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कैश की किल्लत के कारण विदेशों में फंसे यस बैंक के 40 हजार कस्टमर, प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड के काम न करने के कारण हो रही परेशानी

एक वर्ष पहले
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यूटिलिटी डेस्क. यस बैंक का संकट सामने आने के बाद इसका प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड इस्तेमाल करने वाले करीब 40 हजार भारतीय यात्री और स्टूडेंट विदेश में फंस गए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा यस बैंक पर पाबंदी लगाने के कारण इसका प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड से ग्राहक पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं। यस बैंक संकट के चलते विदेश में फंसे लोग ट्विटर और एसओएस (SOS) मेसेज के जरिए मदद मांग रहे हैं। देश की महिला क्रिकेट टीम की पूर्व सदस्य स्नेहल प्रधान भी इसी वजह से ऑस्ट्रेलिया में फंस गई हैं।

कंपनी ने लोगों को धैर्य रखने को कहा
यस बैंक के सहयोगी बुकमायफॉरेक्स डॉट कॉम को भी ट्विटर पोस्ट में टैग किया जा रहा है। बुकमायफॉरेक्स ने लोगों के ट्वीट का जवाब देते हुए  ग्राहकों को धैर्य रखने की सलाह दी है और कहा है कि आरबीआई और यस बैंक के साथ बातचीत कर रही है। जल्द कोई हल निकलने की संभावना है। यस बैंक ने एटीएम के माध्यम से भुगतान शुरू करने की बात कही है। बैंक के ग्राहक इसके या दूसरे बैंक के एटीएम से तक राशि निकाल सकते हैं।

क्या है फॉरेक्स कार्ड?
फॉरेक्स कार्ड ड्राफ्ट की तरह फॉरेक्स प्रीपेड कार्ड भी प्री-पेड इंस्ट्रूमेंट (पीपीआई) होते हैं। पीपीआई एक वित्तीय उपकरण है, जिसमें पहले से पैसे डाल कर रखे जा सकते हैं। इस पैसे से वस्तु और सेवाएं खरीदी जा सकती है। पीपीआई से दोस्त या रिश्तेदार, आदि को पैसे भी भेजे जा सकते हैं। अभी देश में तीन प्रकार के पीपीआई काम कर रहे हैं। ये हैं सेमी क्लोज्ड सिस्टम पीपीआई, क्लोज्ड सिस्टम पीपीआई और ओपन सिस्टम पीपीआई। पीपीआई को कार्ड और मोबाइल वॉलेट के रूप में जारी किया जा सकता है।


एसओएस मेसेज क्या
है
एसओएस (SOS) की फुल फॉर्म सेव योर सोल्स (Save Our Souls) होती है। यह संकट के वक़्त दिया जाने वाला सिग्नल होता है। यह एक मोर्स कोड है जिसे खतरे को सिग्नल करने के लिए एक परेशानी कोड के रूप में उपयोग किया जाता है। कोड सिग्नल देता है कि एक व्यक्ति खतरे में है और उसे तुरंत मदद की ज़रूरत है।

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