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शॉपिंग मॉल-मल्टीप्लेक्स में नहीं होगी कॉल ड्रॉप, न ही धीमा होगा इंटरनेट

बहुमंजिला इमारतों में मोबाइल नेटवर्क मुहैया कराने की कवायद में जुटा ट्राई

Dainik Bhaskar

Mar 10, 2018, 03:38 AM IST
टेलिकम्युनिकेशन मिनिस्ट्री ने आईबीए सिस्टम शेयर करने का सुझाव दिया है। -सिम्बॉलिक इमेज टेलिकम्युनिकेशन मिनिस्ट्री ने आईबीए सिस्टम शेयर करने का सुझाव दिया है। -सिम्बॉलिक इमेज

नई दिल्ली. बहुमंजिला इमारतों, शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स में अक्सर होने वाली कॉल ड्रॉप और इंटरनेट की स्पीड कम हो जाने की परेशानी से लोगों को निजात दिलाने की तैयारी चल रही है। टेलिकम्युनिकेशन रेग्युलेटरी अथॉरिटी (TRAI) इस कवायद में जुटी है। इन सभी जगहों पर अब बिजली-पानी जैसी बेसिक सुविधाओं की तरह ही क्वालिटी वाली टेलीकम्युनिकेशन फैसेलिटी देनी होंगी। अभी हालात ये हैं कि किसी जगह पर एक मोबाइल सेवा देने वाली कंपनी का फुल नेटवर्क आता है, लेकिन दूसरी का कमजोर पड़ जाता है। ऐसी स्थिति इन बिल्डिंग एक्सेस सिस्टम (आईबीए) की वजह से बनती है।

आईबीए सिस्टम से क्यों कमजोर हो रहा नेटवर्क?
- मोबाइल सर्विस देनी वाली कंपनियां मॉल, मल्टीप्लेक्स और बहुमंजिला इमारतों में अपना आईबीए सिस्टम लगाती हैं। वे दूसरी कंपनियों के साथ इसकी शेयरिंग नहीं करतीं। उदाहरण के लिए अगर किसी शॉपिंग मॉल में सिर्फ एयरटेल ने ही अपना आईबीए सिस्टम लगाया है तो वहां पर एयरटेल के ग्राहकों को कॉल या इंटरनेट चलाने में दिक्कत नहीं आएगी, लेकिन बाकी कंपनियों का नेटवर्क कमजोर पड़ जाएगा।

कंपनियों को आईबीए सिस्टम शेयर करना होगा
- इस समस्या के समाधान के लिए इंडियन डेलिकम्युनिकेशन रेग्युलेटरी अथॉरिटी (TRAI) ने आईबीए सिस्टम को सभी कंपनियों के बीच शेयर करना जरूरी करने का प्रस्ताव दिया है।
- TRAI का कहना है कि 5जी सेवाएं ठीक ढंग से काम करें इसके लिए मॉल और मल्टीप्लेक्स जैसी जगहों पर इंटरनेट की पूरी स्पीड मिलनी चाहिए। यह तभी मुमकिन होगा जब हर कंपनी का नेटवर्क मजबूत हो।

रोमिंग की तरह समझौते से रास्ता निकालें कंपनियां
- TRAI ने इस मामले में जरूरी कदम उठाने की बात कही है। उधर, दूरसंचार मंत्रालय की राय है कि कंपनियां रोमिंग सर्विस की तरह ही आईबीए सिस्टम में साझेदारी कर एक-दूसरे को इस सुविधा का भी लाभ दे सकती हैं। इससे हर कंपनी के आपसी समझौते से कस्टमर्स को सुविधा होगी।
- TRAI ने तर्क दिया है कि कस्टमर्स को कम से कम दाम पर टेलीकॉम सर्विस देना सरकार का मकसद होना चाहिए। आईबीए को अनिवार्य नहीं करने पर मॉल या मल्टीप्लेक्स का मालिक मनमाने रूप से किसी एक कंपनी से करार कर सकता है। लेकिन शेयरिंग को अनिवार्य करने से करार करने वाली कंपनियों को कोई लाभ नहीं मिलेगा।
- सूत्रों के मुताबिक, सरकार TRAI के इस मत से सहमत हो सकती है और जल्द ही इस पर अंतिम फैसला ले लिया जाएगा।

एक ही कंपनी से कनेक्शन लेने की मजबूरी होगी खत्म

- TRAI के मुताबिक, कई बार मॉल या मल्टीप्लेक्स में आईबीए सिस्टम के लिए बिल्डर टेलीकॉम कंपनियों से एक्स्ट्रा चार्ज लेकर करार कर लेते हैं। चार्ज देने वाली कंपनियों को यह फायदा होता है कि उस बिल्डिंग में उनका नेटवर्क ही काम करता है। इससे वहां काम करने वाले लोगों के ऑप्शन घट जाते हैं। उन्हें उसी कंपनी का ही मोबाइल या इंटरनेट कनेक्शन लेना जरूरी हो जाता है।

- TRAI का मानना है कि इन बिल्डिंग एक्सेस की शेयरिंग अनिवार्य करने से कंपनियों के बीच कॉम्पटीशन भी बढ़ेगा।

IBA पर किसी एक का अधिकार न हो: TRAI
- 6 जून 2016 को TRAI ने इन बिल्डिंग कनेक्टिविटी पर कंसल्टेशन पेपर जारी किया था।
- इस में TRAI ने कहा था कि आज के दौर में हर किसी के लिए उच्च क्वालिटी की टेलिकॉम सर्विस देना और पाना दोनों ही बेहद जरूरी है।
- लोगों का ज्यादातर वक्त इमारतों के अंदर बीतता है। ऐसे में ग्राहकों का हक है कि उन्हें हर इमारत के अंदर अच्छी क्वालिटी की टेलिकॉम सर्विस मिलें।
- TRAI ने बिल्डरों और ऑपरेटरों द्वारा आईबीए पर एकाधिकार को टेक्नोलॉजी के विस्तार के लिए रुकावट भी करार दिया था।

आईबीए लगाने से एक ही जगह किसी कंपनी का फुल नेटवर्क तो किसी को कमजोर नेटवर्क आता है। -सिम्बॉलिक इमेज आईबीए लगाने से एक ही जगह किसी कंपनी का फुल नेटवर्क तो किसी को कमजोर नेटवर्क आता है। -सिम्बॉलिक इमेज
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टेलिकम्युनिकेशन मिनिस्ट्री ने आईबीए सिस्टम शेयर करने का सुझाव दिया है। -सिम्बॉलिक इमेजटेलिकम्युनिकेशन मिनिस्ट्री ने आईबीए सिस्टम शेयर करने का सुझाव दिया है। -सिम्बॉलिक इमेज
आईबीए लगाने से एक ही जगह किसी कंपनी का फुल नेटवर्क तो किसी को कमजोर नेटवर्क आता है। -सिम्बॉलिक इमेजआईबीए लगाने से एक ही जगह किसी कंपनी का फुल नेटवर्क तो किसी को कमजोर नेटवर्क आता है। -सिम्बॉलिक इमेज
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