बीमा / शादी समारोह में होने वाले नुकसान से बचने के लिए कराएं वेडिंग इंश्योरेंस, इससे नुकसान की होगी भरपाई

what is wedding insurance there is every thing which you know about this insurance
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Dainik Bhaskar

Dec 10, 2019, 10:50 AM IST
यूटिलिटी डेस्क. इस समय शादी का सीजन चल रहा है। कई बार शादी समाराह में कई ऐसी अप्रिय घटनाएं घट जाती हैं जिससे आपको मानसिक क्षति तो होती ही है साथ ही आर्थिक नुकसान भी होता है। ऐसे में शादी समारोह का बीमा यानी वेडिंग इंश्योरेंस आपको ना सिर्फ नुकसान से, बल्कि ऐसी अप्रिय घटनाओं से भी बचाता है जिनकी वजह से इस शुभ समारोह में व्यवधान की आशंका रहती है। कुछ बीमा कंपनियां पहले से तैयार पैकेज उपलब्ध कराती हैं। आप अपनी जरूरत के हिसाब से उनमें से कोई भी पैकेज चुन सकते हैं।

इससे जुड़ी खास बातें...

  1. समारोह शुरू होने के 24 घंटे पहले से कवरेज

    कुछ बीमा कंपनियां इवेंट इंश्योरेंस पोर्टफोलियो के तहत शादी के समारोह का बीमा करती हैं, तो कुछ ने इसके लिए अलग पॉलिसी बना रखी है। इसकी कवरेज संगीत, मेहंदी जैसी रस्म शुरू होने के 24 घंटे पहले शुरू हो जाती है। इसलिए शादी से एक दिन पहले भी यह पॉलिसी खरीद सकते हैं। हालांकि हमारी राय यही होगी कि समारोह शुरू होने से 15 दिन पहले पॉलिसी लेनी चाहिए। यह पॉलिसी समारोह आयोजित करने वाले ऑर्गेनाइजर, दूल्हा, दुल्हन या उनके परिवार के सदस्य ले सकते हैं।

  2. वेडिंग इश्योरेंस में क्या-क्या कवर होगा

    आजकल डेस्टिनेशन वेडिंग का जमाना है, जो काफी खर्चीला होता है। वेडिंग इंश्योरेंस में व्यक्तिगत दुर्घटना, कार्यक्रम रद्द होना या उसमें व्यवधान आना, समारोह वाली जगह पर किसी तरह का नुकसान जैसी चीजें शामिल होती हैं। हालांकि, दूसरी बीमा पॉलिसी की तरह इसमें भी यह प्रावधान होता है कि अगर बीमा कराने वाले ने ऐसी परिस्थितियों को छुपाया है जिनसे नुकसान का खतरा हो सकता है, तो बीमा का लाभ नहीं मिलेगा।

  3. कितने का बीमा कराना ठीक होगा

    अन्य बीमा पॉलिसी की तरह वेडिंग इंश्योरेंस में भी सभी तथ्यों का खुलासा करना जरूरी होता है। शादी में कौन-कौन शामिल होंगे, कितने लोग आएंगे, निमंत्रण पत्र की कॉपी, शादी की जगह इनडोर है या आउटडोर, शादी का समय, यह सब बताना जरूरी होता है। अगर शादी की जगह बदलती है तो उसकी सूचना भी देनी पड़ेगी। बीमा कंपनी को यह भी बताना पड़ेगा कि शादी वाली जगह के डेकोरेशन, स्टेज, ज्वैलरी आदि पर कितना खर्च आया है। इन सबके हिसाब से ही बीमे की रकम तय होगी। बीमा कंपनी आपको कई विकल्प दे सकती है। आप अपने बजट और जरूरत के हिसाब से उन्हें में से एक चुन सकते हैं।

  4. कितना क्लेम कर सकते हैं


    वेडिंग इंश्योरेंस का सम एश्‍योर्ड इस बात पर तय होता है कि आपने कितने का बीमा कराया है। ध्यान दें कि शादी की तारीख बदलने पर भी आप दावा क्लेम कर सकते हैं। वैसे तो प्रीमियम आपके इंश्योर्ड राशी से सिर्फ 0.7 फीसदी से लेकर 2 फीसदी तक ही लगता है। उदाहरण के तौर पर अगर आपने 10 लाख रुपए का वेडिंग इंश्योरेंस कराया है तो आपको 7,500 से 15,000 रुपए तक का प्रीमियम देना होता है।

  5. क्लेम लेने की प्रक्रिया क्या होगी

    अगर किसी नुकसान के क्लेम लेने की नौबत आती है तो बीमा कंपनी को यथाशीघ्र नुकसान की जानकारी दें। नुकसान की प्रकृति के हिसाब से आपको पुलिस में भी शिकायत करनी पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में बीमा कंपनी को एफआईआर की कॉपी देनी पड़ेगी। कंपनी को सूचना देने के अलावा आपको क्लेम फॉर्म जमा देना पड़ेगा। इसमें नुकसान का विवरण भरना होता है। कितने का नुकसान हुआ यह बताने के लिए जरूरी कागजात भी देने पड़ेंगे। उसके बाद बीमा कंपनी उसका आकलन करेगी। 

    नोट: जब भी आप इस तरह का इंश्योरेंस लें तो इस बात विशेष ध्यान रखें कि इसमें क्या-क्या कवर नहीं हो रहा है और अलग-अलग कंपनियों की पॉलिसियों की तुलना भी कर लें।

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