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मूडीज द्वारा रेटिंग बढ़ाने पर इंडस्ट्री की राय- देश की इकोनॉमी बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयार

Dainik Bhaskar

Nov 18, 2017, 05:43 AM IST

भारत की रेटिंग बढ़ने से कंपनियां विदेश से कम ब्याज पर पैसे जुटा सकेंगी, एफडीआई और एफआईआई में भी बढ़ोतरी होगी।

विदेशी निवेश बढ़ने से रुपया मजबूत होगा, सरकार के लिए  भी फंड की लागत कम होगी। - फाइल विदेशी निवेश बढ़ने से रुपया मजबूत होगा, सरकार के लिए भी फंड की लागत कम होगी। - फाइल
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नई दिल्ली. मूडीज द्वारा भारत की रेटिंग बढ़ाए जाने का इंडस्ट्री ने स्वागत किया है। इसने कहा है कि इस कदम से देश में विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ेगा। साथ ही, भारतीय कंपनियों के लिए विदेश में फंड जुटाना आसान होगा। उन्हें कम ब्याज दर पर कर्ज मिलेगा। रेटिंग का बढ़ना बताता है कि अर्थव्यवस्था बड़ी छलांग के लिए तैयार है।


- उद्योग चैंबर फिक्की के अध्यक्ष पंकज आर. पटेल ने कहा, रेटिंग अपग्रेड तीन-चार वर्षों में किए गए सुधारों का नतीजा है। इससे पहले वर्ल्ड बैंक ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी सुधार किया।

- एसोचैम ने कहा कि मूडीज इनवेस्टर सर्विस द्वारा भारत की रेटिंग बढ़ाने से एफडीआई और एफआईआई दोनों तरह का निवेश बढ़ेगा। कॉरपोरेट जगत के लिए वैश्विक वित्तीय बाजारों से सस्ती दरों पर कर्ज लेने में आसानी होगी।

- सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने उम्मीद जताई कि दूसरी ग्लोबल एजेंसियां भी जल्दी ही भारत की रेटिंग बढ़ाएंगी।

बाजार से पैसे जुटा सकती है

- भारती एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल ने कहा, ‘रेटिंग में यह सुधार हाल के वर्षों में किए गए संरचनात्मक सुधारों का परिणाम है। यह दिखाता है कि बड़ी छलांग के लिए तैयार है।’

- एसबीआई चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि रेटिंग बढ़ने से वित्तीय संस्थानों और दूसरी कंपनियों के लिए विदेशी कर्ज सस्ता होगा। वे कम ब्याज पर पैसे जुटा सकती हैं। भारतीय मुद्रा बाजार में इसका असर यह होगा कि यहां भी फंड की लागत कम होगी। सरकार कम ब्याज पर बाजार से पैसे जुटा सकती है।

- आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ चंदा कोचर ने उम्मीद जताई कि सुधार के कदमों से सरकार का रेवेन्यू और खर्च बढ़ेगा। विदेशी पेंशन फंड और दूसरे बड़े निवेशक हमारे बांड में निवेश करेंगे।

- एचडीएफसी चेयरमैन दीपक पारेख और यस बैंक के राणा कपूर के मुताबिक भारत की रेटिंग काफी पहले बढ़ जानी चाहिए थी। विदेशी निवेश बढ़ने से रुपया मजबूत होगा।


एसबीआई समेत पांच बैंकों और नौ सरकारी कंपनियों की भी रेटिंग बढ़ी
- मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्जिम बैंक और आईआरएफसी की रेटिंग भी एक ग्रेड बढ़ाकर ‘बीएए2’ कर दी है। इसने कहा है कि सरकारी बैंकों को पूंजी उपलब्ध कराने और बैंकरप्सी कानून से भारत का क्रेडिट प्रोफाइल सुधरेगा। बैंकों के पूंजीकरण से दो साल में सरकार पर जीडीपी के 0.8% के बराबर बोझ बढ़ेगा, लेकिन इससे बैंकों की स्थिति मजबूत होगी। आगे निवेश के लिए लोन की डिमांड बढ़ सकती है। इससे अंतत: सरकार का घाटा कम होगा। बैंकों के अलावा नौ सरकारी कंपनियों की रेटिंग भी बढ़ाई गई है। इनमें ओएनजीसी, इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, एचपीसीएल, एनटीपीसी और गेल भी शामिल हैं। ओएनजीसी की रेटिंग भारत से ज्यादा ‘बीएए1’ है। बाकी ज्यादातर कंपनियों को ‘बीएए2’ रेटिंग ही दी गई है।

ब्रिक्स देशों में चीन की रेटिंग भारत से बेहतर

- एसएंडपी ने सितंबर में चीन की रेटिंग ‘एए-’ से एक ग्रेड घटाकर ‘ए+’ कर दी थी। मूडीज ने इससे ‘एए3’ रेटिंग दे रखी है। मूडीज की रैंकिंग में भारत अब भी चीन से तीन पायदान नीचे है, लेकिन ब्रिक्स देशों में चीन ही भारत से बेहतर है। इन दोनों के साथ दक्षिण अफ्रीका ‘बीएए2’ निवेश ग्रेड में है। रूस ‘बीए1’ और ब्राजील ‘बीए2’ के साथ जंक ग्रेड में हैं।

समान रेटिंग वाले दूसरे देशों से कम है घाटा
- रेटिंग तय करने में सरकार का घाटा, एफडीआई, कर्ज और जीडीपी का अनुपात, प्रति व्यक्ति आय देखी जाती हैं। ‘बीएए2’ रेटिंग वाले दूसरे देशों का औसत राजकोषीय घाटा 2016 में 4.2% था। इस वर्ष यह 3.1% रह सकता है। भारत ने इस वर्ष के बजट में 3.2% घाटे का लक्ष्य रखा है।

इस साल कर्ज बढ़ेगा, आगे गिरावट आएगी
- जीडीपी के मुकाबले कर्ज में बीएए2 देशों का औसत 44% है। भारत में केंद्र का कर्ज जीडीपी का 68% है।

- मूडीज के अनुसार, नोटबंदी और जीएसटी के कारण सुस्ती से इस साल यह 69% तक जा सकता है। लेकिन इसके बाद स्थिर रहेगा और कुछ साल बाद इसमें गिरावट आएगी।

प्रति व्यक्ति आय: 10 साल में 108% बढ़ी, दूसरे देशों में 74%
- पीपीपी के आधार पर भारत की प्रति व्यक्ति आय दूसरे बीएए रेटिंग वाले देशों से काफी अच्छी है। 2006 से 2016 के दौरान इसमें 108% वृद्धि हुई, जबकि दूसरे देशों का औसत 74% है।

- सरकार ने जीएसटी, बैंकरप्सी, एनपीए की दिशा में जो काम किए हैं, उसे मान्यता मिली है। सरकार रोजगार, ग्रोथ और निवेश बढ़ाने के लिए काम करती रहेगी। हालांकि रेटिंग बहुत पहले बढ़नी चाहिए थी। उम्मीद है दूसरी एजेंसियां भी जल्दी भारत की रेटिंग बढ़ाएंगी।
-अरविंद सुब्रमण्यम, मुख्य आर्थिक सलाहकार

बड़े देशों में अमेरिका की रेटिंग सबसे अच्छी
देश एसएंडपी मूडीज फिच
भारत बीबीबी बीएए2 बीबीबी
ब्राजील बीबी बीए2 बीबी
चीन ए+ ए1 ए+
फ्रांस एए एए2 एए
जर्मनी एएए एएए एएए
जापान ए+ ए1
इंग्लैंड एए एए2 एए
अमेरिका एए+ एएए एएए

रेटिंग तय करने में घाटा, कर्ज, एफडीआई और आय भी देखी जाती है । -फाइल रेटिंग तय करने में घाटा, कर्ज, एफडीआई और आय भी देखी जाती है । -फाइल
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