पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Utility
  • Income Tax ; Tax ; Tenant ; Kirayedar ; The Tenant Has Not Paid The Rent, So Now You Will Not Have To Pay Income Tax On It

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

टैक्स की बात:किरायेदार ने नहीं दिया है किराया तो अब आपको इस पर नहीं देना होगा इनकम टैक्स

नई दिल्ली3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
यह निर्णय उन लोगों के लिए राहत देने वाला है जिनके किरायेदार कोरोना के कारण किराया नहीं दे पा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें इस पर टैक्स देना पड़ रहा है - Dainik Bhaskar
यह निर्णय उन लोगों के लिए राहत देने वाला है जिनके किरायेदार कोरोना के कारण किराया नहीं दे पा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें इस पर टैक्स देना पड़ रहा है
  • इनकम टैक्‍स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) की मुंबई बैंच ने अपने हालिया आदेश में यह स्पष्ट किया है
  • पहले किरायेदार के किराया न देने पर भी इसे सालाना आय में जोड़ा जाता था और ये टैक्सेबल भी होता था

इनकम टैक्‍स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) की मुंबई बैंच ने किराए से होने वाली आय पर लगने वाले टैक्स को लेकर अपने हालिया आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि किसी संपत्ति के मालिक को किरायेदार किराया नहीं दे रहा है तो संपत्ति के मालिक को उस इनकम पर टैक्स नहीं भरना होगा। यह निर्णय उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी जिनके किरायेदार कोरोना के कारण किराया नहीं दे पा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें इस पर टैक्स देना पड़ रहा है। किसी प्रॉपर्टी से किराये की आय पर 'हाउस प्रॉपर्टी से आय' के तहत कर लगाया जाता है।

क्या है आदेश?
इनकम टैक्‍स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) की मुंबई बैंच के आदेश के अनुसार अगर किसी के मकान में कोई किरायेदार रह रहा है जो 10 हजार रुपए किराया देता है। मान लीजिए उसने वित्त वर्ष 2020-21 के 12 महीनों में सिर्फ 8 महीने का ही किराया दिया है, और बाकी 4 महीने का किराया बाद में देने को कहा है।

यानी उस साल आपकी किराये से कुल आय 1 लाख 20 हजार रुपए होनी चाहिए लेकिन वो सिर्फ 80 हजार रुपए ही रही तो 80 हजार को ही उस वित्त वर्ष की किराये से आय माना जाएगा। अगर किरायेदार इन 4 महीनों का किराया यानी 40 हजार रुपए वित्त वर्ष 2020-21 में नहीं दे पता है तो मकान मालिक को इस पर इनकम टैक्स नहीं देना होगा।

ट्रिब्यूनल ने क्या कहा?

ट्रिब्यूनल ने एक मामले की सुनवाई के बाद अपने निर्णय में कहा कि किराये पर टैक्स तभी लगाया जाना चाहिए जबकि करदाता ने ऐसा किराया प्राप्त कर लिया हो या प्राप्त करने वाला हो या प्राप्त करने की पूर्ण निश्चितता हो l इस केस में करदाता को किरायेदार से किराया प्राप्त करने की कोई उम्मीद नहीं है अतः ऐसे किराये पर आयकर विभाग द्वारा टैक्स लगाया जाना पूर्णतः गलत तथा अवैधानिक है तथा ऐसा एडिशन डिलीट किया जाएl

पहले क्या होता था?

पहले इस स्थिति में ये मान लिया जाता था कि मकान मालिक को तो किराया मिलना ही है इसीलिए उससे उसी वित्त वर्ष में किराये की आय पर लगने वाला टैक्स वसूला जाता था। लेकिन अब ये माना गया है कि हो सकता है कि किरायेदार अगर किराया दे ही नहीं पता है तो मकान मालिक पर टैक्स का बोझ डालना गलत है। इसीलिए जो किराया मिला ही नहीं है उसे आपकी सालाना इनकम में नहीं जोड़ा जाएगा।

मरम्मत के लिए किरायेदार से वसूले गए पैसों को भी माना जाएगा आय
हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने एक फैसला सुनाया है जिसके अनुसार किरायेदार के मकान खाली करने के बाद उससे मकान के डैमेज होने पर मरम्मत के लिए लिया गया पैसा भी इनकम टैक्स के दायरे में आएगा। इसे भी प्रॉपटी से हुई आय ही माना जाएगा।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज आप बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से अपने काम संपन्न करने में सक्षम रहेंगे। सभी का सहयोग रहेगा। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी। घर के बड़े बुजुर्गों का मार्गदर्शन आपके लिए सुकून दायक रहेगा। न...

और पढ़ें