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जज लोया की मौत की वजह जहर भी हो सकता है: एनजीओ

डॉक्टरों और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स को दिखाया गया था, जिन्होंने हार्ट अटैक की बात से इनकार किया था।

Danik Bhaskar | Mar 10, 2018, 03:45 AM IST

नई दिल्ली. जज लोया की कथित संदिग्ध मौत की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाले एनजीओ ने शुक्रवार को संदेह जताया है कि उनकी मृत्यु का कारण जहर भी हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एनजीओ ने कहा कि सीने में दर्द के चलते जज लोया की मौत हुई थी। जहर के कारण भी ऐसे लक्षण सामने आते हैं।

- चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच में एनजीओ सीपीआईएल के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि बॉम्बे हाई कोर्ट के दो जजों ने अपने बयान में कहा था कि लोया ने अपने सहयोगी की बेटी की शादी में जाते वक्त 1 दिसंबर, 2014 की सुबह सीने में दर्द की शिकायत की थी। ईसीजी और हिस्टोपैथॉलजी रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि उनकी मौत हार्ट अटैक के चलते नहीं हुई थी जिसका अर्थ है कि इसकी वजह जहर भी हो सकता है।
- भूषण ने कहा कि रिपोर्ट्स को डॉक्टरों और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स को दिखाया गया था, जिन्होंने हार्ट अटैक की बात से इनकार किया था।

बेंच के दो जजों पर सवाल
- भूषण ने कहा कि हाई कोर्ट के दो सिटिंग जजों ने लोया की मौत को लेकर बयान दिए थे, इससे साफ है कि वे इस मामले में गवाह हैं। सुप्रीम कोर्ट बेंच के दो जज (जस्टिस एएम खानविकलर और डीवाई चंद्रचूड़) महाराष्ट्र हाईकोर्ट में काम कर चुके हैं, वे उन जजों को जानते हैं।

- इस पर जस्टिस खानविलकर ने कहा, हमें खुशी होगी अगर हाईकोर्ट मामले को सुने। वहीं जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, अगर आपकी यही दलील है तो हम इस केस से वैसे ही व्यवहार करेंगे जैसे किसी भी केस से करते हैं। लेकिन भूषण ने कहा कि उन्होंने दोनों जजों के मामले से हटने की कोई अर्जी नहीं दी है।

"जजों पर उंगली उठाने से रोका जाए'
- महाराष्ट्र सरकार के वकील हरीश साल्वे ने लोया मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के जजों और जिला जजों पर उंगलियां उठाए जाने पर आपत्ति जाहिर की। उन्होंने कहा कि कुछ एक्टिविस्ट वकील, जजों पर आरोप लगा रहे हैं। इसे रोका जाए। उन्होंने कहा कि जैसा आरोप लगाया जा रहा है कि अगर एक आदमी के इशारे पर पूरा सिस्टम चल रहा है तो हमें यह संस्थान बंद कर देना चाहिए।

- साल्वे दूसरे पक्ष के वकीलों दुष्यंत दवे, भूषण और इंदिरा जयसिंह के सुझावों की ओर इशारा कर रहे थे जिन्होंने लोया के साथ अंतिम समय में मौजूद दो हाईकोर्ट जजों समेत चार जजों के परीक्षण की अनुमति मांगी है।

- साल्वे ने कहा, क्या चार जज हत्या की साजिश में शामिल हैं? क्या उन्होंने अपने साथी को मारा? क्या जजों को क्रॉस एग्जामिन करने दिया जाएगा? क्या अब इस सिस्टम की ये हालत हो गई है कि उनकी विश्वसनीयता पर संदेह किया जाएगा? कोर्ट को उनको नोटिस नहीं जारी करने चाहिए। यह उनकी विश्वसनीयता पर संदेह करने जैसा होगा।