही है। इसमें मेडिकल से जुड़ी 15, सुरक्षा की 30 और अन्य तरह की 33 शिकायतों का निपटान हो पा रहा है।

विस्तार की योजना भी ठंडे बस्ते में
पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने दो करोड़ पैसेंजरों को सेवा देने के लिए ग्राहक शिकायत प्रबंधन सेल के विस्तार की योजना बनाई थी। उन्होंने कहा था कि फेसबुक टि्वटर के बाद एक ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित किया जाएगा कि हाइक, वाट्सएप, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म से भी शिकायतें सीधे रेल मंत्रालय के ऑफिशियल टि्वटर अंकाउट पर शो हों। मगर इस योजना पर भी कोई काम नहीं हो रहा है।

शिकायत के लिए ये प्लेटफॉर्म | टि्वटर : @railwayseva, @railminindia, फेसबुक : ministry of railways-india