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आयुर्वेदिक नुस्खों में एलोपैथिक दवाएं मिलाने वाले नीम-हकीम जाएंगे जेल

जड़ी-बूटियों में मिला रहे हैं पैरासिटामॉल और एंटीबायोटिक दवाएं

Danik Bhaskar | Mar 10, 2018, 03:38 AM IST

नई दिल्ली. सड़क किनारे या गली-कूचों में आयुर्वेदिक दवाखाने चलाने वाले नीम-हकीम जड़ी-बूटियों से तैयार अपने नुस्खों या दवाओं को असरदार बनाने के लिए इनमें धड़ल्ले से एलोपैथिक दवाएं मिला रहे हैं। इस वजह से लोगों के स्वास्थ्य पर खराब असर पड़ने के अलावा एंटीबायोटिक ड्रग्स रेजिस्टेंस और दूसरे रोगों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।


इस गंभीर समस्या को देखते हुए अब सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ), राज्यों के ड्रग्स कंट्रोलर और पुलिस के साथ मिल कर ऐसे नीम-हकीम की दुकानों और ठिकानों पर छापेमारी करेगा। वहां से बरामद नमूनों की जांच होगी। अगर किसी के आयुर्वेदिक नुस्खे में एलोपैथिक दवाएं मिलीं तो उसे सीधे जेल भेजा जाएगा। पिछले कुछ समय से इस तरह की काफी शिकायतें मिल रही थीं।

इसके बाद पिछले महीने गाजियाबाद और मेरठ में ऐसे ही नीम-हकीम के ठिकानों पर छापेमारी की गई। छापेमारी के बाद जब्त की गई दवाओं को लैब में जांच के लिए भेजा गया। पता लगा कि उसमें फेनियोबुटाजोन दवा मिलाई गई है। यह भी देखने को मिला कि जिस जगह पर दवा तैयार की जा रही थी वहां काफी गंदगी फैली हुई थी। इससे दवा के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। जांच के बाद दोनों हकीमों को जेल भेज दिया गया।

छापेमारी करेगा सीडीएससीओ

सरकार की गलत नीतियों के कारण नीम-हकीम फल-फूल रहे हैं। मरीजों को इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है। आयुर्वेदिक दवाओं में धड़ल्ले से एस्टेरॉइड और एंटीबायोटिक मिलाए जा रहे हैं। ऐसे लोगों पर मुश्किल से ही एक्शन हो पाता है।
- डॉ. अनिल बंसल,पूर्व चेयरमैन, एंटी क्वाक्री सेल, दिल्ली मेडिकल काउंसिल