नियम / मुसीबत के समय विदेश में कैश बैकअप देता है बैंक



bank gives cash backup abroad in times of trouble
X
bank gives cash backup abroad in times of trouble

  • आपके हितों रक्षा के लिए बैंकों में शून्य-देयता नीति होती है।
  • इस नियम में खाते से होने वाले फर्जी भुगतान को कवर दिया जाता है।
  • यह तभी मिलता है, जब आप समय रहते रिपोर्ट दर्ज कराते हैं।

Dainik Bhaskar

Aug 23, 2019, 02:58 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. जब आपको डेबिट/क्रेडिट कार्ड जारी किया जा रहा हो तो इनसे संबंधित नीतियों को ध्यान से पढ़ें। आरबीआई के नियम के अनुसार किसी ग्राहक ने एटीएम/क्रेडिट कार्ड चोरी होने की रिपोर्ट लिखावाई होती है तो उसके बाद ग्राहक से होने वाली धोखाधड़ी की जिम्मेदारी संबंधित बैंक की होती है। वैसी स्थिति में कार्ड का दुरुपयोग कर ग्राहक के खाते से कोई भुगतान करा लेता है तो उस नुकसान का भार ग्राहक पर नहीं पड़ता है।

यदि आप अपने साथ हुई धोखाधड़ी को साबित कर देते हैं तो बैंक या क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता विवादित लेनदेन की राशि आपको लौटा देगा। लेकिन इन प्रक्रियाओं में कुछ समय लगता है। हां, रिपोर्ट दर्ज करने से पहले यदि कार्ड से भुगतान होता है या खाते से राशि निकाल ली जाती है तो इसका जिम्मेदार बैंक नहीं, ग्राहक होगा। इसलिए ऐसे मामलों में की गई रिपोर्ट्स की कॉपी काम आती है।
 

एक ही कार्ड में डेबिट और क्रेडिट 

ज्यादा कार्ड रखने से बचने के लिए कुछ बैंकों ने ऐसा कार्ड पेश किया है, जो डेबिट और क्रेडिट कार्ड दोनों का काम करेगा। इस कार्ड में दो चिप और दो मैग्नेटिक स्ट्रिप होती हैं, जिससे एक साइड डेबिट और दूसरा साइड क्रेडिट कार्ड की तरह इस्तेमाल होगा।

खोए हुए कार्ड को कैसे खोजें?

  1. 16 अंकों का यूनिक कार्ड नंबर बताकर बैंक व पुलिस को रिपोर्ट कर तत्काल ट्रांजेक्शन रुकवा दें। पुलिस रिपोर्ट की एक कॉपी बैंक को भी दें। ऐसे मामले में वही कार्डमिलने के चांस कम रहते हैं। ज्यादातर मामलों में शुल्क लेकर नया कार्ड जारी किया जाता है। 

  2. कार्ड प्रोटेक्शन प्लान क्या है?

    • कार्ड खो जाए, फ्रॉड ट्रांजेक्शन हो जाए तो बैंक एक लिमिट तक आपको

    ट्रांजेक्शन का पैसा रिफंड करता है। विदेश में ऐसी परेशानी आ जाए तो
    आपकी क्रेडिट के अनुसार बैंक आर्थिक सहायता भी देता है। आपके बैंक में यह सुविधा नहीं है तो अलग से प्लान लें।

  3. एटीएम खो जाने पर खाते की सुरक्षा कैसे करें?

    • सबसे पहले अपने नेट बैंकिंग के दोनों पासवर्ड बदल दें। फिर पूरी राशि

    अपने दूसरे किसी खाते में ट्रांस्फर कर दें। यदि दूसरा खाता नहीं है तो बैंक और पुलिस को तत्काल सूचना देकर कार्ड से ट्रांजेक्शन रुकवाने का ऑप्शन तो है ही।

  4. इंटरनेट बैंकिंग के वक्त क्या सावधानी जरूरी है?

    • ट्रांजेक्शन करते वक्त सेव डिटेल्स के ऑप्शन को अनचेक ही रखें। हो सकता

    है कि कार्ड डिटेल्स ऑनलाइन सेव हो जाए, जिसके जरिये आपके अकाउंट से कोई फ्रॉड कर ले।

  5. इंटरनेशनल डेबिट कार्ड पर वार्षिक शुल्क लगता है क्या?

    • बैंकों के शुल्क अलग-अलग हैं। वैसे यह कार्ड सेवा न्यूनतम 110/- रु.वार्षिक है। कुछ बैंक पहले वर्षनि:शुल्क सेवा देते हैं, दूसरे वर्ष से शुल्क लेते हैं।

  6. मैं अपने डेबिट कार्ड से कितने खाते लिंक कर सकता हूं?

    • आप अपने डेबिट कार्ड से चार खाते लिंक कर सकते हैं।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना