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देश के 3 बड़े मुद्दों पर शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे तीन व्यक्तियों की टिप्पणी...

bhaskar news | Last Modified - Nov 26, 2017, 06:11 AM IST

उन्होंने कहा कि ‘लोअर कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कुल 17 हजार जज हैं। इनमें महिलाएं सिर्फ 4700 हैं।
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    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू।


    नई दिल्ली.राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने न्यायपालिका में महिला, एससी, एसटी और ओबीसी जजों की कम संख्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ‘लोअर कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कुल 17 हजार जज हैं। इनमें महिलाएं सिर्फ 4700 हैं। यानी चार में एक।’ बोले- न्यायपालिका में भी देश और समाज की विविधता झलकनी चाहिए। हालांकि नियुक्तियों में गुणवत्ता से समझौता नहीं हो।

    21 हाईकोर्ट में 850 जज, एससी/एसटी के सिर्फ 24
    Áएससी-एसटी कमीशन के मुताबिक 2011 में देश के 21 हाईकोर्ट में 850 जजों में सिर्फ 24 जज एससी/एसटी थे। 14 हाईकोर्ट में एक भी एससी/एसटी जज नहीं था। Áसुप्रीम कोर्ट के मौजूदा 31 जजों में से एक भी एससी/एसटी के नहीं हैं। Áसुप्रीम कोर्ट ने 2015 में उत्तराखंड के जिला जज कांता प्रसाद की कोर्ट में आरक्षण की अर्जी खारिज कर दी थी।

    -अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला

    उपराष्ट्रपति ने चेताया- धमकी देना या इनाम रखना मंजूर नहीं

    - नायडू बोले- घोषणा कर दी, पर करोड़ रु. इतना आसान है?
    उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि हिंसा की धमकियां देना और शारीरिक तौर पर नुकसान पहुंचाने पर इनाम की घोषणा लोकतंत्र में मंजूर नहीं है। पद्मावती का नाम लिए बिना उपराष्ट्रपति बोले कि धर्म या समुदाय की भावनाएं आहत होने के नाम पर कुछ लोग प्रदर्शन करते हैं। इस दौरान कुछ लोग इनाम घोषित करने लगते हैं। क्या करोड़ रुपए होना इतना आसान है?’

    - बढ़ता ज्यूडिशियल एक्टिविज्म
    चीफ जस्टिस ने कहा- लोगों के साथ खड़ा होना हमारा कर्तव्य है

    मंत्री बोले- नीति निर्माण में न्यायिक समीक्षा विध्वंसक
    - न्यायपालिका नीति से जुड़े क्षेत्रों में दखल देती है। नीति निर्माण में इस घुसपैठ के नतीजे विध्वंसक भी हो सकते हैं।
    -पीपी चौधरी, केंद्रीय कानून राज्यमंत्री
    - उम्मीद की जाती है कि सरकारी संस्थाएं मौलिक अधिकार में अतिक्रमण नहीं करेंगी। पर जब अतिक्रमण होता है तो लोगों के साथ खड़ा होना न्यायपालिका का दायित्व है। -दीपक मिश्रा, चीफ जस्टिस, सुप्रीम कोर्ट

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    दीपक मिश्रा, चीफ जस्टिस, सुप्रीम कोर्ट।
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Web Title: Statements On President Vice President And Chief Justice
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