--Advertisement--

तीन साल पहले फ्रांस में, अब भारत में बोट डिप्लोमेसी

दो साल में दूसरी बार फ्रांसीसी राष्ट्रपति भारत दौरे पर आ रहे हैं

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 07:07 AM IST
मैकों के साथ टॉप डिफेंस कंपनियों के सीईओ भी हैं, दोनों देशों के सीईओ की भी बैठक होगी। - फाइल मैकों के साथ टॉप डिफेंस कंपनियों के सीईओ भी हैं, दोनों देशों के सीईओ की भी बैठक होगी। - फाइल

नई दिल्ली. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का तीन दिन का भारत दौरा शनिवार को शुरू होगा। हालांकि, वो शुक्रवार रात तक यहां पहुंच जाएंगे। दौरे के पहले दिन शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैक्रों के बीच द्विपक्षीय बातचीत होगी। अगले दिन दोनों नेता राष्ट्रपति भवन में होने वाली सौर ऊर्जा गठबंधन की पहली बैठक का उद्घाटन करेंगे। मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मैक्रों की भव्य खातिरदारी करेंगे। उन्हें गंगा के घाट घुमाएंगे। गंगा में नाव की सैर कराएंगे। मैक्रों जापानी पीएम शिंजो आबे के बाद बनारस जाने वाले दूसरे राष्ट्राध्यक्ष होंगे।

तीन दिन के दौरे में क्या करेंगे मैक्रों?

शनिवार: दिल्ली में द्विपक्षीय बातचीत होगी

- मोदी और मैक्रों के बीच रक्षा, स्पेस, सुरक्षा, ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर द्विपक्षीय बातचीत होगी। कारोबारी संबंधों की समीक्षा होगी। मेक इन इंडिया से जुड़े कई बड़े रक्षा समझौते भी हो सकते हैं। दोनों देशों के कारोबारी, राजनीतिक और रणनीतिक रिश्ते और मजबूत होेंगे।

रविवार: अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन समिट में जाएंगे

- मैक्रों और मोदी अंतरराष्ट्रीय सोलर गठबंधन की पहली समिट का इनॉगरेशन करेंगे। इसकी थीम जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण है। ये समिट राष्ट्रपति भवन में होगी। इसमें 21 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और चार देशों के प्रधानमंत्रियों के अलावा 125 देशों के रिप्रेजेंटेटिव भी हिस्सा लेंगे।

सोमवार: मिर्जापुर में सोलर प्लांट का इनॉगरेशन करेंगे

- मैक्रों उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर के दादर काला गांव में 75 मेगावाट के सोलर प्लांट का इनॉगरेशन करेंगे। वे बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में बने पंडित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल का दौरा करेंगे। यहां हैंडीक्रॉफ्ट के सामानों का केंद्र है। मोदी ने पिछले साल इसे शुरू किया था।

दोनों देशों के सीईओ के साथ होगी अहम बैठक

फ्रांस स्कॉर्पीन सबमरीन की डील चाहता है

- फ्रांस की मीडिया के मुताबिक, मैक्रों भारत को 100 से 150 रफाल एयरक्राफ्ट बेचना चाहते हैं। स्कॉर्पीन-क्लास की सबमरीन देने की भी मंशा है। इसलिए उनके साथ फ्रांस के टॉप डिफेंस फर्म के सीईओ आ रहे हैं। इसमें डसाल्ट एविएशन, नावेल, थेल्स जैसी कंपनियां शामिल हैं। 5वीं पीढ़ी के प्लेन बनाने पर भी करार हो सकता है।

रियूनियन और जिबूती द्वीप पर हमें एंट्री मिल सकती है
- भारत-फ्रांस के बीच लॉजिस्टिक क्षेत्र में करार हो सकता है। फ्रांस मेडागास्कर के पास स्थित रियूनियन आइलैंड और अफ्रीकी बंदरगाह जिबूती में भारतीय जहाज को एंट्री दे सकता है। इससे भारत का समुद्र के रास्ते होने वाला कारोबार मजबूत होगा। जिबूती में चीनी सैन्य बेस भी है। यानी यह स्ट्रैटेजिक रूप से अहम है।

गणतंत्र दिवस में सबसे ज्यादा 5 फ्रांसीसी राष्ट्रपति रहे चीफ गेस्ट
- भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय साझेदारी की शुरुआत 20 साल पहले शुरू हुई। गणतंत्र दिवस परेड पर अब तक पांच फ्रांसीसी राष्ट्रपति चीफ गेस्ट बने हैं।
कारोबार: दोनों देशों के बीच 72 हजार करोड़़ रुपए का कारोबार है। फ्रांस, भारत में नौवां सबसे बड़ा फाॅरेन इन्वेस्टर है। 17 साल में 40 हजार करोड़ रुपए इन्वेस्ट किए हैं।

भारत में 1000 से ज्यादा फ्रेंच कंपनियां, फ्रांस में 120 भारतीय कंपनियां
- करीब 1000 फ्रेंच कंपनी भारत में है। करीब 120 भारतीय कंपनियों ने फ्रांस में निवेश कर रखा है। इन कंपनियों ने फ्रांस में 8500 करोड़ रुपए इन्वेस्ट किए हैं। फ्रांस में 7000 लोगों को नौकरी दी है। फ्रांस में भारतीय मूल के 1.1 लाख लोग रहते हैं। ये फ्रांसीसी कॉलोनी रही पुड्‌डुचेरी, कराईकल, माहे के हैं।

2015 में पेरिस की सीन नदी में मोदी-ओलांद ने बोट पर चर्चा की थी

- 2015 में जब मोदी फ्रांस गए थे, तब वहां के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने उन्हें सीन नदी की सैर कराई थी। इसी दौरान डिप्लोमैटिक चर्चा भी हुई थी। अब मोदी ठीक वैसे ही मैक्रों को गंगा की सैर कराएंगे। चर्चा करेंगे। इस तरह दोनों देशों में बोट डिप्लोमेसी का एक नया ट्रैंड देखने को मिल रहा है।

2015 में पेरिस की सीन नदी में मोदी-ओलांद ने बोट पर चर्चा की थी। - फाइल 2015 में पेरिस की सीन नदी में मोदी-ओलांद ने बोट पर चर्चा की थी। - फाइल