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वर्ल्ड किडनी डे: घर में स्वस्थ पुरुष होने के बावजूद किडनी डोनेट में मां और पत्नी आगे

आईएमए और हार्ट केयर फाउंडेशन ने की किडनी ट्रांसप्लांट करवा चुके दिल्ली के 25 मरीजों की स्टडी

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 04:14 AM IST

नई दिल्ली. महिलाएं किडनी दान करने में पुरुषों से आगे हैं। पुरुषों को दान की हुई किडनी महिलाओं से ज्यादा मिल रही हैं। इसका खुलासा हाल ही आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) और हार्ट केयर फाउंडेशन की ओर से की गई एक स्टडी में हुआ है। यह स्टडी दिल्ली के चार प्रमुख निजी अस्पतालों में किडनी ट्रांसप्लांट करा चुके 21 पुरुषों और 4 महिलाओं पर की गई है। इसमें सामने आया कि किडनी देने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों में मां और पत्नी ही आगे आईं।


स्टडी के दौरान किडनी ट्रांसप्लांट करा चुके 21 पुरुष मरीजों से बातचीत में पता चला उन्हें या तो उनकी मां ने किडनी डोनेट किया या फिर पत्नी ने। इन मरीजों ने बताया कि उनके घर की महिलाओं ने अपनी किडनी तब डोनेट की, जब घर में अन्य पुरुष सदस्य मौजूद थे। साथ ही वे बिल्कुल स्वस्थ थे और इस स्थिति में थे कि किडनी डोनेट कर सकें।

ट्रांसप्लांट के बाद महिलाओं ने संभाली घर की जिम्मेदारी
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट करा चुके 21 मरीजों में से दो ने बताया कि ट्रांसप्लांट कराने के लिए उनके घर की आर्थिक स्थिति खराब होने लगी। लेकिन इस संभालने के लिए घर की महिलाओं ने काम करना शुरू कर दिया।

स्टडी को आधार बनाकर करेंगे रिसर्च
आईएमए जनरल सेक्रेटरी डॉ. आरके टंडन ने बताया कि यह छोटी स्टडी थी। इसमें मरीजों और अस्पतालों के नाम और उनके नंबर को उजागर नहीं किया जा सकता है। बाद में इसी स्टडी को आधार बनाकर नेशनल लेवल पर रिसर्च किया जाएगा। रिसर्च में इस तथ्य को भी शामिल किया जाएगा कि महिलाओं को जरूरत पड़ने पर कितने पुरुष अपनी किडनी उन्हें डोनेट करते हैं। देश के सामाजिक ढांचे को देखते हुए रिसर्च में इस तथ्य को शामिल करना जरूरी है ताकि पता चल सके कि जरूरत पड़ने पर किस तरह महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दरकिनार कर दिया जाता है।

1994 से पहले पत्नी को नहीं था किडनी डोनेट का अधिकार
दरअसल, वर्ष 1994 से पहले जरूरत पड़ने पर मां और बहन के अलावा पत्नी अपने पति को किडनी दान नहीं कर सकती थी। लेकिन 1994 में ‘ट्रांसप्लांटेशन ऑफ ह्यूमन ऑर्गन एंड टिशू एक्ट’ के आने के बाद पत्नी को भी किडनी दान करने का अधिकार मिल गया। इससे पहले परिवार में पिता, मां और बहन ही किडनी या अंग दान कर सकते थे। इसके बाद वर्ष 2011 में कानून में बदलाव किया गया। उसके बाद से पूरे देश में अगर 100 पुरुषों का किडनी ट्रांसप्लांट हो रहा है तो उसमें 25 फीसदी मामलों में पत्नी ही किडनी डोनेट करती है। 20 फीसदी मामलों में मां ऐसा करती है। शेष 55 फीसदी मामलों में बहन, भाई और पिता शामिल हैं।