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इस मंदिर तक पहुंचना नहीं है आसान, 2 स्टूडेंट को नोच कर खा गए थे जानवर

dainikbhaskar.com | Last Modified - Nov 17, 2017, 03:18 PM IST

एनआईटी हमीरपुर के 2 एमबीए स्टूडेंट्स की हिमाचल प्रदेश में मंडी जिले की शिकारी देवी घाटी में मौत हो गई थी।
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    शिकारी देवी मंदिर के आसपास 10 से 12 फुट बर्फ गिरती है।

    मंडी।जनवरी 2017 में हिमाचल के मंडी में स्थित शिकारी देवी में भयंकर बर्फबारी हुई थी। इस बर्फबारी में दो इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे सबक लेते हुए प्रशासन ने नवंबर माह में ही आगामी 15 अप्रैल तक शिकारी देवी मां के मदिर में जाने पर रोक लगा दी है। इंजीनियरिंग कालेज के दोनों छात्रों को देवी मां के मंदिर पहुंचने से पहले ही जंगली जानवरों ने नोच खाया था। पढ़ें पूरी खबर...

    जिला प्रशासन ने हिमाचल प्रदेश में खराब मौसम के चलते 15 नवंबर से ही 15 अप्रैल तक मंडी की शिकारी माता मंदिर को जाने पर रोक लगा दी है।

    -इस मंदिर को जाने वाले सड़क मार्ग व पैदल मार्ग सर्दी वर्षा तथा हिमपात के कारण जम जाते है। -प्रशासन ने गत वर्ष हुई दो छात्रों की मौत की घटना से सबक लेते हुए मंदिर जाने पर समय रहते रोक लगाई है ताकि कोई भी अप्रिय घटना दोबारा दोहराई न जा सके।

    शिकारी माता मंदिर की तरफ जाने का जोखिम न लें लोग...

    एसडीएम जंजैहली अश्विनी कुमार ने कहा कि कोई भी श्रद्धालुओं से खराब मौसम के दौरान शिकारी माता मंदिर की तरफ जाने का जोखिम न लें।
    शिकारी माता मंदिर परिसर तथा इसके चारों ओर हिमपात होता है उस दौरान मन्दिर में कोई भी पुजारी व कर्मचारी नहीं रहते।
    न ही उस स्थान पर ठहरने का कोई निकटवर्ती गांव व बस्ती उपलब्ध है। इस अवधि के दौरान भारी हिमपात के कारण यह समूचा क्षेत्र पूर्णतया हर प्रकार की सुविधा से वंचित रहता है।

    आपातकालीन नंबर किए जारी
    आपातकालीन स्थिति के लिए दूरभाष नम्बर 1070, 1077, 0190725666 (एसडीएम) 0190725670 (पुलिस थाना-जंजैहली) जारी किए गए।

    दो छात्रों की हुई थी मौत

    -इसी साल जनवरी माह में एनआईटी हमीरपुर के 2 एमबीए स्टूडेंट्स की हिमाचल प्रदेश में मंडी जिले की शिकारी देवी घाटी में मौत हो गई थी।

    -दोनों की बॉडी 13 जनवरी 2017 को बरामद की गई थी। 5 जनवरी को दोनों यहां घूमने आए थे। उसी दौरान यहां जोरदार बर्फबारी हुई थी, फिर उनसे किसी का कॉन्टैक्ट नहीं हो सका था।

    -दोनों स्टूडेंट्स के नाम नवनीत राणा और अक्षय कुमार थे। वे 5 जनवरी से एनआईटी हमीरपुर से एबसेंट थे।

    काफी कोशिशों के बाद भी उनसे कॉन्टैक्ट नहीं हुआ तो परिवार वालों ने पुलिस को इन्फॉर्म किया था।

    पुलिस ने शिकारी देवी घाटी के लिए सर्च टीम भेजकर तलाश करवाई तो वहां इनके शव मिले थे।

    फेसबुक पर शेयर की थीं तस्वीरें...

    - दोनों युवकों ने 5 जनवरी को सुबह 8 बजे अपने दोस्त से फेसबुक पर कुछ तस्वीरें शेयर की थीं। इसके बाद से उनसे किसी का कॉन्टैक्ट नहीं हो पाया था।
    - फेसबुक पर ही उन्होंने बताया था कि वे शिकारी देवी के दर्शन के लिए जा रहे हैं। बाद में उन दोनों से किसी का कॉन्टैक्ट नहीं हो पाया था।
    जंजैहली घाटी में करीब 3 फीट और शिकारी देवी में उस दौरान 10-12 फीट बर्फ गिरने का अनुमान लगाया गया था।

    - मेन रूट से जाने वाली सर्च टीम को शिकारी देवी से 3 किमी पहले क्षत-विक्षत अवस्था में एक शव मिला था। जिसके चेहरे व शरीर के कुछ अंगों को जानवरों ने नोच लिया था। फिर शिकारी देवी की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर नवनीत राणा की बॉडी मिली थी।

    आगे की स्लाइड्स में देखें फोटोज


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    शिकारी देवी मंदिर पर छत नहीं है।
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    ऐसे मिली थी स्टूडेंट्स की बॉडी।
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    25 लोगों की टीम ने किया था रेस्क्यू ।
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    बर्फ में मिले थे क्षत-विक्षित शव।
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    करीब एक हफ्त के बाद मिले थे शव।
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    मान्यता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान मंदिर का निर्माण किया। पांडवों ने यहां तपस्या की थी।
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    मां की पत्थर की मूर्ति स्थापित करने के बाद पांडव यहां से चले गए थे।
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    यहां हर साल बर्फ तो खूब गिरती है मगर मां के स्थान पर कभी भी बर्फ नहीं टिकती।
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    हैरत वाली बात ये थी कि मंदिर पर छत नहीं लग पाई।
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    कहा जाता है कि कई बार मंदिर पर छत लगवाने का काम शुरू किया गया, लेकिन हर बार कोशिश नाकाम रही।
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