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फोटोज: जब झूम-झूमकर नाचने लगीं गल्र्स, कुछ ऐसा था नजारा

फोटोज: जब झूम-झूमकर नाचने लगीं गल्र्स, कुछ ऐसा था नजारा

vikas sharma | Last Modified - Nov 17, 2017, 11:51 AM IST

चंडीगढ़.पंजाब यूनिवर्सिटी में शुक्रवार से शुरू हुए प्रोग्राम सोच के लिए गुरुवार को फ्लैश मॉब का आयोजन किया गया। स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन स्टडीज के स्टूडेंट्स की ओर से यह प्रोग्राम आयोजित किया गया था।

फ्लैश मॉब का मतलब ...


फ्लैश मॉब का मतलब लोगों के किसी समूह का अचानक पब्लिक प्लेस पर जमा होकर कोई अनोखा काम करने से है। इस शब्द का सबसे पहले इस्तेमाल 2003 में हुआ था। इसका उपयोग पॉलिटिकल या पब्लिक रिलेशंस के लिए किए जाने वाले कामों के संदर्भ में नहीं किया जाता है। पहली बार इसे एक ब्‍लॉग पोस्‍ट में यूज किया गया। आक्सफोर्ड डिक्शनरी में इसे 2004 में जगह मिली।


यूएसए में पहला फ्लैश मॉब...


पहली बार हार्पर मैगजीन के सीनियर एडिटर बिल वासिक ने 2003 में फ्लैश मॉब प्‍लान किया। पहले अटेंप्ट में वह नाकामयाब रहे। 3 जून 2003 को उनकी दूसरी कोशिश कामयाब रही। मेसीज डिपार्टमेंटल स्टोर में एक साथ कोई सवा सौ लोगों ने इसमें हिस्‍सा लिया, जिन्होंने पंद्रह सेकेंड तक एक लय में तालियां बजाईं।


इंडिया का पहला फ्लैश मॉब ...


अमरीका के ठीक दो महीने बाद इंडिया में पहली बार मुंबई में ही 4 अक्टूबर 2003 को फ्लैश मॉब देखने में आया। लगभग 60 लोग हाजी अली स्थित क्रास रोड मॉल पहुंचे और अजीबोगरीब हरकतें करने लगे। फि‍र थोड़ी देर बाद वहां से चले गए।


फोटो: अश्विनी राणा


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